ऋतुराज, राजस्थान, भारत

10 फरवरी 1940, भरतपुर, राजस्थान में जन्म | हिन्दी कविता का अग्रणी नाम | अब तक तेरह कविता संग्रह प्रकाशित | इसके अलावा एक छोटी-सी समीक्षा पुस्तक, एक संपादित कविता संकलन, एक डायरी भी आयी है। लेखन-कार्य निरन्तर 1960 से जारी है । पहला कविता संग्रह, ‘‘मैं आंगिरस’’, एक मरणधर्मा और अन्य, कितना थोड़ा वक्त, पुल पर पानी, अबेकस, नहीं प्रबोधचन्द्रोदय, सुरत निरत, लीला मुखारविंद, आशा नाम नदी, कवि ने कहा, स्त्रीवग्ग, फेरे, हम उत्तर मुक्तिबोध हैं (कविता संग्रह) लज्जाराम महता (समीक्षा), कविता की बात (संपादन), चीन डायरी (डायरी) प्रकाशित और चर्चित | ऋतुराज सुधीन्द्र, मीरा, सोमदत्त परिमल, पहल, बिहारी, सुब्रमण्य भारती, परिवार, शमशेर, कन्हैयालाल सेठिया, घासीराम वर्मा सम्मानों से समावृत हो चुके हैं । भाषा-विशेषज्ञ के पद पर तीन वर्षों (1993-94,1997-99) तक चीन प्रवास में चाइना रेडियो इन्टरनेशनल के साथ कार्यरत रहे।

नवल शुक्ल, मध्यप्रदेश, भारत

27 जनवरी 1958 को तिवारी डीह, पलामू, बिहार में जन्म | कवि, लेखक, संपादक आदिवासी और लोक-कलाओं के अध्येता | दसों दिशाओं में (काव्य संग्रह) नदी का पानी तुम्हारा हैं, बच्चा अभी दोस्त के साथ उड़ रहा हैं (बाल कविता संग्रह) प्रकाशित | ‘तिलोका वायकान’ उपन्यास प्रकाशनाधीन | बस्तर की माड़िया और जनजातीय, धातु शिल्प, वासुदेवा गायिकी पर मोनोग्राफ प्रकाशन | जर्मनी और इंग्लैंड की सांस्कृतिक यात्राएं | अनेक पत्रिकाओं का सम्पादन | सम्प्रति – निदेशक साहित्य अकादमी तथा ‘साक्षात्कार’ के सम्पादक |

आरती, मध्यप्रदेश, भारत

24 अक्टूबर 1977 को जन्म | शिक्षा – एम.ए. (हिंदी साहित्य), पी.एच.डी. | कई मीडिया संस्थानों में काम | माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की त्रैमासिक दो पत्रिकाओं 'मीडिया मीमांसा' और 'मीडिया नवचिंतन' के कई अंको का  संपादन | पिछले 8 सालों से "समय के साखी" साहित्यिक पत्रिका का संपादन | समकालीन साहित्यिक, राजनीतिक परिवेश और स्त्री विषयक मुद्दों पर प्रमुख रूप से लेखन | लगभग सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में कविता और लेख प्रकाशित| एक कविता संग्रह "मायालोक से बाहर" प्रकाशित | इन दिनों रबीन्द्र टैगोर विश्वविद्यालय से संबद्ध |

डॉ. अनुराग सीठा, मध्यप्रदेश, भारत

डॉ. अनुराग सीठा विगत 30 वर्षों से सूचना प्रौद्योगिकी में हिन्दी के प्रयोग के क्षेत्र में कार्यरत है। 90 के दशक में डी.टी.पी. के लिए हिन्दी फोन्ट्स का निर्माण, हिन्दी भाषा के कन्वर्टर का विकास, हिन्दी भाषा में ई-प्रशासन से संबंधित सॉफ्टवेयर सूचना-मित्र का विकास किया जिसे आइसेक्ट के साथ मिलकर कई जिलों में प्रयोग किया गया। वर्ष 2002 में इंडलिनक्स समूह के मुख्य सदस्य के रुप में मानक हिन्दी यूनिकोड का प्रयोग करते हुए लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के हिन्दी इंटरफेस का निर्माण किया । वर्ष 2006 में हिन्दी-अंग्रेजी भाषा युग्म पर आधारित भारत के पहले क्रॉस लैग्वेज इन्फर्मेशन रिट्रीवल (CLIR) सर्च इंजन का निर्माण किया जो लगभग 85 प्रतिशत शुद्धता के साथ इंटरनेट पर उपस्थित हिन्दी दस्तावेजों की खोज करता था। आपने वर्ष 2014 में 2 लाख हिन्दी शब्दों के साथ यूनिकोड आधारित भारत के प्रथम ओपन सोर्स हिन्दी के स्पैल चैकर (वर्तनी जॉच सॉफ्टवेयर) का विकास किया । वर्ष 2018 में इसे और अधिक उन्नत कर इसे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड तथा लिब्रेऑफिस एवं ओपन ऑफिस के एड- इन एवं प्लग-इन के रुप में तैयार किया जिसमें 4 लाख से अधिक शब्द है । डॉ. सीठा ने कम्प्यूटर तथा संबंधित विषयों पर स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए हिन्दी भाषा में 20 से अधिक पुस्तकों का लेखन। वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्तर के हिन्दी सूचना प्रौद्योगिकी पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अनुराग सीठा वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में प्राध्यापक, कम्प्यूटर विज्ञान तथा अनुप्रयोग पद पर कार्यरत है।

डॉ. देवेंद्र दीपक, मध्यप्रदेश, भारत

31 जुलाई 1934 को जन्म | एम.ए. (हिंदी, अंग्रेजी), पीएच.डी., विशारद, साहित्यरत्न । सूरज बनती किरण, बंद कमरा-खुली कविताएँ, भूगोल राजा का : खगोल राजा का, मास्टर धरमदास, हम बौने नहीं, दबाव, वीथिका, कुंडली चक्र पर मेरी वार्ता, संत रविदास की आत्मकथा प्रभुजी तुम चंदन हम पानी प्रकाशित कृतियाँ । सार्थक, अत्यल्प, छदम-प्रणाम, शुक्लोत्तर हिंदी-निबंध, हिंदी-रचना और प्रयोग-1, पुण्यस्मरण शीतलप्रसाद तिवारी ग्रंथ, साहित्य-सलिला, पथिक, भारतवर्ष, वन्या, चेतना का अंबिकापुर विशेषांक, प्रेरणादीप, साक्षात्कार का संपादन | साहित्य शिरोमणि, साहित्य मनीषी, हिंदीसेवा साहित्यकार सम्मान, शिक्षक साहित्यकार सम्मान, साहित्य वागीश, नागरिक सम्मान, भारत भारती सम्मान, समन्वय सारस्वत सम्मान, डॉ० अंबेडकर फैलोशिप (दिल्ली), अभिनव शब्दशिल्पी, लायंस शिक्षक समान, डॉ. राहुल सांकृत्यायन साहित्य महोपाध्याय, दलित विशिष्ट सेवा समान, कलामंदिर समान, संत रविदास सम्मान, डॉ. अंबेडकर आदित्य सम्मान, तुलसी सम्मान, विचित्रकुमार सिन्हा स्मृति सम्मान, सृजन समान, करवट कलासाधक सम्मान, साहित्य शिखर सम्मान, हिंदी परिषद् सम्मान, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित |

डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी, उत्तरप्रदेश, भारत

16 फरवरी 1931 को बिस्कोहर, बस्ती जिला (अब सिद्धार्थनगर), उत्तरप्रदेश में जन्म। शिक्षा पहले गाँव में, फिर बलरामपुर कस्बे में, उच्च शिक्षा कानपुर और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में । पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ से पी.एच.डी. । वरिष्ठ आलोचक, कवि और गद्यकार हैं । प्रगतिशील विचारधारा से सम्बद्ध कट्टरतारहित आलोचक के रूप में आपने मुख्यतः मध्यकालीन साहित्य से लेकर समकालीन साहित्य तक की आलोचना में गहरी अंतर्दृष्टि का परिचय दिया है। जीवनी एवं संस्मरण लेखन के क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। हिन्दी आलोचना, लोकवादी तुलसीदास, प्रारम्भिक अवधी, मीरा का काव्य, हिन्दी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास , देश के इस दौर में, हरिशंकर परसाई , कुछ कहानियाँ : कुछ विचार, पेड़ का हाथ, केदारनाथ अग्रवाल का रचना लोक, जैसा कह सका, नंगातलाई का गाँव, गंगा स्नान करने चलोगे, अपना देस-परदेस, व्योमकेश दरवेश , गुरु जी की खेती-बारी, उपन्यास का अन्त नहीं हुआ है, कहानी के साथ-साथ, आलोचक का सामाजिक दायित्व कुछ चर्चित रचनाएँ | अनेक पुस्तकों का संपादन | सम्मान - गोकुलचंद्र शुक्ल आलोचना पुरस्कार, डॉ॰ रामविलास शर्मा सम्मान, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, साहित्य सम्मान-हिन्दी अकादमी द्वारा, शान्तिकुमारी वाजपेयी सम्मान, शमशेर सम्मान, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान व्यास सम्मान, भाषा सम्मान - साहित्य अकादमी द्वारा, मूर्तिदेवी पुरस्कार, भारत भारती सम्मान से सम्मानित |

कैलाश चन्द्र पन्त, मध्यप्रदेश, भारत

26 अप्रैल 1936 को जन्म | साप्ताहिक पत्र ‘जनधर्म’ के संस्थापक संपादक | महू में 'स्वाध्याय विद्यापीठ' की स्थापना | 22 वर्षों तक साप्ताहिक जनधर्म का नियमित प्रकाशन किया, भोपाल में किसान भवन का निर्माण और हिन्दी भवन का विकास किया | ‘कौन किसका आदमी’ और ‘धुंध के आर पार’ प्रकाशित कृतियाँ | ‘मालवांचल में कूर्मांचल’ नामक अभिनंदन-ग्रन्थ का प्रकाशन । मध्य प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में प्रतिष्ठा प्राप्त करने के अतिरिक्त राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के सहायक मंत्री रहे | 'हम भारतीय' अभियान के राष्ट्रीय संयोजक ।

पंकज मित्र, झारखण्ड, भारत

15 जनवरी 1965 को राँची, झारखंड में जन्म | कृतियाँ - क्विजमास्टर, हुडुकलुल्लु, जिद्दी रेडियो सम्मान (कहानी संग्रह), युवा लेखन का प्रथम पुरस्कार, युवा सम्मान (भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता), इसरायल सम्मान, प्रथम मीरा स्मृति पुरस्कार |

प्रेम जनमेजय, उत्तरप्रदेश, भारत

18 मार्च 1949 को इलाहबाद, उत्तरप्रदेश में जन्म | बेर्शममेव जयते , पुलिस ! पुलिस !, मैं नहीं माखन खायो, आत्मा महाठगिनी , मेरी इक्यावन व्यंग्य रचनाएं, शर्म मुझको मगर क्यों नहीं आती !, डूबते सूरज का इश्क, कौन कुटिल खल कामी, मेरी इक्यावन श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएं, ज्यों ज्यों बूड़े श्याम रंग, संकलित व्यंग्य, कोई मैं झूठ बोलया, लीला चालू आहे , भ्रष्टाचार के सैनिक प्रसिद्ध रचनाएँ। कई व्यंग्य रचनाकरों के संचयन का संपादन । शरद जोशी राष्ट्रीय सम्मान, स्पंदन साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान, हरिशंकर परसाई स्मृति सम्मान, त्रिनिदाद शिखर सम्मान से सम्मानित | सम्प्रति : व्यंग्य यात्रा पत्रिका का संपादन |

जयनंदन, झारखण्ड, भारत

26 फरवरी 1956, को मिलकी, नवादा, बिहार में जन्म | कृतियाँ - श्रम एव जयते, ऐसी नगरिया में केहि विधि रहना, सल्तनत को सुनो गाँववालो (उपन्यास) | सन्नाटा भंग, विश्व बाजार का ऊँट, एक अकेले गान्ही जी, कस्तूरी पहचानो वत्स, दाल नहीं गलेगी अब, घर फूँक तमाशा, सूखते स्रोत, गुहार, गाँव की सिसकियाँ (कहानी संग्रह) | नेपथ्य का मदारी, हमला, हुक्मउदूली (नाटक) | सम्मान - राधाकृष्ण पुरस्कार, विजय वर्मा कथा सम्मान, बिहार सरकार राजभाषा सम्मान, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, झारखंड सरकार साहित्य सेवी सम्मान से सम्मानित |

राजीव वर्मा, महाराष्ट्र, भारत

28 जून 1949 को होशंगाबाद, मध्यप्रदेश में जन्म | मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से अपनी वास्तुकला (आर्किटेक्ट) की उपाधि | उन्होंने दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में अर्बन डिज़ाइन में मास्टर्स किया और उनकी शादी रीता भादुड़ी वर्मा से हुई । फि़ल्म, टेलीविज़न और रंगमंच पर चार दशकों से भी अधिक समय से सक्रिय राजीव वर्मा चर्चित और लोकप्रिय अभिनेता हैं। वे भोपाल रंगमंच के शुरुआती समय के अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने शौकिया रंगकर्म के बाद पेशेवर अभिनय को अपनाया। ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘कोई मिल गया’, हम साथ साथ हैं’, ‘कच्चे धागे’, ‘आरक्षण’ जैसी कई सफल फि़ल्मों में उन्होने यादगार अभिनय किया है। ‘चुनौती’, ‘मुजरिम हाजिर हो’, ‘मिसेस कौशिक की पाँच बहुएँ’, ‘हिना’, ‘संजीवनी’, ‘हसरतें’ आदि उनके सफल टीवी धारावाहिकों में हैं। वे इन दिनों अपने रंग समूह ‘भोपाल थिएटर’ के साथ रंगकर्म, निर्देशन व अभिनय में सक्रिय हैं।

भूपेंद्र कुमार अस्थाना ,आजमगढ़ , उत्तर प्रदेश ,भारत (युवा चित्रकार, लेखक एवं क्यूरेटर)

जन्म 10 जनवरी 1985, बिंद्रा बाज़ार आजमगढ़ ,उत्तर प्रदेश भारत। 2012 में कला एवं शिल्प महाविद्यालय, ललित कला संकाय ,लखनऊ विश्वविद्यालय ,लखनऊ उत्तर प्रदेश से दृश्य कला में मास्टर्स । लगभग 10 वर्षों से लखनऊ में स्वतंत्र चित्रकार,कला लेखक के रूप में कार्य । विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं , कैटेलॉग, कई पोर्टल ब्लॉग पर कला और कलाकारों पर लेखन । राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश द्वारा 2011 में राज्य पुरस्कार, एवं राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश द्वारा 2012-12 में छापाकला एवं ललित कला अकादमी नई दिल्ली द्वारा लेखन कार्य में 2018-19 में " कला संयोजन एवं प्रलेखन " में छात्रवृत्ति प्राप्त । 2014 से आर्ट क्यूरेशन का भी कार्य, जिसमे कला से जुडी हुई कलात्मक गतिविधियां वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों के चित्रों की प्रदर्शनी, संगोष्ठी , डिजिटल प्रजेंटेशन आदि । देश के अन्य प्रदेशों में बड़ी संख्या में सामूहिक प्रदर्शनियों और कला शिविरों में भाग । कला स्रोत एवं नादरंग हिंदी कला पत्रिका में सह-संपादक के रूप में भी कार्य

किश्वर देसाई, महाराष्ट्र, भारत

1 दिसंबर 1956 को जन्म | लेखक, स्तंभकार और द आर्ट्स एंड कल्चरल हेरिटेज ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं जिन्होंने अमृतसर के टाउन हॉल में दुनिया का पहला विभाजन संग्रहालय स्थापित किया है। उन्होंने ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर के बाहर महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित करने में भी मदद की। उनके पहले उपन्यास, विटनेस द नाइट ने 2010 में बेस्ट फ़र्स्ट नोवेल और उनके नाटक मंटो के लिए कोस्टा बुक अवार्ड जीता | वर्ष 1999 में उनके नाटक ‘मंटोल, ने सर्वश्रेष्ठ नाटक के लिए TAG ओमेगा अवार्ड जीता । एक लेखक बनने से पहले, उन्होंने बीस वर्षों तक टेलीविजन में एंकर और निर्माता के रूप में काम किया

नीरज खरे, मध्यप्रदेश, भारत

1 दिसम्बर, 1969 को अजयगढ़, जिला-पन्ना, मध्यप्रदेश में जन्म । यहीं विद्यालयीन शिक्षा । डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से भौतिकी में एम.एस.सी. के बाद हिंदी में एम.ए. और पीएच.डी., संचार एवं पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर। इन दिनों एसोसिएट प्रोफ़ेसर । ‘बीसवीं सदी के अंत में हिंदी कहानी’, ‘कहानी का बदलता परिदृश्य’ और ‘आलोचना के रंग’ आलोचना की पुस्तकें प्रकाशित |

अल्पना मिश्र, दिल्ली, भारत

18 मई 1969 में जन्म | शिक्षा - एम.ए. (हिंदी), पी-एच.डी. (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी) | रचनाएं – उपन्यास : अन्हियारे तलछट में चमका, अस्थि फूल, कहानी संग्रह : भीतर का वक्त, छावनी में बेघर, कब्र भी कैद औ जंजीरें भी, स्याही में सुरखाब के पंख, अल्पना मिश्र: चुनी हुई कहानियाँ, दस प्रतिनिधि क कहानियाँ, आलोचना : सहस्त्रों विखंडित आईने में आदमकद, स्त्री कथा के पॉच स्वर, स्वातंत्र्योत्तर कविता का काव्य वैशिष्ट्य प्रकाशित | संपादन – सहोदर : संबंधों की श्रृंखला का संपादन | सम्मान - शैलेश मटियानी स्मृति कथा सम्मान, परिवेश सम्मान, राष्ट्रीय रचनाकार सम्मान, शक्ति सम्मान, प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान, वनमाली कथा सम्मान | सम्प्रति:- अध्यापन, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली |

देवेन्‍द्र मेवाड़ी, दिल्‍ली, भारत

7 मार्च 1944 को उत्‍तराखंड के गांव कालाआगर, जिला नैनीताल में जन्‍म। विगत 5 दशकों से विज्ञान के विविध विषयों पर देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में 1500 लेख और 30 से अधिक कृतियां प्रकाशित | मेरी विज्ञान डायरी (दो भाग), मेरी प्रिय विज्ञान कथाएं, विज्ञान प्रसंग, फसलें कहें कहानी, सौरमंडल की सैर, सूरज के आंगन में, विज्ञान बारहमासा, जिनका ऋणी है, पशुओं की प्‍यारी दुनिया प्रमुख कृतियाँ । सम्‍मान/पुरस्‍कार - विज्ञान भूषण पुरस्कार, ज्ञान प्रौद्योगिकी सम्मान, परिषद् प्रयाग सम्मान, बी.एस. पद्मनाभम पुरस्कार, आत्‍माराम पुरस्‍कार, विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद के राष्ट्रीय पुरस्‍कार, दो बार भारतेंदु हरिश्‍चंद्र पुरस्‍कार, मेदिनी पुरस्‍कार तथा विज्ञान परिषद के शताब्‍दी सम्‍मान।

ब्रजेश दीक्षित, उत्‍तरप्रदेश, भारत

15 जुलाई 1958 को भरथना, इटावा, उत्‍तर प्रदेश, भारत में जन्‍म। शिक्षा - एम.एससी., बी.एड.। पेटेण्‍ट - हाइड्रोलिक कण्ट्रोल बेरियर (भारत रेल द्वारा स्वीकार), मल्टीफंक्शनल कम्पास और ई एवं डी उपकरण। एनडब्‍लूआईपीटी, आईआईटी कानपुर, भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद के स्‍थाई सदस्‍य। सम्‍मान/पुरस्‍कार - सर्वोच्‍च शिक्षक पुरस्‍कार, राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ.प्र.। संप्रति - जीव विज्ञान शिक्षक, श्री नारायण इण्‍टर कॉलेज, बडैरा, औरिया।

डॉ. जाकिर अली 'रजनीश', उत्तरप्रदेश, भारत

1 जनवरी 1975 को लखनऊ में जन्‍म। शिक्षा - एमए, पीएच.डी.। प्रकाशित कृतियां - एक वैज्ञानिक उपन्‍यास, एक विज्ञान कथा संग्रह, एक पटकथा लेखन पुस्‍त, एक वैज्ञानिकों की जीवनी, 4 बाल उपन्‍यास, 15 बाल कहानी संग्रह, 5 बाल विज्ञान कथा संग्रह, 7 अंग्रेजी बाल कहानी संग्रह, 20 इतिहास विषयक परिचयात्‍मक पुस्‍तकें, 4 नवसाक्षर पुस्‍तकें, बाल साहित्‍य की विभिन्‍न विधाओं की 8 पुस्‍तकों का सम्‍पादन। पुरस्‍कार/सम्‍मान - सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, उत्‍तर प्रदेश हिन्‍दी संस्‍थान, लखनऊ एवं रेडियो डायचे बेले, जर्मनी सहित देश-विदेश की दो दर्जन सस्‍थाओं से सम्‍मानित। संप्रति - राज्‍य कृषि उत्‍पादन मण्‍डी परिषद, उत्‍तर प्रदेश में कार्यरत।

डॉ. अरविन्‍द मिश्र, उत्‍तरप्रदेश, भारत

3 जुलाई 1957 को जौनपुर, उत्‍तरप्रदेश में जन्‍म । शिक्षा - इलाहाबाद से जीवविज्ञान में स्‍नात्‍कोतर। डिप्‍टी डायरेक्‍ट फिशरीज, उत्‍तर प्रदेश से सेवानिवृत। विज्ञान, बायोडायवरसिटी, बायोटेक्‍नॉलॉजी, साइंस फिक्‍शन तथा विज्ञान संचारक के रूप में महत्‍वपूर्ण योगदान।

शुभ्रता मिश्रा, गोवा, भारत

वनस्पति शास्त्र में शोध करने वाली डॉ. शुभ्रता मिश्रा युवा विज्ञान लेखिका हैं। साइंस वॉयर, विज्ञान प्रसार में 350 विज्ञान कथा और लेख। विज्ञान लेख आकाशवाणी से प्रसारित। अंग्रेजी में पंद्रह तथा हिन्दी में पांच पुस्तकें। जिनमें ‘भारतीय अंटार्कटिक संभारतंत्र’ काफी चर्चित। इस किताब को राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केन्द्र, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित किया गया है। कई पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. शुभ्रता गोवा में रहती हैं।

सारिका घारू, मध्‍यप्रदेश, भारत

सोहागपुर, मध्‍यप्रदेश में जन्‍म। युवा विज्ञान संचारिका और शिक्षिका | भारत सरकार के साइंस एवं टैक्नालॉजी विभाग के द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित। नेशनल एवार्ड फॉर आउटस्टेंडिंग इफोर्ट इन साइंस एंड टेक्नालाजी पापुलाराईजेशन एवं चिल्ड्रन के क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित । सम्‍प्रति - जिले के साड़िया में अध्यापक के रूप में कार्यरत। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय परिषद भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान प्रतिभा सम्मान 2015, इंडिया साइंस राइटर एसोसिएशन नईदिल्ली का मिस ईश्वा एवार्ड 2012 से सम्मानित हापर रेस सेमीनार बैकांक थाईलेंड में अपने शोध पत्र का वाचन |

डॉ. मधु पंत, दिल्ली, भारत

बाल विज्ञान संचारकों में एक महतवपूर्ण नाम। शिक्षा - विज्ञान स्नातक के बाद हिंदी साहित्य में एम.ए. और पी.एच.डी.। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय बाल भवन की करीब 17 वर्षों तक निदेशक रहीं । बच्चों में वैज्ञानिक प्रयोग-अन्वेषण की अलख जगाने वाले राष्ट्रीय मंच राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का लोकप्रिय गीत ‘हम नन्हें विज्ञानी है’ की लेखिका। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। उनकी प्रेरणादायी फिल्म ‘विज्ञान क्या है?’ के लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय एन.एच.के. अवार्ड तथा नार्वे के पर्यावरण सम्मेलन में उनकी कविता ‘पानी की कहानी’ के लिए पहला पुरस्कार प्रदान किया गया है। डॉ. मधु ने पर्यावरण संबंधी विज्ञान गीतों का लेखन कर डॉ. मधु ने उनकी ऑडियो सीडी और पुस्तक देश के 5000 स्कूलों में वितरित किये। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बच्चों में विज्ञान व प्रौद्योगिकी की भावना को लोकप्रिय बनाने हेतु उनके प्रयासों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी उन्हें सम्मानित किया है।

शुचि मिश्रा, उत्‍तर प्रदेश, भारत

20 अक्टूबर 1995 जौनपुर, उत्‍तरप्रदेश में जन्म | विगत दो-तीन वर्षों में जिन विज्ञान लेखकों ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है, उनमें शुचि मिश्रा का नाम जरूरी तौर पर शुमार होता है। उनके कुछ विज्ञान लेख देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं । शुचि का कविता के प्रति भी गहरा रुझान है । आकंठ, साक्षात्कार ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ सहित अन्य में नियमित प्रकाशन ।

संतोष चौबे, मध्यप्रदेश, भारत निदेशक, टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य और कला महोत्सव

22 सितम्बर 1954 को मध्यप्रदेश के साहित्य एवं सांस्कृतिक तीर्थ खण्डवा में जन्म | आईसेक्ट के संस्थापक और अध्यक्ष | रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के चांसलर और कला और संस्कृति के लिए टैगोर इंटरनेशनल सेंटर के अध्यक्ष । भारत के एक प्रमुख कवि, लेखक और सामाजिक उद्यमी । अब तक तीन उपन्यास, तीन कविता संग्रह, पाँच कहानी संग्रह, दो अनुवाद पुस्तकें तथा आलोचना की चार कृतियाँ प्रकाशित | दुष्यंत कुमार पुरस्कार, स्पंदन आलोचना पुरस्कार, वैली ऑफ़ वर्ड, पुरस्कार, शंकर दयाल शर्मा पुरस्कार और शैलेश मटियानी सम्मान, इंडियन इनोवेशन अवार्ड, नैसकॉम इनोवेशन अवार्ड और i4d सम्मान से सम्मानित |

राहुल देव, दिल्ली, भारत

राहुल देव, दिल्ली, भारत प्रख्यात पत्रकार। पैंतीस सालों से इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में सक्रिय। "सम्यक न्यास" के माध्यम से सामाजिक विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य, एचआईवी-एड्स, भाषा और सामाजिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने में समर्पित। प्रोडक्शन हाउस प्रारंभ करके अनेक न्यूज चैनल्स के लिए कार्यक्रम और महत्वपूर्ण वृत्तचित्र बनाये। भारतीय भाषाओं के संकट पर अनेक विमर्श एवं गोष्ठियों का आयोजन। दि पायोनियर, करेंट, दि इलस्ट्रेटड वीकली, दि वीक, प्रोब, माया, दैनिक आज के अलावा जनसत्ता में संपादक रहे। आज तक में प्रमुख रहे और दूरदर्शन, जी न्यूज, जनमत और सीएनईबी न्यूज चैनल से भी जुड़े रहे।

नासिरा शर्मा, दिल्ली, भारत

1948 में इलाहाबाद, उत्तरप्रदेश में जन्म । शिक्षा - फारसी भाषा और साहित्य में एम. ए. किया। प्रकाशित कृतियाँ - अब तक दस उपन्यास, छह कहानी संकलन, तीन लेख-संकलन प्रकाशित | सात पुस्तकों के फ़ारसी से अनुवाद | 'सारिका', 'पुनश्च' का ईरानी क्रांति विशेषांक, 'वर्तमान साहित्य' के महिला लेखन अंक तथा 'क्षितिजपार' के नाम से राजस्थानी लेखकों की कहानियों का सम्पादन। 'जहाँ फव्वारे लहू रोते हैं' के नाम से रिपोर्ताजों का एक संग्रह प्रकाशित। कहानियों पर अब तक 'वापसी', 'सरज़मीन' और 'शाल्मली' के नाम से तीन टीवी सीरियल और 'माँ', 'तडप', 'आया बसंत सखि','काली मोहिनी', 'सेमल का दरख्त' तथा 'बावली' नामक दूरदर्शन के लिए छह फ़िल्मों का निर्माण। पुरस्कार-सम्मान : उपन्यास कुइयाँजान के लिए यू॰के॰ कथा सम्मान से सम्मानित, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित

प्रोफेसर विजय कान्त वर्मा, मध्यप्रदेश, भारत

सन 1946 को चन्द्रपुर, महाराष्ट्र में जन्म | इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन, प्रबंध और कानून में स्नातक | एन.आई.टी., रायपुर, आई.आई.टी., चैन्नई, इग्नू तथा जीवाजी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर शिक्षाएं | कैरियर की शुरुआत भिलाई स्टील प्लांट से | बाद में भारतीय वायुसेना में चले गए। आप सन 2001 में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल (म.प्र.) में पदस्थ थे | सन 2005 में मध्यप्रदेश तथा उत्तरप्रदेश के कई महाविद्यालय समूहों में ग्रुप डायरेक्टर के रूप कार्यरत रहे । सन 2010 में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय प्रथम कुलपति । आपकी पहल पर बीस से अधिक देशों का पानी, ऊर्जा, पर्यावरण तथा समाज पर एक अंतर्राष्ट्रीय कंसोर्टियम का गठन हुआ | लेखन में गहरी रूचि एक कविता संग्रह ‘चिंगारियां’ शीर्षक से प्रकाशित । वर्तमान में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, पटना, बिहार के कुलाधिपति |

आशुतोष राणा, मुंबई, महाराष्ट्र

10 नवम्बर 1967 को गाडरवाडा, मध्यप्रदेश में जन्म | डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय से स्नातक एवं नेशनल स्कूल ड्रामा से अभिनय का अध्ययन | भारतीय हिन्दी सिनेमा का महत्वपूर्ण और लोकप्रिय चेहरा | जख्म, दुश्मन और संघर्ष जैसी फ़िल्मों में जीवंत अभिनय के लिये चर्चित रहे | अभिनय के आलावा लेखन – अध्ययन में रुचि | एक व्यंग्य संग्रह ‘मौन मुस्कान की मार’ प्रकाशित तथा बेस्ट सेल की सूची में शामिल | अभिनय के लिये ‘विकली अवार्ड’, ‘जी सिने अवार्ड’, सर्वश्रेष्ट खलनायक के लिये फ़िल्मफेयर पुरस्कार तथा अंतर्राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय फ़िल्म पुरस्कार से पुरस्कृत |

बद्र वास्ती, मध्यप्रदेश, भारत

31 जनवरी 1966 को भोपाल में जन्म | उर्दू और फ़ारसी में एम.ए. तथा पत्रकारिता और ऑडियो | ‘मैं कहाँ हूँ (गज़ल संग्रह) के अतरिक्त दो गद्य की पुस्तके प्रकाशित | अभिनय में गहरी रुचि के चलते कई नाटक और फ़िल्मों में अभिनय | ‘रजिया सुल्तान’ और ‘रोटी वाली गली’ नाटको का लेखन |

इन्द्रजीत कौर, उत्तरप्रदेश, भारत

गाजीपुर, उत्तरप्रदेश में जन्म । बचपन से साहित्य के प्रति रूचि व लेखन । लगभग बीस वर्षों से व्यंग्य-लेखन में सक्रिय। ‘पंजाबी सुमन’, ‘अट्टहास’ तथा अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं, एवं समाचार पत्रों में व्यंग्य प्रकाशित । आकाशवाणी और दूरदर्शन कार्यक्रम में भी भागीदारी । दो व्यंग्य संग्रह ‘ईमानदारी का सीजन’ और ‘पंचरतंत्र की कथाएं’ प्रकाशित एवं तीसरा व्यंग्य संग्रह ‘ठठेरा’ शीघ्र प्रकाश्य । ‘व्यंग्यगंधा सम्मान’, ‘सृजन सम्मान’, ‘ठाकुर प्रसाद स्मृति सम्मान’, ‘डॉ. किशोरीलाल स्मृति सम्मान’ से सम्मानित एवं वर्तमान में उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान का शरदजोशी पुरस्कार घोषित ।

ऋपसीमे नेर्सिस्थान, आर्मेनिया

19 फरवरी 1985, को आर्मेनिया गणराज्य में जन्म | येरेवान की मानविकी संस्थान, आर्मेनिया से अनुवाद-अध्ययन, हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा में डिप्लोमा | केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत से हिन्दी भाषा दक्षता डिप्लोमा | मूल रूप से अनुवादक के रूप में ख्यात | ‘बच्चों की छोटी -छोटी कविताएँ’ एवं ‘राजकुमार राम की कहानी’ पुस्तक प्रकाशित |

दयाराम सारोलिया

मालवा की लोक संस्कृति से जुड़ी वाचिक परंपरा का सुरीला परचम थामकर निर्गुण भक्ति पदों की अलख जगाने वाले दयाराम सारोलिया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधि स्वर है। मालवांचल के देवास ज़िले के समीप एक गाँव में जन्में दयाराम ने बाबूलाल सारोलिया, कैलाश सोनी, हेमंत चौहान और स्वतंत्र कुमार ओझा जैसे लोक सिद्ध हस्ताक्षरों से आध्यात्मिक संगीत की प्रेरणा ग्रहण की और मानवीयता का सनातन उद्घोष करने एक लंबी सांस्कृतिक यात्रा पर निकल पड़े। दूरदर्शन और आकाशवाणी से लेकर सार्वजनिक मंचों के ज़रिये दयाराम ने सामाजिक जनजागरण का अभियान जारी रखा है। सन 2004 में पाकिस्तान में आयोजित अमन मेले में भागीदारी।

भीमन्ना जाधव

भीमन्ना 4 वर्ष की आयु से ही दुर्लभ वायु यंत्र ‘सुन्द्री’ वादन में निष्णात हैं जिसकी शिक्षा उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय पं. सिद्धराम जाधव और अपने पिता स्वर्गीय पं. चिदानंद जाधव से प्राप्त की. उन्होंने 7 साल की उम्र में अपने वादन की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी और युववाणी के लिए अपना पहला प्रसारण किया। तब से उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो [AIR] पुणे, सोलापुर, नागपुर, ग्वालियर, भोपाल, गुंटूर, गुलबर्गा और दिल्ली और दूरदर्शन मुंबई, नागपुर, भोपाल और दिल्ली में प्रस्तुतियां दी हैं. उन्होंने बैंगलोर में भारतीय दुर्लभ शास्त्रीय वाद्य वादन समारोह में, बेहट में तानसेन समरोह, ग्वालियर और पुणे में सवाई गंधर्व महोत्सव सहित कई प्रतिष्ठित समारोहों में प्रस्तुतियां दी हैं ।

सुशील शुक्ल

सुशील, तक्षशिला बाल-साहित्य और बाल कला केंद्र, एकतारा, के निदेशक हैं। इसके अलावा, बच्चों के लिए निकलने वाली दो पत्रिकाओं- प्लूटो और साइकिल के सह-संपादक भी हैं। वे पिछले एक दशक से चकमक के संपादक थे। बच्चों के साहित्य के क्षेत्र से वे पिछले 18 वर्षों से जुड़े हुए हैं। सुशिल शुक्ल एक लेखक और कवि हैं और उनके खाते में 10 किताबें हैं, सबसे हाल ही में एकलव्य के साथ ‘चिकनी चू’ नामक उनकी पुस्तक प्रकाशितु हुई है. सुशील शुक्ल, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) के सलाहकार के भी हैं। वे उन प्रमुख लोगों में से एक हैं जिन्होंने युवा चित्रकारों और कलाकारों के लिए रियाज़ अकादमी की अवधारणा और योजना का गठन किया है।

त्रिपुरारी शर्मा

1956 में जन्मीं त्रिपुरारी शर्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से निर्देशन में डिप्लोमा पूरा किया। वे एक नाटककार, अनुवादक और प्रतिनिधि हैं और उन्होंने भारत और विदेशों में बच्चों के लिए नाटक वर्कशॉप और रंगकर्म का संचालन किया है। उन्होंने ‘बहू’, ‘बिरसा मुंडा’, ‘अक्स पहेली’, ‘बाँझ घटी साजा’, ‘काठ की गाड़ी’, ‘लाल लाल हाथी’, और, ‘खुद को हैलो’ आई.पी. जैसी संस्थाओं के लिए लिखा और निर्देशित किया है। कॉलेज, एस.आर.सी रिपर्टरी, छत्तीसगढ़ नाट्य कला मंच, महिला और मीडिया समूह-दिल्ली, भारत भवन, रंगमंडल भोपाल, एनएसडी रिपर्टरी और टी.आई.ई कंपनी। उन्होंने समालोचकों द्वार प्रशंसित फिल्मों जैसे ‘मिर्च मिसाला’ और ‘हज़ार चौरसिया की माँ’ की पटकथाएँ लिखी हैं और किशोर बालकों की विषय-वस्तु पर कुछ लघु फ़िल्मों का सह-निर्देशन भी किया है और नुक्कड़ नाटक से जुड़ी रही हैं। सुश्री शर्मा ने अपने समूह के साथ नॉर्वे, इंग्लैंड और पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की, 1988 में पहली महिला नाटककार सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें 1986 में दिल्ली में संस्कृत पुरस्कार, 1990 में दिल्ली नाट्य संघ और 2012 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इंक बैंड

इंक बैंड भारत का पहला कविता बैंड है। कविता के लिए बैंड के गठन के विचार की पृष्ठभूमि मूलतः संगीत के माध्यम से कविता की व्याख्या करना था। इरशाद कामिल के अनुसार, एक गाना, एक गीत के बोलों की व्याख्या करने में असमर्थ है क्योंकि ज्यादातर गीतों को स्थिति और रचना के अनुसार लिखा जाता है - जिसे कविता के रूप में जाना जाता है। लेकिन, हमारा बैंड संगीत के माध्यम से कविता को उसके शुद्ध रूप में व्याख्यायित करता है '। इसी सोच के आधार पर इंक बैंड की स्थापना हुई।

इरशाद कामिल

इरशाद कामिल एक भारतीय कवि और गीतकार हैं जो भारतीय फिल्म उद्योग में काम करते हैं। समकालीन हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध गीतकारों में से एक इरशाद कामिल एक उच्च्ताम श्रेणी के गीतकार हैं। उनकी पकड़ सभी विधाओं पर है और उनकी शब्द-क्रीड़ा आसानी से जीवन, दर्शन, रोमांस, देशभक्ति, संवेदनशीलता और सूफीवाद के क्षेत्रों की यात्रा करती है। यह शब्द-क्रीड़ा सरल शब्दों और गहरे विचारों का रंग है जो उनके लेखन को चित्रित करता है। तीन फिल्मफेयर जीतने के अलावा, उन्हें स्क्रीन, आईफा, जी सिने, अप्सरा, जीआईएमए, मिर्ची म्यूजिक, बिग एंटरटेनमेंट और ग्लोबल इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होनें ‘तमाशा’, ‘रॉकस्टार’, ‘रांझणा’ और ‘सुल्तान’ आदि फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं. वे एक मनोरंजक साहित्यकार भी हैं, जो साहित्यिक पत्रिकाओं और ख्याति के समाचार पत्रों के लिए बड़े पैमाने पर लिखना जारी रखते हैं।

आबिद सुरती, गुजरात, भारत

05 मई, 1935 को राजुला, गुजरात में जन्म। कहानीकार, उपन्यास, नाटककार, व्यंग्यकार, चित्रकार व कार्टूनिस्ट के रूप में प्रसिद्ध। चर्चित कार्टून पात्र `ढब्बू जी’ के सृजनकर्ता । तीसरी आँख, आतंकित, दस प्रतिनिधि कहानियाँ, बिजलियाँ, धूप—छाँव (कहानी—संग्रह), कथावाचक, कैबरे डांसर, कोरा कैनवास, काली किताब, आदमी और चूहे, बहत्तर साल का बच्चा, खोया हुआ चेहरा, काले गुलाब, दाग, दस्तूर आदि (उपन्यास), नारी परीक्षा, राधे—राधे हम सब आधे (नाटक) प्रकाशित तथा नवाब रंगीले, डॉ. टिंचू के चमत्कार, बुद्ध क्यों मुस्कुराए, 2500 साल के बाद (बाल—साहित्य), मुसलमान (आत्मकथा), मूँछों वाली बेगम (नाटक) समेत हिन्दी, गुजराती और अंग्रेजी में लगभग अस्सी अन्य पुस्तकें प्रकाशित । सौहार्द्र सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, हिन्दी साहित्य संस्था सम्मान एवं गुजरात गौरव सम्मान से सम्मानित। आप महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में भी पानी बचाओ मुहिम में सक्रिय रहे।

कुणाल सिंह, पश्चिम बंगाल, भारत

22 फरवरी, 1980 को हुगली, पश्चिम बंगाल, में जन्म । प्रेसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता से हिन्दी साहित्य में एम.ए., जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली से एम.फिल.। सनातन बाबू का दाम्पत्य, रोमियो जूलियट और अँधेरा, इतवार नहीं (कहानी-संग्रह), आदिग्राम उपाख्यान (उपन्यास)। विश्व सिनेमा पर कुछ आलेख प्रकाशित। सिनेमा पर एक पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य। कहानियाँ बांग्ला, उर्दू, ओड़िया, गुजराती, मलयालम, अँग्रेजी, जर्मन तथा इतालवी में अनूदित। इटली के एक विश्वविद्यालय में एक कहानी तुलनात्मक साहित्य के पाठ्‌यक्रम में शामिल। विभिन्न समयों में कविताई, वागर्थ, वाव्‌, नया ज्ञानोदय आदि पत्रिकाओं के सम्पादकीय विभाग से सम्बद्ध । शरच्चन्द्र चट्‌टोपाध्याय के उपन्यास ‘देवदास’ का अनुवाद पुस्तकार प्रकाशित। बांग्ला की कुछ समकालीन कहानियों का अनुवाद । साहित्य अकादेमी का युवा पुरस्कार, भारतीय ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार (दो बार), भारतीय भाषा परिषद का युवा पुरस्कार, कथा अवार्ड, कृष्णबलदेव वैद फेलोशिप आदि से सम्मानित।

चंदन पाण्डेय, उत्तरप्रदेश, भारत

09 अगस्त 1982, पटखौली, देवरिया, उत्तरप्रदेश में जन्म । भूलना, इश्कफरेब, जंक्शन (कहानी- संग्रह) प्रकाशित । ‘नई बात’ ब्लॉग का संचालन-संपादन। देश की सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कहानियाँ प्रकाशित और चर्चित रहीं। ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार, कृष्ण बलदेव वैद फैलोशिप, शैलेश मटियानी कथा पुरस्कार से सम्मानित।

पंकज सुबीर, मध्यप्रदेश, भारत

11 अक्टूबर 1975 को सिवनी मालवा, मध्यप्रदेश में जन्म। ईस्ट इंडिया कम्पनी, महुआ घटवारिन, कसाब डॉट गाँधी एट यरवदा डॉट इन, चौपड़े की चुडै़लें (कहानी-संग्रह), ये वो सहर तो नहीं, अकाल में उत्सव, जिन्हें जुर्म—ए—इश्क पे नाज था (उपन्यास) प्रकाशित। नई सदी का कथा समय, बारह चर्चित कहानियाँ, विमर्श—दृष्टि। विभोम स्वर, शिवना साहित्यिक पत्रिका का संपादन। प्रेमचंद सम्मान, इंदु कथा सम्मान, राजेन्द्र यादव कथा सम्मान, भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन सम्मान, स्पंदन कृति सम्मान, वनमाली युवा कथा सम्मान से सम्मानित।

धनंजय वर्मा,

14 जुलाई, 1935 में जन्म । हिन्दी के महत्त्वपूर्ण कथाकार और आलोचक के रूप में प्रतिष्ठित। निराला : काव्य और व्यक्तित्व, आस्वाद के धरातल, निराला—काव्यः पुनर्मूल्यांकन, हस्तक्षेप, आलोचना की रचना यात्रा, आधुनिकता के बारे में तीन अध्याय, आधुनिकता के प्रतिरूप, समावेशी आधुनिकता, हिन्दी कहानी का रचना—शास्त्र, कहानी का सफरनामा, परिभाषित परसाई, लेखन की आजादी, आलोचना के सरोकार, परम अभिव्यक्ति की खोज, आलोचना की जरूरत, आलोचना का अंतरंग हिन्दी उपन्यास का पुनरावतरण, हमको मालूम है जन्नत की हकीकत (आलोचनात्मक पुस्तकें) प्रकाशित। प्रासंगिक कहानियाँ, आसपास की दुनिया, परसाई रचनावलीः छह खण्डः (सह—संपादन), हिन्दी की प्रगतिशील कहानियाँ, आधुनिक हिन्दी कहानी, लोक मंगल: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की आलोचना एवं अन्य पुस्तकों का संपादन किया। विभिन्न पत्र—पत्रिकाओं में अंग्रेजी से हिन्दी में कविता, कहानी और लेखों के अनुवाद। आचार्य नंददुलारे वाजपेयी आलोचना पुरस्कार, उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान पुरस्कार, म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा भवभूति अलंकरण, कलकत्ता द्वारा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल राष्ट्रीय साहित्य सम्मान और अनेक सम्मानों से सम्मानित।

राकेश बिहारी, बिहार, भारत

11 अक्टूबर, 1973 को शिवहर, बिहार में जन्म । वह सपने बेचता था (कहानी—संग्रह)। केन्द्र में कहानी, भूमंडलोत्तर समय में उपन्यास शीघ्र प्रकाश्य (आलोचना)। चर्चित ब्लॉग समालोचन के लिए कहानी केन्द्रित लेखमाला । स्वप्न में वसंत (स्त्री यौनिकता की कहानियों का संचयन), पीढि़याँ साथ—साथ (निकट पत्रिका का विशेषांक), समय, समाज और भूमंडलोत्तर कहानी (संवेद पत्रिका का विशेषांक)। बिहार और झारखंड मूल के स्त्री कथाकारों पर केन्द्रित `आर्य संदेश’ का विशेषांक, रचना समय के कहानी विशेषांक का संपादन। स्पंदन आलोचना सम्मान से सम्मानित।

रमेश चंद्र शाह, मध्यप्रदेश, भारत

15 नवंबर, 1937 को अल्मोड़ा, उत्तराखंड में जन्म। गोबरगणेश, किस्सा गुलाम, पूर्वापर, आखिरी दिन, आप कहीं नही रहते विभूति बाबू, विनायक (उपन्यास)। जंगल में आग, मुहल्ले का रावण, मानपत्र, थिएटर, प्रतिनिधि कहानियाँ (कहानी—संग्रह), कछुए की पीठ पर, हरिश्चंद्र आओ, नदी भागती आई, प्यारे मुचकुंद को (कविता—संग्रह), रचना के बदले, शैतान के बहाने, आडू का पेड़, पढ़ते—पढ़ते, स्वधर्म और कालगति तथा हिन्दी की दुनिया में (निबंध—संग्रह) प्रकाशित । एक लंबी छांह (यात्रा संस्मरण), छायावाद की प्रासंगिकता, समानांतर, सबद निरंतर, वागर्थ, भूलने के विरुद्ध, वागर्थ का वैभव, जयशंकर प्रसाद, आलोचना का पक्ष, समय संवादी (समालोचना), मारा जाई खुसरो, मटियाबुर्ज (नाटक), छंद और पक्षी (कैथलीन रैन की कविताओं का हिन्दी रूपांतर) अंग्रेजी में (अनुवाद) आदि पुस्तकें प्रकाशित। शिखर सम्मान, भारतीय परिषद एवं मध्यप्रदेश साहित्य परिषद से पुरस्कृत, महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, व्यास सम्मान, भारत सरकार का पद्मश्री एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के सर्वोच्च सम्मान `भारत भारती’ से सम्मानित।

राहुल सिंह, झारखंड, भारत

13 जनवरी 1981 को राँची के निकट हटिया, झारखंड में जन्म। राँची विश्वविघालय से स्नातकोत्तर। जेएनयू से एम.फिल और पी—एच.डी। 2008 से देवघर (झारखंड) में अध्यापन।`नहीं, तो, मतलब, लेकिन, हाँ’, `बारिश’, `भूतों के इर्द—गिर्द’, कहानियाँ प्रकाशित हैं। विचार और आलोचना, अंतःकथाओं के आईने में उपन्यास, विश्व सिनेमा बाईस्कोप (आलोचना) प्रकाशित। सीताराम शास्त्री स्मृति सम्मान (आलोचना के लिए) से सम्मानित।

वंदना राग, मध्यप्रदेश, भारत

10 मार्च, 1967 को इंदौर, मध्यप्रदेश में जन्म। यूटोपिया, हिजरत से पहले, ख्यालनामा, मैं और मेरी कहानियाँ (कहानी—संग्रह), पूँजी का युग (एरिक हाब्सबाम की विश्वविख्यात किताब ट्टदि एज ऑफ कैपिटल’ का हिन्दी अनुवाद) प्रकाशित। देश की महत्त्वपूर्ण पत्र—पत्रिकाओं में प्रकाशित। आकाशवाणी व दूरदर्शन से निरंतर प्रसारण। कृष्ण प्रतार स्मृति पुरस्कार से पुरस्कृत।

विनोद कुमार शुक्ल, छत्तीसगढ़, भारत

01 जनवरी 1937 को राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ में जन्म। नौकर की कमीज़, खिलेगा तो देखेंगे, दीवार में एक खिड़की रहती थी, हरे घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़, एक चुप्पी जगह (उपन्यास), लगभग जयहिन्द, वह आदमी चला गया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह, सब कुछ होना बचा रहेगा, अतिरिक्त नहीं, कविता से लंबी कविता, आकाश धरती को खटखटाता है (कविता—संग्रह)। महाविघालय, पेड़ पर कमरा (कहानी—संग्रह) प्रकाशित । `नौकर की कमीज’, `दीवार में एक खिड़की रहती थी’ एवं कई रचनाओं का (फ्रेंच, अंग्रेजी व कई भारतीय भाषाओं में हुआ। कविताओं का इतावली में एक संग्रह। स्वीडिश, जर्मन, अरबी, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में अनुवाद किया। साहित्य अकादमी पुरस्कार, गजानन माधव मुक्तिबोध, रजा पुरस्कार, शिखर सम्मान, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, हिन्दी गौरव सम्मान (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान) आदि से सम्मानित।

असगर वजाहत, उत्‍तर प्रदेश, भारत

5 जुलाई 1946 को फतेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में जन्‍म। शिक्षा - हिन्दी में एम॰ए॰ तक की पढ़ाई की एवं वहीं से पी-एच॰डी॰ की उपाधि भी पायी। पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से किया। 1971 से जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली के हिंदी विभाग में अध्यापन किया। 5 वर्ष ओत्वोश लोरांड विश्वविद्यालय, बुडापेस्ट, हंगरी में भी अध्यापन किया। यूरोप और अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में उनके व्याख्यान हो चुके हैं। कहानी संग्रह, पाँच उपन्यास, आठ नाटक और कई अन्य रचनाएँ प्रकाशित। कहानियों के अनुवाद अंग्रेजी, इतालवी, रूसी, फ्रेंच, ईरानी, उज्बेक, हंगेरियन, पोलिश आदि भाषाओं में। इनके नाटकों का देश भर में मंचन और प्रदर्शन हुआ है। इनके नाटकों का निर्देशन हबीब तनवीर, एम के रैना, दिनेश ठाकुर, राजेंद्र गुप्ता, वामन केंद्रे, शहीम किरमानी तथा टाम आल्टर जैसे निर्देशकों ने किया है। बुडापैस्ट, हंगरी में इनकी दो एकल चित्र प्रदर्शनियाँ। टेलीविज़न व फ़िल्म लेखन और निर्देशन। कई वृत्ताचित्रों, धारावाहिकों और कुछ फीचर फ़िल्मों के लिए पटकथा लेखन भी किया। सम्‍मान- 'श्रेष्ठ नाटककार' सम्मान, 'आचार्य निरंजननाथ सम्मान', संगीत नाटक अकादमी सम्मान, शलाका सम्मान।

चित्रा मुदगल, दिल्‍ली, भारत

10 दिसम्बर 1944 को उन्नाव, उ.प्र. में जन्‍म। ग्राम भरतीपुर के कन्या पाठशाला में। हायर सेकेंडरी पूना बोर्ड से की और शेष पढ़ाई मुंबई विश्वविद्यालय से। बहुत बाद में स्नातकोत्तर पढ़ाई पत्राचार पाठ्यक्रम के माध्यम से एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय मुंबई से की। चित्रकला में गहरी अभिरुचि रखने वाली चित्रा ने जे.जे.स्कूल ऑफ आर्टस से फाइन आर्टस का अध्ययन भी किया है। प्रकाशित कृतियां - नौ कहानी संकलन, तीन उपन्यास, एक लेख- संकलन, एक उपन्यास, एक लेख-संकलन, एक बाल उपन्यास, चार बालकथा-संग्रह, छह संपादित पुस्तकें। गुजराती में दो अनूदित पुस्तकें प्रकाशित। अंग्रेज़ी में 'हाइना ऐंड अदर शार्ट स्टोरीज' बहुप्रशंसित। दिल्ली दूरदर्शन के लिए फ़िल्म 'वारिस' का निर्माण। पुरस्‍कार/सम्‍मान - फणीश्वरनाथ 'रेणु' सम्मान, हिन्‍दी अकादमी दिल्ली द्वारा 1996 के साहित्यकार सम्मान, 2000 में अपने उपन्यास आवां के लिए यू॰के॰ कथा सम्मान से सम्मानित। कृति ‘पोस्ट बॉक्स नंबर 203 - नाला सोपारा’ पर साहित्य अकादमी सम्मान, वनमाली कथा सम्‍मान, व्‍यास सम्‍मान से सम्‍मानित।

अरूणेश शुक्‍ल, उत्‍तरप्रदेश, भारत

16 अगस्‍त 1983 को कानपुर, उ.प्र. में जन्‍म। शिक्षा-एम.ए., एम; फिल। पिछले डेढ दशक से आलोचना में सक्रिय। हिन्‍दी की तमाम पत्रिकाओं में आलेख प्रकाशित। सम्‍प्रति- स्‍वतंत्र लेखन।

मोहन सगोरिया, मध्‍यप्रदेश, भारत

25 दिसम्‍बर 1975 को भौंरा, जिला बैतूल, मध्‍यप्रदेश में जन्‍म। पिछले दो दशकों से लेखन में सक्रिय। दो कविता संग्रह 'जैसे अभी-अभी', और 'दिन में मोमबत्तियाँ' प्रकाशित। हिन्‍दी की तमाम पत्रिकाओं में रचना प्रकाशित। रजा पुरस्‍कार, लक्ष्‍मण प्रसाद मंडलोई स्‍मृति पुरस्‍कार, शिवना सम्‍मान, अम्बिका दत्‍त कविता सम्‍मान से सम्‍मानित। साक्षात्‍कार, पल-प्रतिपल, उत्‍तर संवाद, समझ-झरोखा, शब्‍द संगत, समय के साखी, रचना समय के संपादन से संबद्ध रहे, एक वर्ष तक मासिक पत्रिका 'प्रबुद्ध भारती' का संपादन। विज्ञान कथा संचयन सुपर नोवा का रहस्‍य और संतोष चौबे के उपन्‍यास 'जलतरंग' पर आलोचकीय पुस्‍तक 'संगत' का संपादन। इन दिनों ' इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए' के सह- संपादक।

राधा वल्लभ त्रिपाठी, मध्यप्रदेश, भारत

15 फरवरी 1949, राजगढ़, मध्यप्रदेश में जन्म | कथाकार, नाटककार तथा अनुवादक| पुनर्लेखन में विशेष रुचि| संस्कृत तथा हिन्दी दोनों परिदृश्यों में समान रूप से प्रतिष्ठित तथा स्वीकार्य|प्रमख कृतियाँ: नया साहित्य नया साहित्यशास्त्र, कथासरित्सागर, संस्कृत साहित्य सौरभ (तीसरा और चौथा खंड) आदि कवि वाल्मीकि, संस्कृत कविता की लोकधर्मी परंपरा (दो संस्करण), काव्यशास्त्र और काव्य (संस्कृत काव्यशास्त्र और काव्यपरंपरा शीर्षक से नया संस्करण), भारतीय नाट्य शास्त्र की परंपरा एवं विश्व रंगमंच, विक्रमादित्य कथा, लेक्चर्स ऑन नाट्यशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र विश्वकोश (चार खंड), ए बिब्लिओग्राफी ऑफ अलंकारशास्त्र, कादंबरी आदि| सम्मान साहित्य अकादमी पुरस्कार, पंडितराज सम्मान |

राहत इन्दौरी, मध्यप्रदेश, भारत

01 जनवरी 1950 को इन्दौर, मध्यप्रदेश मे जन्म । मूल नाम राहत कुरैशी | उर्दू साहित्य में परास्नातक किया | 1985 में मध्य प्रदेश के भोज विश्वविद्यालय से ‘उर्दू में मुशायरा’ विषय पर पीएच.डी. की उपाधि हासिल की । पिछले पाँच दशक से विभिन्न राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय मुशायरों में शिरकत करते रहे । हिन्दी फिल्मों के लिए इन्होंने अनेक प्रसिद्ध गीत लिखे हैं । इन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, आस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर, मारीशस, कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल आदि देशों की सैकड़ों साहित्यिक यात्राएँ की हैं ।

हेमंत देवलेकर, मध्यप्रदेश, भारत

11 जुलाई 1972 को उज्जैन, मध्यप्रदेश में जन्म । हिन्दी रंगमंच और कविता में गहरी सक्रियता | बाल रंगमंच और विशेषकर बच्चों के साहित्य वे लगातार प्रयासरत हैं । दो कविता संग्रह - ‘हमारी उम्र का कपास धीरे धीरे लोहे में बदल रहा है’ और ‘गुलमकई’ । ख्यात रंगकर्मी अलखनन्दन के सानिध्य में रंगकर्म की शुरुआत | फिलहाल ‘विहान’ समूह के साथ रंगकर्म व प्रशिक्षण में सक्रिय हैं।

प्रियंवद, उत्तरप्रदेश, भारत

22 दिसम्बर 1952, कानपुर, उत्तरप्रदेश में जन्म । प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति में एम.ए. । उपन्यास - वे वहाँ कैद हैं, परछाईं नाच, छुट्टी के दिन का कोरस, धर्मस्थल | कहानी संग्रह – खरगोश, आईनाघर, कश्कोल, इतिहास - भारत विभाजन की अन्तः कथा, भारतीय राजनीति के दो आख्यान, पाँच जीवनियाँ, इकतारा बोले | बाल साहित्य - बाल पुस्तक | दो कहानियों पर ‘अनवर’ व ‘खरगोश’ फिल्में। ‘खरगोश’ की स्क्रिप्ट स्वयं लिखी । ‘ अधेड़ औरत का प्रेम ‘ पर शॉर्ट फिल्म ‘ट्रेन क्रैश ‘। 'अकार’ पत्रिका का विगत 17 वर्षों से नियमित प्रकाशन। वर्तमान संपादक । पिछले 22 कथाकार सम्मेलन ‘संगमन’ के संयोजक ।

बसंत त्रिपाठी, उत्तरप्रदेश, भारत

25 मार्च 1972 को भिलाई नगर, छत्तीसगढ़ में जन्म | शिक्षा-दीक्षा और संस्कार छत्तीसगढ़ में मिले | 22 वर्ष तक महाराष्ट्र के नागपुर के एक महिला महाविद्यालय में अध्यापन के उपरांत अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी अध्यापन | कविता, कहानी और आलोचना में सतत लेखन | कविता की तीन किताबें, कहानी और आलोचना की एक-एक किताब के अलावा कई संपादित किताबें प्रकाशित |

सरोज सिंह, उत्तरप्रदेश, भारत

28 जनवरी 1970 को बलिया, उत्तरप्रदेश में जन्म | शिक्षा - नैनीताल से भूगोल विषय से स्नातकोत्तर एवं बीएड l  पेशा - भूतपूर्व CISF परिवार कल्याण संरक्षिका की सचिव । वर्तमान में अवितोको रूम थियेटर लखनऊ चैप्टर "अंजोर" की संचालक l हिंदी व भोजपुरी में स्वतंत्र लेखन | सामाजिक मुद्दों पर लेखन, मसलन यमुना नदी संरक्षण एवं एसिड अटैक पर नृत्य नाटिका,सफाई अभियान महिला सशक्तिकरण पर नुक्कड़ नाटक का लेखन एवं मंचनl  हिंदी काव्य संग्रह "तुम तो आकाश हो" प्रकाशित l "स्त्री होकर सवाल करती है" "सुनो समय जो कहता है" एवं "कविता प्रसंग" में साझा हिंदी काव्य संग्रह तथा "धूप के रंग" कहानी संग्रह में कहानी प्रकाशित | हाल ही में भोजपुरी मैथिली अकादमी (दिल्ली) द्वारा कहानी संग्रह "तेतरी" प्रकाशित l सम्मान - मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा सम्मानित l नुक्कड़ नाटक के लेखन व मंचन के लिए सी आई एस ऍफ़ के डी. जी. द्वारा २०१७ में प्रशंशा पत्र प्राप्त l गंतव्य संस्थान दिल्ली द्वारा २०१८ के "राष्ट्रीय स्त्री शक्ति" अवार्ड से सम्मानित l तेतरी के लिए 2018 का पंडित धरीछन मिश्रा सम्मान प्राप्त।

सत्य व्यास

सत्य व्यास उन लेखकों में से हैं जिनकी किताबों का इंतज़ार पाठकों सहित कहानी के एडॉप्टेशन करने वालों को भी रहता है। विभिन्न विषयों पर शोधपरक लिखने के कारण सत्य व्यास हर वर्ग के पाठकों में पसंद किए जाते हैं। सत्य व्यास ने हिंदी में एक नया पाठक वर्ग तैयार कर इस धारणा को ग़लत साबित किया है कि हिंदी में पाठकों की कमी है। सत्य व्यास की इससे पहले प्रकाशित तीनों किताबें 'बनारस टॉकीज’, 'दिल्ली दरबार’ और 'चौरासी’ दैनिक जागरण-नीलसन बेस्टसेलर रही हैं। इन तीनों किताबों पर फ़िल्में तथा वेब सीरीज निर्माणाधीन हैं |

दिव्य प्रकाश दुबे, महाराष्ट्र, भारत

8 मई 1982, बनारस, उत्तरप्रदेश में जन्म | बी. टेक. कंप्यूटर साइंस, एवं एम.बी.ए. | हिंदी लेखक, गीतकार | किताबें – ‘हिंदी में कहानियों के संग्रह के एक जोड़े’, ‘नियम और शर्तें लागू’, ‘मसाला चाय' और दो लघु उपन्यास – ‘मुसाफिर कैफे’, और ‘अक्टूबर जंक्शन’ प्रकाशित | कुछ शॉर्ट फ़िल्में भी लिखीं |

श्री पंकज राग, मध्यप्रदेश, भारत

30 अक्टूबर 1964 को मुज़फ़्फरपुर बिहार में जन्म। `यह भूमंडल की रात है’ नाम से कविता संग्रह प्रकाशित और चर्चित। हिन्दी फिल्म संगीत पर केन्द्रित पुस्तक `धुनों की यात्रा’ में प्रकाशित | यह पुस्तक लगातार फिल्म संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा के केन्द्र में है। इतिहास और पुरातत्त्व में गहरी रुचि है और इस विषय पर आपती अनेक पुस्तकें भी प्रकाशित । स्पंदन कविता शिखर पुरस्कार, मीरा स्मृति पुरस्कार, केदार सम्मान जैसे प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार से पुरस्कृत। वर्ष 1990 से भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य। संस्कृति के क्षेत्र में बेहतर आयोजनों की परिकल्पना और संचालन में आपकी भूमिका अत्यंत प्रतिष्ठापूर्ण है। आपकी कविताओं में अनूठे विषयवस्तु तो हैं ही हिन्दी और उर्दू के शब्दों के खूबसूरत इस्तेमाल से वे पृथक से पहचानी जा सकने वाली कविताएँ हैं।

उपासना चौबे, उत्तर प्रदेश, भारत

08 सितम्बर 1984 को चितकंजन, पश्चिम बंगाल में जन्म । शिक्षा – एम.ए. हिन्दी साहित्य, बी.एड., एम.एड. अंकन रत्न (डिप्लोमा इन पेंटिंग) । कहानी संग्रह – एक ज़िंदगी एक स्क्रिट भर । बाल उपन्यास – डेस्क पर लिखे नाम । कहानियों एवं कविताओं का देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं (नया ज्ञानोदय, तद्भव, रचना समय, पल प्रतिपल, राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, आदि) में प्रकाशन । पुरस्कार एवं सम्मान – भारतीय ज्ञानपीठ का `नवलेखन पुरस्कार’-1014 (कहानी विधा) । संप्रति – कुछ वर्षों के अध्यापन के पश्चात् स्वतंत्र लेखन

जगन्नाथ दुबे, उत्तरप्रदेश, भारत

4 दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जन्मे जगन्नाथ दुबे ने प्रारम्भिक शिक्षा गाँव से प्राप्त करने के बाद स्नातक और परास्नातक की | पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की। वहीं के हिन्दी विभाग से ‘उत्तर आपातकालीन सामाजिक-राजनैतिक परिदृश्य और अखिलेश का रचना-संसार’ विषय पर प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल के निर्देशन में शोधरत। वागर्थ,पाखी,तद्भव, साखी, परिचय, बया, मन्तव्य, जनसंदेश टाइम्स जैसी हिन्दी की महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं वैचारिक लेख व समीक्षाएं प्रमुखता से प्रकाशित । आलोचना की पहली किताब शीघ्र प्रकाश्य।

ज्ञान चतुर्वेदी, मध्यप्रदेश, भारत

मऊरानीपुर (झांसी) उत्तरप्रदेश में 2 अगस्त, 1952 को जन्म। ख्यात कार्डियोफिजिशियन तथा चिकित्सा विशेषज्ञ की तरह विशिष्ट पहचान है । विधिवत लेखन प्रकाशन की शुरूआत सत्तर के दशक में `धर्मगुरु’ से की। प्रथम उपन्यास `नरकयात्रा’ जो भारतीय चिकित्सा शिक्षा तथा व्यवस्था पर था, अत्यन्त चर्चित रहा। इस पर फिल्म प्रस्तावित है। इसके पश्चात् `बारामासी’, `मरीचिका’ तथा `हम न मरब’ जैसे अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास आये। बारामासी पर एक मेगा टीवी सीरियल शो और `हम न मरब’ पर फीचर फिल्म बनने का भी कार्य चल रहा है । अब तक लगभग हजार व्यंग्य रचनाओं का प्रकाशन। `प्रेतकथा’, `दंगे में मुर्गा’, `रंदा’, `मेरी इक्यावन व्यंग्य रचनायें’, `प्रतिनिधि व्यंग्य’, `खामोश नंगे हमाम में हैं’, `प्रत्यंचा’, `अलग’, `जो घर फूंके’ तथा `बिसात बिछी है’ आदि उनके लोकप्रिय व्यंग्य संग्रह हैं। `राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान’, `राष्ट्रीय व्यंग्य सम्मान हिन्दी आकादमी’, `यश भारती सम्मान’, अमेरिका का प्रतिष्ठित `ढींगरा फाउंडेशन अवार्ड’, `अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान’, चकल्लस पुरस्कार, `व्यंग्य श्री सम्मान’, `गोयनका अवार्ड’, `शरद जोशी स्मृति सम्मान’ के अलावा कई अन्य विशिष्ट सम्मान । भारत सरकार द्वारा 2015 में पद्मश्री सम्मान से विभूषित

रघु ठाकुर, मध्यप्रदेश, भारत

10 जून 1946 को सागर, मध्यप्रदेश में जन्म । शिक्षा - एम.ए., एलएल.बी., सागर विश्वविद्यालय से | साठ के दशक से आज तक समाजवादी विचारधारा के अनुरूप न केवल वैचारिक वरन् व्यवहारिक निष्ठा के साथ जीवन जीने वाले रचनाकार | अपने सिद्धांत से किसी प्रकार का समझौता न करने वाले गांधीवादी चिन्तक, समाजवादी विचारक है । तमाम असुविधाओं के रहते हुए भी एम.ए. तथा एलएल.बी. की उपाधियां प्रथम श्रेणी में प्राप्त । संभवतः एक मात्र राजनैतिक रूप से सक्रिय लोहियावादी है, जो ‘एकला चलो’ के संकल्प के साथ अपने कर्म में संलग्न है। कृतियाँ – तीन कविता संग्रह “मैं अभिमन्यु हूँ’’ “मर रहा है तथा किसान फिर भी भारत महान’’ प्रकाशित। उनके द्वारा लिखित एक पुस्तक “समाजवाद संशय’’ और उत्तर भी प्रकाशित

महेश कटारे, ग्वालियर, मध्यप्रदेश

14 जनवरी 1948 में ग्राम-बिल्हैटी, जि. ग्वालियर (म. प्र.) में जन्म। आजीविका – खैती, कुछ सालों तक स्कूल मास्टरी की । प्रकाशन – (कहानी संग्रह) समर शेष है, इतिकथा अथकथा, मुर्दा स्थगित, पहरुझा, छछिया भर छाछ, सात पान की हमेल, देहात फागुन की मौत, मेरी प्रियकथाऐं, गौरतलब कहानियाँ | (नाटक) महासगर का साथी, अंधेरे युगांत के, पचरंगी, विभाजन (शीध्र प्रकाश्य) | यात्रावृत्त – पलियों पर रात दिन, देस बिदेस दखेश, उपन्यास – कामिनी काय कीतारे (2 भाग) का नया रूप । भर्तृहरि – काया के वन में, कालीधार अन्य- नज़र इधर उधर उधर, समय के साथ-साथ काफी कुछ हिन्दी (कुछ अहिन्दी) पत्र – पत्रिकाओं में कलानियाँ नाट्य, समीक्षा, आलेख प्रकाशित। बैले, नाटकों का प्रसारण, मंचन, कहानी `पहियों पर चढ़े सुख’ कर दूरदर्शन की लघु फिल्म प्रदर्शित ।

गौरव सोलंकी, महाराष्ट्र, भारत

सन 1986, जिवाना गुलियान, उत्तर प्रदेश में जन्म | बचपन संगरिया, राजस्थान में बीता । आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद वे कुछ साल 'तहलका' के लिए सिनेमा और समाज पर लिखते रहे। 2014 में आई फ़िल्म 'अग्ली' के गीत लिखे । उनकी स्क्रिप्ट 'निसार' 2016 में 'दृश्यम सनडैंस स्क्रीनराइटर्स लैब' के लिए चुनी गई। इन दिनों एक फ़ीचर फ़िल्म और एक राजनैतिक थ्रिलर सीरीज़ पर काम कर रहे हैं । ‘आर्टिकल 15’ गौरव सोलंकी की पहली फ़िल्म है। गौरव की कहानियों की पहली किताब 'ग्यारहवीं A के लड़के' काफ़ी चर्चित और प्रशंसित रही है। कहानियों और कविताओं की नई शैली और कथ्य ने उन्हें हिन्दी के बेस्टसेलर लेखकों में अलग खड़ा किया है।

उपासना झा,

हिंदी में स्नातकोत्तर एवं नेट। शिक्षा - ह्यूमन रिसोर्स में स्नातकोत्तर। 6 वर्षों का मीडिया एवं अध्यापन का अनुभव। हिंदी की स्तरीय पत्रिकाओं तथा ब्लॉग्स पर कविताएँ और कहानियाँ प्रकाशित। इन दिनों पीएच.डी. कर रही हैं।

किरण सिंह, उत्तरप्रदेश, भारत

01 जनवरी 1966 को जन्म | शिक्षा - हिन्दी और इतिहास से एम.ए., पी.एच.डी. | कहानी संग्रह - ‘यीशू की कीलें’, उपन्यास-‘शिलावहा’ प्रकाशित | ‘संझा’ कहानी पर आधारित फीचर फिल्म ‘खेजड़ी’ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा रही है। इप्टा लखनऊ द्वारा ‘संझा’ कहानी पर आधारित नाटक को लखनऊ और इप्टा की 75वीं जयंती के अवसर पर पटना (अक्टूबर 2018) में खेला गया। ‘ब्रह्म बाघ का नाच’ कहानी का भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ के छात्रों द्वारा नाट्य मंचन (2017) । मास्को विश्वविद्यालय, रूस के एम.ए. हिन्दी पाठ्यक्रम में ‘यीशू की कीलें’ और ‘द्रौपदी पीक’ कहानियाँ सम्मिलित । रूसी भाषा में अनुवाद । ‘हंस कथा सम्मान’, ‘रमाकान्त स्मृति कहानी पुरस्कार’, ‘कृष्ण प्रताप कथा सम्मान’, ‘विजय वर्मा कथा सम्मान’ से सम्मानित | इप्टा, लखनऊ के नाटकों में अभिनय | अध्यापन और लेखन |

उषा गांगुली, पश्चिम बंगाल, भारत

सन 1945 को कानपुर में जन्म । भारतीय रंगमंच की निर्देशक-अभिनेता | 1976 में रंगकर्मी थिएटर ग्रुप की स्थापना | जो अपने प्रोडक्शन जैसे महाभोज, रुदाली, कोर्ट मार्शल और एंटीत्रात्रा के लिए जाने जाते हैं। पदाटिक (1972 की स्थापना) के थिसियन श्यामानंद जालान के अलावा, वह कोलकाता में हिंदी रंगमंच का अभ्यास करने वाले केवल अन्य थियेटर निर्देशक हैं, जो काफी हद तक बंगाली भाषी हैं। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पश्चिम बंगाल राज्य पुरस्कार आदि सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (भोपाल) ने पांच दशकों के लिए रंगमंच के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2019 में मानद डी लिट से सम्मानित किया है

विनय उपाध्याय, मध्यप्रदेश, भारत

21 जून 1962, को मध्यप्रदेश के साहित्य एवं सांस्कृतिक तीर्थ खण्डवा के समीप कालमुखी गाँव में जन्म | विनय उपाध्याय भारत के जाने-माने कला समीक्षक और उद्घोषक | विगत 30 वर्षों से वे कला संस्कृति और पत्रकारिता जगत में कला समीक्षा संपादन रिपोर्टिंग और साहित्यिक-सांस्कृतिक संयोजनधर्मी के रूप में सक्रिय । बतौर उद्घोषक विनय ने माननीय राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के अलावा भारत भवन भोपाल और शासकीय-अशासकीय महत्त्वपूर्ण आयोजनों संगीत सभाओं नाट्य प्रदर्शनों और साहित्यिक सभाओं के संचालन-सूत्र संभाले हैं। विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन की उद्घोषणा हेतु भी वे आमंत्रित किए जा चुके हैं । दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित कई अन्य वृत्तचित्रों के लिए विनय ने पटकथा लेखन व पार्श्व स्वर दिया है। बतौर कला समीक्षक देश के कई शहरों कस्बों सहित मॉरीशस की सांस्कृतिक यात्रा करते हुए, उनकी रिपोर्टिंग-समीक्षा प्रतिष्ठित अखबारों पत्रिकाओं, समाचार चैनल्स और वेबसाइट्स पर प्रकाशित होती रही हैं। टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक पत्रिका ‘रंग संवाद’ के संपादक हैं।

सुदीप सोहनी, मध्यप्रदेश, भारत

29 दिसंबर 1984, खण्डवा में जन्म | भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान के पूर्व छात्र । कवि, पटकथा लेखक, निर्देशक, प्रशिक्षक, आइडिएटर, परिकल्पक | इन दिनों डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माण में संलग्न | सुभद्रा, न्यूटो और प्लूटो, स्टोरी ऑफ अनटाइटल्ड कैनवास, अमृता, रूमी उनके द्वारा निर्देशित चर्चित नाटक हैं जिनके देश भर में 30 से ज़्यादा मंचन हुए हैं। 63वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह में दादा साहब फाल्के पुरस्कार के मौके पर राष्ट्रपति भवन में गुलज़ार पर प्रदर्शित फ़िल्म का लेखन । हाल ही उनके द्वारा लिखित- निर्देशित शॉर्ट फ़िल्म ‘#itoo’ को देश के विभिन्न फ़िल्म फ़ेस्टिवल्स में सराहना प्राप्त हुई है। विगत वर्षों से भोपाल से प्रकाशित अखबार ‘सुबह सवेरे’ में साप्ताहिक कॉलम ‘सिनेमा के बहाने’ का नियमित प्रकाशन। सिनेमा पर श्रेष्ठ लेखन के लिए ‘पुनर्नवा सम्मान’ प्राप्त । फ़िल्म हेरिटेज फाउंडेशन मुंबई की कार्यशालाओं के पर्यवेक्षक तथा स्क्रीनराइटर्स असोसिएशन, मुंबई से सम्बद्ध रहे ।

नरेश सक्सेना, मध्य प्रदेश, भारत

16 जनवरी, 1939 को ग्वालियर, मध्यप्रदेश में जन्म | शिक्षा - जबलपुर में बीई (ऑनर्स) और कलकत्ता के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हाइज़ीन से एमई-पीएच का प्रशिक्षण | लेखन-प्रकाशन - साहित्यिक पत्रिका ‘आरंभ’, ‘वर्ष’ और उ.प्र. संगीत नाटक अकादेमी के त्रैमासिक ‘छायानट’ का संपादन अपने मित्रों क्रमशः विनोद भारद्वाज, रवींद्र कालिया और ममता कालिया के साथ । टेलीविज़न और रंगमंच के लिए ‘हर क्षण विदा है’, ‘दसवीं दौड़’, ‘एक हती मनू’ (बुंदेली) का लेखन। एक नाटक ‘आदमी का आ’ देश की कई 9 भाषाओं में पांच हज़ार से ज़्यादा बार प्रदर्शित । ‘संबंध’, ‘जल से ज्योति’, ‘समाधान’ और ‘नन्हे कदम’ आदि लघु फिल्मों का निर्देशन। विजय नरेश द्वारा निर्देशित वृत्त फिल्मों ‘जौनसार बावर’ और ‘रसखान’ का आलेखन | पुरस्कार/सम्मान – ‘पहल सम्मान’, ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’, ‘हिंदी साहित्य सम्मेलन सम्मान’ ‘कविता कोश सम्मान’, ‘सरोज स्मृति सम्मान’, ‘ साहित्य भूषण सम्मान’, ‘ऋतुराज सम्मान’, इंजीनियरों की संस्था अभियान और उ.प्र. के कलाकारों की संस्थाओं द्वारा कविता और फिल्म के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड । विभिन्न शहरों में कविता कार्यशाला का संयोजन। लखनऊ आकाशवाणी से राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए निराला, धूमिल, कुंवर नारायण, लीलाध्र जगूड़ी आदि की कविता की संगीत संरचनाएँ | मुक्तिबोध सृजनपीठ पर आमंत्रित कवि (Resident Poet) (म.प्र. संस्कृति विभाग एवं सागर विश्वविद्यालय) |

अवधेश मिश्र, उत्तरप्रदेश, भारत

04 जून 1968 को अवध क्षेत्र के गोंडा जिले के एक गाँव में जन्म । इलाहाबाद एवं लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षा | ‘लोकसाहित्य’, ‘स्त्री विमर्श’, एवं ‘कथा आलोचना से सम्बद्ध’ आलेख प्रकाशित। एक डाक्यूमेंट्री फिल्म `Wounded Identities’ के लिए शोध एवं पटकथा लेखन । राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित `कहानियां रिश्तों की’ श्रृंखला की एक पुस्तक `मानवता’ का संपादन । जायसी पर एक सम्पादित पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य । सम्प्रति-क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर के हिंदी विभाग में अध्यापन

पंकज चतुर्वेदी, उत्तरप्रदेश, भारत

24 अगस्त, 1971 को इटावा शहर (उ.प्र.) में जन्म । 1989 में आई.एस.सी. और लखनऊ विश्वविद्यालय से 1992 में बी.ए.। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली से 1994 में एम.ए. (हिंदी) में प्रथम स्थान हासिल किया और 1998 में एम.फिल. में भी। वहीं से 2007 में पी.एच.डी.। कृतियाँ – ‘एक संपूर्णता के लिए’, ‘एक ही चेहरा’, ‘रक्तचाप और अन्य कविताएँ’, ‘आत्मकथा की संस्कृति’, ‘निराशा में भी सामर्थ्य’, ‘जीने का उदात्त आशय’, ‘यही तुम थे’, प्रतिनिधि कविताएँ – ‘मंगलेश डबराल’, इसके अतिरिक्त भर्तृहरि के इक्यावन श्लोकों की हिंदी अनुरचनाएँ प्रकाशित । पुरस्कार/सम्मान : ‘भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार’, ‘देवीशंकर अवस्थी सम्मान’ एवं ‘रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार’ से सम्मानित । रज़ा फ़ेलोशिप प्राप्त।

कुमार अनुपम, दिल्ली, भारत

7 मई 1979, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में जन्म । मुख्य कृतियाँ – ‘बारिश मेरा घर है’, ‘कविता समय-1’ (चंद्रकांत देवताले के साथ) कविता संग्रह प्रकाशित । महत्व रामधारी सिंह दिनकर : ‘समर शेष है’, लमही (त्रैमासिक पत्रिका) के भगवत रावत पर केंद्रित अंक का संपादन, हिंदी की बहुचर्चित कहानियाँ, अवधी ग्रंथावली (एक खंड का जगदीश पीयूष के साथ संपादन), कला वसुधा (प्रदर्शकारी कलाओं की पत्रिका) का कला संपादन। साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, भारत भूषण अग्रवाल स्मृति कविता पुरस्कार, कविता समय पुरस्कार।

नंदकिशोर आचार्य, राजस्थान, भारत

31 अगस्त 1945, बीकानेर, राजस्थान में जन्म । भाषा – हिंदी | कविता संग्रह – ‘जल है जहाँ’, ‘शब्द भूले हुए’, ‘वह एक समुद्र था’, ‘आती है जैसे मृत्यु’, ‘कविता में नहीं है जो’, ‘रेत राग, अन्य होते हुए’, ‘चाँद आकाश गाता है’, ‘उड़ना संभव करता आकाश’, ‘गाना चाहता पतझड़’, ‘केवल एक पत्ती ने’, ‘चौथा सप्तक’ (संपादक : अज्ञेय) ।नाटक : देहांतर, पागलघर, गुलाम बादशाह (सभी नाटक संग्रह) । आलोचना : रचना का सच, सर्जक का मन, अनुभव का भव, अज्ञेय की काव्या-तिर्तीर्ष, साहित्य का स्वभाव तथा साहित्य का अध्यात्म । अन्य : कल्चरल पॉलिटी ऑफ हिंदूज, दि पॉलिटी इन शुक्रिनीतिसार (शोध), संस्कृति का व्याकरण, परंपरा और परिवर्तन, आधुनिक विचार और शिक्षा, मानवाधिकार के तकाजे, संस्कृति की सामाजिकी, सत्याग्रह की संस्कृति, सभ्यता का विकल्प । अनुवाद : सुनते हुए बारिश (जापानी जेन कवि रियोकान), नवमानववाद (एम.एन. राय : न्यू : ह्यूमनिज्म), विज्ञान और दर्शन (एम.एन. राय : साइंस एंड फिलॉसॉफी) के अतिरिक्त जोसेफ ब्रॉदस्कीम, ब्लाञदिमिर होलन, लोर्का तथा आधुनिक अरबी कविताओं का भी बड़ी संख्या में हिंदी में अनुवाद । सम्मान : मीरा पुरस्कार, बिहारी पुरस्कार, भुवनेश्वर पुरस्कार, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार।

रमेश दवे, मध्यप्रदेश, भारत

07 नवम्बर 1935 शाजापुर, म.प्र. में जन्म। शिक्षा – एम.ए. इतिहास, अंग्रेजी, एम.एड. डिप्लोमा इन इंग्लीश टीचिंग । प्रकाशन – कविता संग्रह एक, कहानी संग्रह चार, उपन्यास चार, आलोचना दस, नाटक तीन, निबंध एक, अनुवाद – उपन्यास एक, अफ्रीकी कविता एक, बाल साहित्य में उपन्यास दो, नाटक तीन, कविता संग्रह एक, शिक्षा में नौ पुस्तकें । संपादित पुस्तकें – साहित्य में 3, शिक्षा में 8 | संपादित पत्रिकाएँ – `पूर्वग्रह भारत भवन’, 12 `समावर्तन उज्जैन’, `पलाश शिक्षा पत्रिका’। सम्मान पुरस्कार – `नंद दुलारे वाजपेयी आलोचना सम्मान’, `शताब्दी सम्मान- इन्दौर’, `राष्ट्रीय शिक्षा सम्मान’ भारत सरकार, `कुसुमांजलि राष्ट्रीय सम्मान’, इन्दौर, `महर्षि वेद व्यास शिक्षा सम्मान’ संस्कृति विभाग भोपाल, `श्रेष्ठ कला आचार्य सम्मान‘, `अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान’, `मालय-रत्न सम्मान’ भोपाल, `अक्षर आदित्य सम्मान’, भोपाल । विदेश यात्रा – आस्ट्रेलिया, इंग्लेण्ड, फ्रांस, इटली, स्विटजरलेण्ड, थाईलेण्ड, नेपाल

अणु शक्ति सिंह, बिहार, भारत

19 अगस्त 1985, में सहरसा, बिहार में जन्म | कुछ सालों तक बीबीसी मीडिया एवं सुलभ इंटरनेशनल में काम करने के पश्चात इन दिनों नीदरलैंड्स स्थित आरएनडब्ल्यू मीडिया के भारतीय उपक्रम 'लव मैटर्स इंडिया' में कार्यरत | विगत दिनों में इनकी रचनाएँ आलेख, कविता और समीक्षा के रूप में दैनिक जागरण, आजकल, अहा ज़िन्दगी, समालोचन, जानकीपुल व 13 अन्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं | हाल में अणु ने तीन युवा लेखकों की किताबों का संपादन किया है. अंग्रेजी में नवोदित लेखक रॉबिन शर्मा की पुस्तक 'इन सर्च ऑफ लव' एवं हिंदी में राजपाल से प्रकाशित 'मैं से माँ तक' और प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित 'चिड़िया उड़' शामिल हैं |

अमेय कान्त, मध्यप्रदेश, भारत।

10 मार्च, 1983 को इंदौर, मध्यप्रदेश में जन्म | शिक्षा - बी.ई., एम.ई. (इलेक्ट्रॉनिक्स) अनेक प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन, एक कविता संग्रह ‘समुद्र से लौटेंगे रेत के घर’ प्रकाशित | पुरस्कार - ‘पुनर्नवा पुरस्कार’, ‘दिनकर सृजन सम्मान’ | सम्प्रति - लगभग दस वर्षों तक इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्यापन के बाद इस समय फ्रीलांस अनुवाद तथा अन्य कार्य |

याकूब, तेलंगाना, भारत

2 मार्च 1962 को जन्‍म। शिक्षा-परास्नातक, एम.फिल,पीएच.डी.। तेलुगू के प्रतिष्ठा प्राप्त कवि एवम् लेखक। प्रकाशन - चर्चित किताबें - Pravahinchegnaapakam, Sarihaddu Rekha, Yedateganiprayaanam व Nadeemoolamlaanti। उनकी कविताओं की अंग्रेजी अनुवाद 'Arc of unrest शीर्षक से। पांच किताबों का संपादन। देश के अनेक आयोजनों में शिरकत। साहित्यिक अवदान के लिये कई पुरस्कार प्राप्त। काव्यसंगम, तेलुगु कविता मंच के संस्थापक भी हैं। Rottamaku Revu Poetryspace Foundation के संस्थापक भी हैं। वर्तमान में, वह हैदराबाद में तेलुगु विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

ध्रुबा ज्योति बोरहा, असम, भारत

27 नवंबर 1955 गुवाहाटी जन्‍म। असमिया लेखक और उपन्यासकार। पेशे से चिकित्सक होते हुए भी लगभग तीन दशकों में चौबीस से अधिक पुस्तकें (उपन्यास, इतिहास पर मोनोग्राफ, यात्रा-वृत्तांत, लेखों के संग्रह आदि) प्रकाशित। है। द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास पर उनकी लिखीं किताबें, फ्रांसीसी क्रांति और रूसी क्रांति पर निर्धारित दो-खंड असमिया भाषा में पहली ऐसी पुस्तकें जिनका हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मलयालम और बोडो भाषाओं में अनुवाद। अकादमिक शोध त्रैमासिक-द जर्नल ऑफ असमिया लिटरेचर एंड कल्चर का संपादन। 2009 के साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित।

इंद्रनाथ चौधरी, कोलकाता, भारत

8 अक्‍टूबर 1936 कोलकत्ता में जन्‍म। शिक्षा - एम.ए.(हिन्दी, अंग्रेजी),पीएच.डी.। मुख्य भाषाएं - हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला। भाषागत तुलनात्मक अध्ययन व उनके सौंदर्यात्मक पक्ष का कथ्य अनुशीलन। भारतीय संस्कृति के विविध पहलुओं का आंतरिक समावेश, जो साहित्य में अभिव्यक्त। कृतियाँ - तुलनात्मक साहित्य की भूमिका, तुलनात्मक साहित्य: भारतीय परिप्रेक्ष्य, निराला काव्य पर रबींद्रनाथ का प्रभाव, रबीन्द्रनाथ टैगोर, गांधी एंड स्वामी विवेकानंद, थियरी, रिलीज़न एंड कल्चर आदि। सम्मान-केंद्रीय हिंदी संस्थान का गंगा शरण सिंह पुरस्कार,हिंदी अकादमी सम्मान। वर्तमान में हिन्दी विश्व कोष के प्रमुख संपादक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, उःप्र.।

शमीम हनफी, उत्तरप्रदेश, भारत

17 नवम्बर 1938, सुल्तानपुर, उ.प्र. में जन्‍म। शिक्षा-डी.लिट. ए.एम.यू. व जामिया मीलिया इस्लामिया में बतौर प्रोफेसर एमरीटस लंबे समय तक सम्बद्ध रहे। उर्दू अदब के महत्वपूर्ण आलोचक, नाटककार व उर्दू के आधुनिक आंदोलनों में अहम भूमिका के लिए पहचान। कृतियां - 'जदीदियत का काफल्सिफियाना अहसास और नयी शेरी रवायत पर दो किताबें 'जदीदियत और नई शाईरी' शीर्षक से प्रकाशित। पर्सियन से उर्दू में शईद नफ़ीसी के नाटक 'आख़िरी यादगारे नादिरशाह'का अनुवाद। उर्दू साहित्य, संस्कृति के विकास के लिए वर्तमान में ग़ालिब अकादमी, अंजुमन तरक्की उर्दू-हिंद, ग़ालिब इंस्टीट्यूट व रेख़्ता के संरक्षक मंडल में। प्रो.हनफी ने उर्दू औऱ हिंदी के लेखकों पर न केवल समीक्षाएं लिखीं अपितु विश्व के अनेक देशों में व्याख्यान दिये। उन्हें अपनी ज़िंदगी में फिराक़ गोरखपुरी, डा.ऐजाज़ हुसैन व प्रो.एहतेशाम हुसैन का साथ मिला। और इनके गहरे प्रभाव को उन्होंने अपनी साहित्यिक-सांस्कृतिक निर्मिति में स्वीकार किया है|

अखिलेश, उत्‍तर प्रदेश, भारत

1960 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में जन्म। शिक्षा - इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय से स्नातकोत्तर। कृतियां - निर्वासन, अन्‍वेषण (उपन्‍यास)। आदमी नहीं टूटता, मुक्ति, शापग्रस्‍त, अंधेरा (कहानी संग्रह)। वह जो यथार्थ था (कथेतर गद्य)। पुरस्‍कार/सम्‍मान - श्रीकांत वर्मा पुरस्‍कार, इंदु शर्मा कथा सम्मान, वनमाली सम्मान, मनोहर श्याम जोशी कृति सम्‍मान, कथाक्रम सम्मान। कहानियों का और फिल्‍मांकन। रचनाओं के अनेक भाषाओं में अनुवाद। कई पुस्‍तकों का संपादन। सम्‍प्रति - साहित्यिक वैचारिक पत्रिका तद्भव का संपादन।

ईश्‍वर शर्मा, छत्‍तीसगढ़, भारत

2 जुलाई 1949 को छत्‍तीसगढ़ के महासमुन्‍द में जन्‍म। शिक्षा - रविशंकर विश्‍वविद्यालय रायपुर से स्‍नातक। कविता तथा व्‍यंग्‍य लेखन। कृतियां - 'भिखमंगों की पेंशनकथा', 'व्‍यंग्‍य की जुगलबंदी' तथा ' अपनी-अपनी ईमानदारी गद्य व्‍यंग्‍य संग्रह प्रकाशित। सम्‍मान/पुरस्‍कार - शरद जोशी कृति पुरस्‍कार, अट्टाहास युवा सम्‍मान, साहित्‍य अभिनन्‍दन अवार्ड। सम्‍प्रति - के.एन.ऑयल इण्डस्ट्रीज महासमुन्‍द में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत।

शशांक सिंह, मध्‍यप्रदेश, भारत

18 अक्‍टूबर 1953 को ग्राम सरवा, कानपुर में जन्‍म। शिक्षा - जीव विज्ञान, व्‍यावहारिक मनोविज्ञान और पत्रकारिता में शिक्षाद्यरायरसन विश्‍वविद्यालय, कनाडा द्वारा कोटा में विकास प्रसारण का विशेष प्रशिक्षण। फैलोशिप- रीजनल कॉलेज, भोपाल में यूजीसी द्वारा मनोविज्ञान में फैलोशिप। संस्‍कृति विभाग, म.प्र. द्वारा कहानी लेखन के लिए गजानन माधवमुक्ति बोध फैलोशिप। कहानी संग्रह - कमन्‍द, उन्‍नीस साल का लड़का, कोसाफल, पर्व, शामिल बाजा, सुदिन, प्रतिनिधि कहानियॉं। डायरी व संवाद ' कहानी के पास, म.प्र. की लोक कथाओं पर एक किताब। सड़क नाटक 'जैसे हम लोग'। साहित्‍य पत्रिका 'वसुधा के सम्‍पादन मण्‍डल में 1984 से 1988 तक। दूरदर्शन की इण्यिन क्‍लासिक श्रृंखला में 'उन्‍नीस साल का लड़का' कहानी पर फिल्‍म। डाक्‍यूमेंटरी 'शंशाक का रचना संसार' दो भागों में। तुई विल्‍गन वि.वि. जर्मनी में एकाग्र संचयन। सम्‍मान - वागीश्‍वरी, वनमाली स्‍मृति, हरिशंकर परसाई स्‍मृति, प्रेमचन्‍द्र स्‍मृति। भोपाल शहर नागरिक सम्‍मान, भारत भाषा सम्‍मान।भारतीय प्रसारण सेवा के अन्‍तर्गत दूरदर्शन से अपर महानिदेशक पद से सेवानिवृत।

विष्णु नागर, मध्‍यप्रदेश, भारत

14 जून, 1950 को शाजापुर म.प्र. में जन्‍म। 1971 से दिल्ली में स्वतंत्र पत्रकारिता।१९७४ से दिल्ली में पत्रकारिता। नवभारत टाइम्स तथा हिंदुस्तान में विशेष संवाददाता समेत विभिन्न पदों पर। जर्मनी में डोयचेवैले की हिंदी रेडियो सेवा से दो वर्ष जुड़े रहे।कादंबिनी मासिक के कार्यकारी संपादक रहे।क़रीब दो वर्ष तक संडे नईदुनिया के संपादक और क़रीब सवा तीन साल तक ‘शुक्रवार’ समाचार साप्ताहिक के संपादक। भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य। इस समय स्वतंत्र लेखन। प्रकाशित कृतियाँ - कविता संग्रह -मैं फिर कहता हूँ चिड़िया, तालाब में डूबी छह लड़कियाँ, संसार बदल जाएगा, बच्चे,पिता और माँ, कुछ चीज़ें कभी खोई नहीं, हँसने की तरह रोना, घर के बाहर घर, जीवन भी कविता हो सकता है तथा कवि ने कहा श्रृंखला में कविताओं का चयन। कहानी संग्रह-आज का दिन,आदमी की मुश्किल, कुछ दूर, ईश्वर की कहानियाँ, आख्यान, रात-दिन, बच्चा और गेंद, पापा मैं ग़रीब बनूँगा। व्यंग्य संग्रह - जीव- जंतु पुराण ,घोड़ा और घास, राष्ट्रीय नाक,देशसेवा सेवा का धंधा, नई जनता आ चुकी है, भारत एक बाज़ार है, ईश्वर भी परेशान है, छोटा सा ब्रेक तथा सदी का सबस बड़ा ड्रामेबाज। उपन्यास- आदमी स्वर्ग में। आलोचना - कविता के साथ-साथ। लेख और निबंधसंग्रह: हमें देखतीं आँखें, आज और अभी, यथार्थ की माया, आदमी और उसका समाज, अपने समय के सवाल,ग़रीब की भाषा, यथार्थ के सामने। साक्षात्कारों की पुस्तक –‘मेरे साक्षात्कारः विष्णु नागर’। ‘सहमत’ संस्था के लिए तीन संकलनों तथा रघुवीर सहाय पर पुस्तक का सह संपादन।सुदीप बनर्जी की कविताओं के चयन का संपादन लीलाधर मंडलोई के साथ।मृणाल पांडे के साथ कादंबिनी मे प्रकाशित हिंदी के महत्वपूर्ण लेखकों द्वारा चयनित विश्व की श्रेष्ठ कहानियों का संचयन-बोलता लिहाफ।इसके अलावा नवसाक्षरों के लिए अनेक पुस्तकों का संपादन एवं लेखन।हाल ही में किशोरों के लिए भी कुछ पुस्तिकाएँ लिखी हैं।हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचनाओं के एक चयन का प्रकाशित। मध्य प्रदेश सरकार का शिखर सम्मान, शमशेर सम्मान, व्यंग्य श्री सम्मान, दिल्ली हिंदी अकादमी का साहित्य सम्मान, शिवकुमार मिश्र स्मृति सम्मान,उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का पत्रकारिता शिरोमणि,  रामनाथ गोयन्का सम्मान पत्रकारिता के लिए समेत कई सम्मान।

रणेन्‍द्र, झारखण्ड, भारत

कविता, कहानी और उपन्‍यास का एक चर्चित नाम।अब तक तीन उपन्‍यास ''ग्‍लोबस गॉंव के देवता, और 'गूंगी रूलाई का कोरस' प्रकाशित। दो कहानी संग्रह - 'रात बाकी एवं अन्‍य कहानियां' तथा 'छप्‍पन छुरी', बहत्‍तर पेंच और एक कविता संग्रह 'थोड़ा सा स्‍त्री होना चाहता हूं' भी प्रकाशित हुआ है। अंग्रेजी में एक उपन्‍यास Lords of global village का 2017 में प्रकाशन हुआ।

डॉ. जीवन यदु, छत्‍तीसगढ़, भारत

01 फरवरी 1947 को खैरागढ़ (अविभाजित) मध्‍य प्रदेश में हुआ। शिक्षा - एम.ए., पीएच.डी.। हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी की एक दर्जन पुस्‍तकें (गद्य, पद्य, नाटक, समीक्षा एवं अनुवाद) प्रकाशित। छत्‍तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ एवं छत्‍तीसगढ़ प्रदेश हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन का राज्‍य कार्यकारिणी सदस्‍य।

मुकेश वर्मा, मध्‍यप्रदेश, भारत

2 फरवरी को सागर म.प्र. में जन्म। एक लम्बी शासकीय सेवा के बाद फिलहाल स्वतंत्र साहित्य- सृजन। कृतियां - पहला कथा संग्रह ‘‘खेलणपुर और अन्य कहानियां’’, दूसरा संग्रह ‘‘इस्तगासा’’ और ‘‘सत्कथा कही नहीं जाती’’।‘‘स्व. रमाकांत स्मृति कहानीपुरस्कार’’, अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान, वनमाली कथा सम्मान’, ‘सारस्वत सम्मान’, ‘वागीश्‍वरी सम्मान, ‘अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान’ ‘‘कमलेश्‍वरसम्मान’’ से सम्‍मान। सम्प्रति - मासिक साहित्यिक पत्रिका ‘समावर्तन’ के प्रधानसम्पादक। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्‍वविद्यालय के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष तथा वर्तमान में सृजनपीठ के अंतर्गत हिन्दी कथा साहित्य को केन्द्रमें रखते हुए सन् 1900 से अब तक की हिन्दी की उल्लेखनीय कहानियों का 18 खण्डों में महत्वपूर्ण संकलन के अलावा अब ‘‘कथाविश्‍व’’ प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है।

बटुक चतुर्वेदी, मध्‍यप्रदेश, भारत

6 जुलाई 1932 को भेलसा, विदिशा, मध्‍यप्रदेश में जन्‍म। शिक्षा ' स्‍नातक। छात्रकाल से समाचार पत्र संवाददाता। 22 मई 1952 से भोपाल राज्‍य की विधान सभा में सेवा प्रारंभ, तीदुपरांत अप्रैल 1956 से भोपाल राज्‍य के सूचना विभाग में स्‍थानांतरण। 38 वर्षीय शासकीय सेवा के उपरांत जनसंपर्क विभाग के अधिकारी पद से सेवानिवृत। लेखन -बच्‍चों के लिए पत्रिका में 1947 से लेखन प्रारंभ। कृतियां - पहला चरण, सुघियों अमलतास, संवेदन गंघ (कविता संग्रह), धड़कनों के आसपास (गजल संग्रह), आदमी होने के दुख (हास्‍य कवितायें), नागफनी के कांटे, एक और सीता, कथा श्रीनाथ जी की,माफ करना गगन, एक बार हंस दे मां, मेरी प्रिय कहानियां, मेरी कहानी लिखना अंकल (कहानी संग्रह), खूब भरौ है मेला, काऊ सै का कहिये (बुंदेली कवितायें), आप धन्‍य हैं, हुजूर माई बाप (व्‍यंग्‍य लेख संग्रह), छींटे रंग गुलाल के (होलियाना कवितायें), यह है भोपाल (व्‍यंग्‍यात्‍मक खंडकाव्‍य), एक किरण बन जायें (नवगीत संग्रह), ऐसा मत करना बच्‍चों, देश पर सब कुर्बान (बाल साहित्‍य), हेमन्तिया उर्फ कलेक्‍टरनी बाई (आंचलिक उपन्‍यास), बरखा बसंत (बुंदेली संगीत रूपक) प्रकाशित हैं। उत्‍तर प्रदेश सरकार के हिन्‍दी संस्‍थान व मध्‍यप्रदेश साहित्‍य अकादमी सहित, देश-प्रदेश की शताधिक साहित्यिक संस्‍थाओं से सम्‍मानित/ पुरस्‍कृत। दो बार मारिशस और एक बार श्रीलंका की साहित्यिक यात्रायें।

भगवान दास मोरवाल, हरियाणा, भारत

23 जनवरी 1960 जिला मेवात हरियाणा के छोटे से कस्‍बे नगीना के मजदूर परिवार में जन्‍म। शिक्षा - एम.एम. (हिन्‍दी) एवं पत्रिकारिता में डिप्‍लोमा। कृतियाँ - उपन्यास- काला, बाबल तेरा देस में, रेत, नरक मसीहा, हलाला, सुर बंजारन। कहानी संग्रह- सिला हुआ आदमी, सूर्यास्त से पहले, अस्सी मॉडल उर्फ़ सूबेदार, सूर्यास्त से पहले, अस्सी मॉडलउर्फ़ सूबेदार, सीढियाँ, माँ और उसका देवता, सीढियाँ, लक्ष्मण-रेखा, दस प्रतिनिधि कहानियां। स्मृति-कथा - पकी जेठ का गुलमोहर। कविता संग्रह - दोपहरी चुप है, बच्चों के लिए कलयुगी पंचायत (1997) एवं अन्य दो पुस्तकों का संपादन। सम्मान/पुरस्कार - 'स्पंदन कृति सम्मान', 'श्रवण सहाय एवार्ड', 'जनकवि मेहरसिंह सम्मान', 'अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान', 'शब्द साधक ज्यूरी सम्मान', 'कथाक्रम सम्मान', 'साहित्यकार सम्मान', 'साहित्यिक कृति सम्मान', 'साहित्यिक कृति सम्मान', 'राजाजी सम्मान', 'डा. अम्बेडकर सम्मान', 'प्रभादत्त मेमोरियल एवार्ड' तथा 'शोभना एवार्ड' से सम्‍मानित।

प्रकाश उप्रेती, दिल्ली, भारत

उत्तराखंड के खोपड़ा गाँव में जन्म। पहाड़, दिल्ली होते हुए मुंबई से पढ़ाई-लिखाई । हिंदी की महत्वपूर्ण पत्रिकाओं व अखबारों में नियमित लेखन। मिज़ाज से घुमक्कड़, पेशे से अध्यापक । हिंदी ख़त.कॉम वेबसाइट के संपादक और 10 अमर उजाला.कॉम के लिए नियमित ब्लॉग लेखन। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में अध्यापन कार्य।

जीतेन्द्र गुप्ता, उत्तरप्रदेश, भारत

शिक्षा - कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक। महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा से परास्नातक और एम.फिल की पढाई पूरी की। जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। अनुवाद के रुप में फ़िदेल कास्त्रो की पुस्तक साम्राज्यवादी वैश्वीकरण व अपराजेय योद्धा, मोटरसाइकिल डायरी, मिशेल चोसदुवस्की की पुस्तक ग़रीबी का वैश्वीकरण और रणधीर सिंह की पुस्तक समाजवाद का संकट व पारिस्थितिकी संकट और समाजवाद का भविष्य शीर्षक पुस्तकें प्रकाशित। अकार पत्रिका के रजत अंक का भी संपादन किया। भारतीय इतिहासबोध का संघर्ष और हिन्दी प्रदेश शीर्षक से पुस्तक प्रकाशित। इसके अलावा पहल, तद्भव, परिकथा और पक्षधर जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में आलोचनात्मक और विचारात्मक लेख प्रकाशित। अभी समकालीन कविता और उसकी सैद्धांतिकी विषय पर कार्य कर रहे हैं।

शंभुनाथ चौधरी, पश्चिम बंगाल, भारत

शंभुनाथ चौधरी उर्फ प्रस्फूटियसुगंधा। शिक्षा-एम.एस.सी (गणित) और बी.एड.। विज्ञान विषय की विद्यार्थी रहीं। कविता लेखन में विषय रुचि। जीवन में कविता की विशेष भूमिका। कविता में 11 मनुष्यता और प्रकृति की अभ्यर्थना। मिदनापुर जिला (प.बंगाल) में उच्च शिक्षा विद्यालय में अध्यापिका।

सुरेश तोमर,

19 अगस्त 1969 को जन्‍म। शिक्षा-स्नातक। समीक्षक, आलोचक, सोशल मीडिया लेखक सामाजिक कार्यकर्ता। जेंडर, भेदभाव, असमानता जैसे विषयों के विद्वान। कार्यक्रम प्रबंधन/आयोजन - लैंगिक समानता, स्त्री विमर्श के मौजूद विषय, हिंसा, लिंग भेद आदि पर। साथ ही फिल्म, नाटक के आयोजन। सम्मान- खजुराहो फिल्म उत्सव में विशिष्ट सम्मान।

जानकीप्रसाद शर्मा, मध्‍यप्रदेश, भारत

5 मार्च 1950, सिरोंज, (विदिशा), मध्यप्रदेश में जन्‍म। शिक्षा - एम.ए., पीएच.डी. हिंदी (भोपाल विश्वविद्यालय), अदीब (जामिया उर्दू, अलीगढ़)। प्रमुख कृतियाँ - 'उर्दू अदब के सरोकार', 'उर्दू साहित्य की परंपरा', 'रामविलास शर्मा और उर्दू', 'शानी' (साहित्य अकादेमी मोनोग्राफ़), 'कविता की नई काइनात', 'कहानी का वर्तमान', 'कहानी - एक संवाद', 'उपन्यास - एक अंतर्यात्रा' और 'गाहे ब गाहे' (सभी आलोचना) संपादन : शानी रचनावली (छह खंडों में), उद्भावना पत्रिका के 'मजाज़', 'मंटो' 'इस्मत चुग़ताई' विशेषांकों का संपादन। उर्दू से हिंदी अनुवाद की लगभग तीन दर्जन किताबों में से 13 किताबें केंद्रीय साहित्य अकादेमी से प्रकाशित। सज्जाद ज़हीर की 'रौशनाई' प्रो. मुहम्मद उमर की 'हिंदुस्तानी तहज़ीब का मुसलमानों पर असर', क़ाज़ी अब्दुस्सत्तार के उपन्यास 'दाराशुकोह' और 'ग़ालिब' विशेषत: उल्लेखनीय। अपने हिंदी मोनोग्राफ़ 'शानी' का स्वत: उर्दू अनुवाद। उर्दू में भी लेखन। सम्मान : हिंदी अकादमी दिल्ली का 'हिंदी सेवा सम्मान'। 12 फ़िलहाल: लाजपत राय कालेज, साहिबाबाद (गा़ज़ियाबाद) से हिंदी विभागाध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्ति के बाद स्वतंत्र लेखन।

डॉ सोम ठाकुर, उत्तरप्रदेश, भारत

5 मार्च सन् 1934 में आगरा के अहीर पाड़ा में जन्म । पहले इनका नाम सोम प्रकाश "अम्बुज " था । कृतियाँ – ‘एक ऋचा पाटल को’, ‘अभियान’, ‘प्रेमबेल बोयी’, एक गज़ल संग्रह एवं अनेक गीत संग्रह भी प्रकाशनाधीन हैं । सोम ठाकुर को "यशभारती " पुरस्कार, "साहित्य गौरव" पुरस्कार दिया जा चुका हैं । सोमठाकुर को सन् 2004 में उ.प्र. हिन्दी संस्थान का कार्यकारी उपाध्यक्ष  बनाया गया । हिन्दी को बढ़ावा देने के लिये उन्हें अमेरिका  के कई शहरों में भेजा गया । वे मॉरीशस 1 साल हिन्दी को बढावा देते रहे । आप  डॉ शम्भू नाथ सिंह द्वारा सम्पादित पहले नवगीत दशक के प्रमुख कवि रहे । धर्मयुग, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, पराग, साहित्य अमृत आदि सैकड़ों  पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे । आज भी उनकी सक्रियता जारी हैं

रंजना मिश्र, महाराष्ट्र, भारत

1970 के दशक में जन्म, शिक्षा वाणिज्य और शास्त्रीय संगीत में । ‘पहल’, ‘कथादेश’, ‘समालोचन’, ‘सदानीरा’, ‘गंभीर समाचार ‘, ‘बिजूका में कविताएँ,’ कहानी, शास्त्रीय संगीत और कलाओं से संबंधित ई-पत्रिका - 'क्लासिकल क्लैप' के लिए संगीत पर लेखन । चार्ल्स बुकोव्स्की, तारा पटेल और कमला दास की कविताओं के अनुवाद प्रकाशित । सत्यजीत राय की फिल्मों पर लेखन और कविता संग्रह प्रकाशनाधीन । साहित्य अकादमी की पत्रिका में कविताओं के अनुवाद प्रकाशित, कथादेश में यात्रा संस्मरण, कवितायेँ, इंडिया मैग, बिंदी बॉटम (अँग्रेज़ी) में निबंध/रचनाएँ प्रकाशित । “प्रतिलिपि कविता सम्मान” से सम्मानित। आकाशवाणी, पुणे से संबद्ध ।

तरुण भटनागर, मध्यप्रदेश, भारत

24 सितम्बर 1968 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में जन्म | लगभग 31 कहानियाँ विभिन्न साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित । कहानी संग्रह - ‘गुलमेंहदी की झाड़ियाँ’, ‘भूगोल के दरवाजे एवं ‘जंगल में दर्पण’ | उपन्यास- ‘लौटती नहीं जो हंसी’, ‘राजा जंगल और काला चाँद’ । कुछ रचनायें विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल । रचनाओं का मराठी, उड़िया, तेलगु एवं अंग्रेजी में अनुवाद । चुनिंदा कहानियाँ श्रृंखला ‘गौरतलब कहानियाँ’ में प्रकाशित । चयनित कहानियों की श्रृंखला ‘मैं और मेरी कहानियाँ’ एवं ‘सात चुनिंदा कहानियों’ पर साहित्यिक पत्रिका रचना समय का एक समग्र अंक जून 2012 में । एक उपन्यास ‘अदीब’ एवं कहानियों की एक किताब ‘प्रलय में नाव’ प्रकाशनाधीन । वागीश्वरी पुरस्कार, शैलेश मटियानी कथा पुरस्कार से पुरस्कृत | उपन्यास ‘लौटती नहीं जो हँसी’ को 2014 का स्पंदन कृति सम्मान । मध्य भारत हिंदी साहित्य सभा का हिंदी सेवा सम्मान 2015 आदि । संप्रति : भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत, वर्तमान में मुरैना मध्यप्रदेश |

प्रमोद कुमार तिवारी, बिहार, भारत

बिहार के कैमूर (भभुआ) जिला के परसियां गांव में जन्‍म। बीएचयू, वाराणसी से एम.ए. एवं जेएनयू से प्रो. केदारनाथ सिंह के निर्देशन में एम.फिल. एवं पीएच.डी. । हिंदी एवं लोकभाषाओं की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में पिछले 20 वर्षों से विविध विधाओं में रचनाएँ प्रकाशित और आकाशवाणी से प्रसारित। साप्ताहिक समाचार पत्रिका द संडे इंडियन के 60 से अधिक अंकों का संपादकीय दल प्रमुख के रूप में प्रकाशन। साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली एवं एनसीईआरटी, नई दिल्ली में परामर्शदाता के रूप में कई वर्षों तक कार्य। 9 वर्षों से सहायक प्राध्‍यापक। कविता संग्रह सितुही भर समय साहित्‍य अकादेमी, नई दिल्‍ली से प्रकाशित एवं तीन अन्‍य पुस्‍तकें प्रकाशित। गर्भनाल पत्रिका के लिए भाषा केंद्रित स्‍तंभ लेखन। संप्रति- गुजरात केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, गांधीनगर में असिस्‍टेन्‍ट प्रोफेसर।

महेश कटारे "सुगम ", मध्यप्रदेश, भारत

24 जनवरी 1954 ग्राम सिपरई जिला ललितपुर (उ. प्र.) में जन्म। कविता, कहानी, गीत, नवगीत, गज़ल, बुंदेली गज़ल, उपन्यास, बाल साहित्य, विधा पर विगत 45 वर्षों से निरंतर सक्रिय लेखन। हिंदी में प्रकाशित हँस, इण्डिया टुडे, वागर्थ, इंद्रप्रस्थ भारती, सम्बोधन, वसुधा, वर्तमान साहित्य, नया ज्ञानोदय, कहन, दुनिया इन दिनों, इन साइड इंडिया, कथाबिंब, अभिनव प्रयास, लहक, शब्द संगत, सरिता, भूभारती, सुमन सौरभ, बाल भारती, लोटपोट, चकमक, आदि पत्रिकाओं में समय समय पर रचनाएं प्रकाशित। विभिन्न विधाओं पर अब तक 24 पुस्तकें विभिन्न प्रकाशनों से प्रकाशित । हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा सह भाषा सम्मान, जनकवि नागार्जुन आलोक सम्मान, जनकवि मुकुट बिहारी सरोज, स्पेनित सम्मान, लोक भाषा सम्मान, विशम्भर नाथ शास्त्री सम्मान, सहित कई अन्य सम्मान और पुरस्कार । महाराजा महाविद्यालय छतरपुर (म.प्र.) में उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल । बुंदेली ग़ज़ल विधा पर काम किया और उसे स्थापित किया। स्वास्थ्य विभाग (म.प्र.) में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद से स्वेच्छिक सेवा निवृति।

इक़बाल अशहर, दिल्ली, भारत

1965 में दिल्ली में पैदा हुए इक़बाल अशहर की शाइरी का आग़ाज़ 1983 में हुआ। रामजस स्कूल और ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से तालीम हासिल कर चुके इक़बाल अशहर का शुमार इस दौर के नुमाइंदा शाइरों में होता है। उनकी शाइरी अतीत के बेतरतीब अंधेरे-उजालों की तरतीब, नई रुतों की आशाओं-निराशाओं की दिलचस्प दास्तान और आने वाले दौर की आहटों की गूंज है । उर्दू , ताज महल और वसीयत जैसी मशहूर नज़्मों के रचयता इक़बाल अशहर ग़ज़ल को अपने इज़हार का ख़ास वसीला समझते हैं। उनकी अनेक ग़ज़लें, मुशायरों और कवि सम्मेलनों की कामयाबी की जमानत समझी जाती हैं। 2010 में उनका पहला उर्दू ग़ज़ल- संग्रह 'रतजगे' भारत के अलावा अनेक देशों में शोहरत हासिल कर चुका है। इसी पर दिल्ली और यूपी उर्दू अकादमी का इनाम मिला। ग़ज़ल सराय इंतिख़ाब ए कलाम 2016 में प्रकाशित।

रश्मि भारद्वाज, बिहार, भारत

11 अगस्त, मुज़फ्फ़रपुर बिहार में जन्म । रश्मि भारद्वाज वर्तमान में “वाणी प्रकाशन” में प्रधान संपादक हैं और ‘अलाव: एक साझा सपना/ विमेंस कलेक्टिव’, स्त्री रचनाधर्मिता पर आधारित पत्रिका का संपादन भी करती हैं। कविता, कहानी अनुवाद, स्त्री विमर्श एवं सामाजिक मुद्दों पर आलेख लेखन आदि में निरंतर सक्रिय रहतीं हैं। कविता संग्रह ‘एक अतिरिक्त अ’ ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार -2016 योजना के अंतर्गत प्रकाशित हुआ है। राजपाल प्रकाशन द्वारा रस्किन बॉन्ड का कहानी संग्रह एवं साहित्य अकादमी विजेता हंसदा सोवेन्द्र शेखर के कहानी संग्रह ‘आदिवासी नहीं नाचेंगे’ का अनुवाद प्रकाशित। वेब मैगजीन मेराकी पत्रिका के संयोजन -सम्पादन द्वारा नयी लेखनी को प्रोत्साहन।

इंदिरा दाँगी, मध्यप्रदेश, भारत

13 फ़रवरी, 1980 को ज़िला दतिया, म.प्र. में जन्म। शिक्षा - एम.ए. (हिन्दी साहित्य) अब तक कुल सात किताबें प्रकाशित। जिनमें दो कहानी संग्रह, दो उपन्यास और तीन नाटक हैं। साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन अनुशंसा पुरस्कार, मोहन राकेश अनुशंसा पुरस्कार, वागीश्वरी पुरस्कार, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ पुरस्कार, युवा पुरस्कार (2018 राजस्थान पत्रिका), सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पुरस्कार प्राप्त। नाटकों का विदेशों में मंचन। कहानियों का ग्यारह भारतीय भाषाओं में अनुवाद। रचनाओं का रेडियो एवं टेलीविज़न पर प्रसारण ।

शांतिलाल जैन, मध्यप्रदेश, भारत

1960 में भारत के उज्जैन शहर में जन्म । वाणिज्य में स्नातकोत्तर, विधि स्नातक । ‘कबीर और अफ़सर’, ‘न आना इस देश’, ‘मार्जिन में पिटता आदमी’ - अब तक प्रकाशित व्यंग्य संग्रह । जनसत्ता, शुक्रवार, नईदुनिया, धर्मयुग, सुबह सवेरे, दैनिक भास्कर, समावर्तन, अट्टहास, लोकमत समाचार आदि देश की अन्य अनेक पत्र-पत्रिकाओं में व्यंग्य लेखों का नियमित प्रकाशन । श्री हरिकृष्ण तैलंग स्मृति सम्मान, राजेंद्र अनुरागी पुरस्कार, अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान, डॉ ज्ञान चतुर्वेदी व्यंग्य सम्मान से सम्मानित । संप्रति : सहायक महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक।

आलोक पुराणिक उत्तरप्रदेश, भारत।

30 सितंबर, 1966 में आगरा, में जन्म | शिक्षा-एम.काम., पी एचडी.। नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक ट्रिब्यून, आई नेक्स्ट, हरिभूमि, आई नेक्स्ट, नई दुनिया समेत कई अखबारों में नियमित व्यंग्य लेखन। इधर वनलाइनर व्यंग्य पर लगातार काम। बीबीसी, जी बिजनेस, आकाशवाणी,लोकसभा चैनल में बतौर एक्सपर्ट काम । प्रकाशित कृतियाँ – ‘नेकी कर अख़बार में डाल’, ‘लव पर डिस्काऊंट’, ‘बालम तू काहे ना हुआ’एनआरआई’, ‘नेता बनाम आलू’, ‘व्हाईट हाऊस में रामलीला’, ‘मर्सीडीज घोड़े बनाम 800 सीसी घोड़े’, ‘पापा रिस्टार्ट न हुए’, ‘कारपोरेट पंचतंत्र, गौरतलब’, चुनिंदा व्यंग्य आदि । आर्थिक पत्रकार, व्यंग्यकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के कालेज महाराजा अग्रसेन कालेज के कामर्स विभाग में बतौर एसोसियेट प्रोफेसर कार्यरत।

राकी गर्ग, दिल्ली, भारत

7 जून 1976, बहराइच (उत्तर प्रदेश) में जन्म | शिक्षा- एम.ए | कवि, कथाकार, अनुवादक व संपादन कार्य तथा चित्रकला में रुचि | सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद और गांधीवादी चिंतक अनुपम मिश्र के व्याख्यान तथा लेखों का संकलन - संपादन 'अच्छे विचारों का अकाल' शीर्षक से ज्ञानपीठ से प्रकाशित व चर्चित। किशोरों के लिए 'तुलसीदास' की जीवनी भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित। साथ ही बच्चों के लिए ६ सचित्र किताबों का लेखन, आकल्पन। प्रमुख पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन। सुप्रसिद्ध कवि रिल्के के पत्रों के की अनुवाद किताब. ‘संवाद’ प्रकाशन से शीघ्र प्रकाश्य। हिन्दी कविता में विस्थापन 'विषय पर शोधकार्य जारी । इन दिनों ' विश्व रंग' टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवम् कला महोत्सव 2019 से सम्बध्द।

लीलाधर मंडलोई, दिल्ली, भारत

जन्म: जन्माष्टमी | सही तिथि व साल अज्ञात| शिक्षा: एम.ए बी.एड, पत्रकारिता में स्नातक | प्रसारण में उच्च शिक्षा सी.आर. टी( लंदन) पदभार: दूरदर्शन, आकाशवाणी के महानिदेशक सहित कई राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय समितियों के साथ ही प्रसार भारती बोर्ड के सदस्य होने के साथ भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक तथा मासिक पत्रिका नया ज्ञानोदय के संपादक भी रहे| कविता के अतिरिक्त फिल्म निर्माण और फोटोग्राफी में विशेष रुचि| कई रचनाकारों ( ज्ञानरंजन, मुक्तिबोध शीनकाफ़ निज़ाम तथा अन्य) पर डाक्यूमेंट्री निर्माण, निर्देशन तथा पटकथा लेखन। चित्रों (फोटोग्राफी) की प्रदर्शनी आयोजित | कृतियाँ: 39 किताबें प्रकाशित, जिनमें कुछ किताबों के नाम - काव्य संग्रह -घर-घर घूमा, रात-बिरात, मगर एक आवाज़, काल-बाँका तिरछा, भीजै दास कबीर, जलावतन आदि, गद्य: कविता का तिर्यक (आलोचना), दिल का कि़स्‍सा तथा अर्थ जल (निबन्ध), काला पानी (वृत्तान्त), दाना पानी (डायरी), पहाड़ और परी का सपना (अंदमान- निकोबारकी लोककथाएँ)। पेड़ भी चलते हैं और चाँद का धब्बा (बाल कहानियाँ), इनसाइड लाइव (मीडिया)।अनुवाद: शकेब जलाली की ग़ज़लों का लिप्यंतरण मंज़ूर एहतेशाम के साथ। अनातोली पारपरा की रूसी कविताओं के अनुवाद अनिल जनविजय के साथ तथा कई पत्रिकाओं व किताबों का सम्पादन व प्रस्तुति| सम्मान: पुश्किन, रज़ा, शमशेर, नागार्जुन, दुष्यन्त, रामविलास शर्मा तथा कृति सम्मान । इन दिनों' विश्व रंग' टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवम् कला महोत्सव 2019 के सह निदेशक तथा स्वतंत्र लेखन |

राजेन्द्र गुप्ता, महाराष्ट्र, भारत

हिन्दी सिनेमा, टेलीविज़न और रंगमंच के सिद्धहस्त अभिनेता राजेन्द्र गुप्ता अपनी दमदार आवाज़ और अदायगी के लिए जाने जाते हैं। लगभग चालीस वर्षों की अपनी यात्रा में राजेन्द्र गुप्ता ने कई फिल्मों, धारावाहिकों और नाटकों में काम किया है और अपनी पहचान बनाई है। नब्बे के दशक में मशहूर धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ में पंडित जगन्नाथ, ऑस्कर नामांकित फिल्म ‘लगान’ के मुखिया और अब के हास्य धारावाहिक ‘चिड़ियाघर’ के बाबूजी जैसी भूमिकाओं में यादगार अभिनय इसकी मिसाल है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक रहे राजेंद्र गुप्ता ने कई नाटकों में अभिनय और निर्देशन किया जिनमे प्रमुख है, ‘सूरज की अंतिम किरण से सूरज की पहली किरण तक’, ‘जायज़ हत्यारे’, ‘सर सर सरला’, ‘कन्यादान’। ‘ये वो मंज़िल तो नहीं’, ‘सलीम लँगड़े पर मत रो’, ‘मिशन कश्मीर’, ‘लगान’, ‘गुरु’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘मोहल्ला अस्सी’ आदि उनकी प्रमुख फिल्में हैं। उनके अभिनीत धारावाहिकों में ‘नुक्कड़’, ‘भारत एक खोज’, ‘चंद्रकांता’, ‘शक्तिमान’, ‘साया’, ‘बालिका वधू’, ‘चिड़िया घर’ आदि प्रमुख हैं।

स्वानन्द किरकिरे, महाराष्ट्र, भारत

हिन्दी और मराठी सिनेमा के सुप्रसिद्ध गायक, गीतकार और अभिनेता । इंदौर (म.प्र.) में जन्मे और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक, स्वानन्द के गीतों ने हिन्दी सिनेमा को नया मुहावरा और पहचान दी है। अपने गीतों ‘बंदे में था दम’ (फिल्म : लगे रहो मुन्नाभाई) और ‘बहती हवा सा था वो’ (फिल्म : थ्री इडियट्स) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है। हाल ही मराठी फिल्म ‘चुंबक’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा हुई है। ‘हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी’, ‘परिणीता’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘थ्री इडियट्स’, ‘पीपली लाइव’, ‘बर्फ़ी’, ‘पीके’ आदि बतौर गीतकार उनकी प्रमुख फ़िल्में हैं। वे उन कुछ चुनिन्दा कलाकारों में हैं जो सिनेमा और रंगमंच पर लगातार सक्रिय हैं।

ज्योति कपूर, महाराष्ट्र, भारत

ज्योति कपूर हिन्दी फ़िल्मों की जानी-मानी पटकथा लेखिका और पत्रकार हैं। ‘द इंडियन एक्स्प्रेस’ और ‘मिड डे’ में संवाददाता के रूप में काम करने के बाद उन्होंने फ़िल्मों का रुख किया। ‘बधाई हो’, ‘दावत-ए-इश्क़’, ‘कच्चा लिम्बू’ उनकी लिखी प्रमुख फ़िल्में हैं जिन्हें दर्शकों की अपार प्रशंसा प्राप्त हुई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न संस्थान की छात्रा रहीं ज्योति इन इन दिनों स्क्रीन राइटर्स असोसिएशन, मुंबई की वाइस प्रेसिडेंट हैं ।

जयंत देशमुख, महाराष्ट्र, भारत

जयंत देशमुख हिन्दी फिल्म उद्योग के प्रख्यात कला-निर्देशक हैं। रायपुर में जन्मे जयंत ने अब तक 50 से ज़्यादा हिन्दी फिल्मों और कई धारावाहिकों में बतौर आर्ट डायरेक्टर काम किया है जिनमें प्रमुख हैं – बवंडर, आँखें, दीवार, तेरे नाम, मक़बूल, आरक्षण, राजनीति। उनके धारावाहिकों में तारक मेहता का उल्टा चश्मा, घर की लक्ष्मी बेटियां, बिदाई, ये रिश्ता क्या कहलाता है आदि प्रमुख हैं। फिल्मों में सक्रिय होने के पहले जयंत भारत भवन, रंगमंडल में ब व कारन्त के मार्गदर्शन में अभिनेता रह चुके हैं। उनके द्वारा निर्देशित नाटक ‘नटसम्राट’ हिन्दी रंगमंच में नए पन्ने जोड़ रहा है।

मोज़िद महमूद, बांग्लादेश

जन्म 16 अप्रैल 1966 पाबना, बांग्लादेश में जन्मे मोज़िद महमूद बांग्लादेश के प्रतिष्ठित कवि, निबंधकार ,कथाकार और समाजसेवी हैं । उनकी गिनती 1980 के दशक के सर्वप्रमुख बांग्लादेशी कवियों में होती है । उनकी  शिक्षा दीक्षा ढाका में हुई। आजीविका के लिए वे पत्रकारिता करते रहे। मोज़िद महमूद की लिखी हुई कविता पुस्तक 'महफूजा मंगल' अपने समय में बहुत प्रसिद्ध हुई थी और इसे बांग्लादेश के उत्तर आधुनिकतावाद के दौर की उत्कृष्ट कृतियों में शुमार किया जाता है। उसके बाद लिखी गई कविताएं मसलन 'बाल उपाख्यान','एप्पल काहिनी', ' कांटापोड़ा  मानुष","नजरुल : तृतीय बिश्वेर मुखोपत्रो"  इत्यादि उनकी अन्य चर्चित कृतियाँ हैं।   गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की रचनाओं पर उनकी एक से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनकी 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।  साहित्य के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए  मोज़िद महमूद को कई सम्मान और पुरस्कारों से अलंकृत किया गया है।  उनकी कविताओं के विभिन्न भाषाओं में अनुवाद भी हुए हैं।

लेबो माशिले, दक्षिण अफ्रीका

पुरस्कृत लेखिका /कवि , प्रेजेंटर और अभिनेत्री लेबो माशिले दक्षिण अफ्रीका में एक सुपरिचित नाम है ।वो पिछले बीस सालों से  अपनी गेय और उत्साह से भरी कविताओं के लिए जानी जाती हैं जिन्हें 25 देशों  के श्रोताओं  को खूब सराहना मिली है । माशिले  एक सामाजिक और राजनीतिक कॉमेंटेटर , और कई महत्वपूर्ण आयोजनों  की प्रणेता भी रहीं हैं। मिशेल टेलिविज़न पर लंबे समय  से "लेटिट्यूड"   और  "ड्राइंग द लाइन"  और "दी ग्रेट एक्सपेक्टशन्स" सरीखे अत्यंत लोकप्रिय कार्यक्रमों को प्रस्तुत करती रही हैं । "मोया"  "लेबो माशिले लाइव" नाम से उनके म्यूज़िक एलबम आये हैं । कर रही हैं ।अनेक मंच प्रस्तुतियों के अतिरिक्त उन्होंने  अकादमी अवार्ड के लिए नामांकित फ़िल्म "होटल रवांडा" में भी  अभिनय  किया है । इनके दो काव्य संग्रह प्रकाशित  हो चुके हैं  जिनमें से  "ए रिबन ऑफ रिदम" को 2006 में अफ्रीका के प्रतिष्ठित  नोमा अवार्ड से  पुरस्कृत किया गया है। दूसरा काव्य संग्रह "फ्लाइंग अबोव द स्काई" 2017 में छपा  है । वर्तमान में यह अपने तीसरे काव्य संग्रह पर ब्लैकबर्ड बुक्स के साथ  कामकर रही हैं। वे स्पोकन वर्ड पोएट्री की नई पीढ़ी की अग्रणी कवि मानी जाती हैं और पोएट्री अफ्रीका , लागोस इंटरनेशनल पोएट्री फेस्टिवल जैसे मंचों की  परिचित हस्ताक्षर हैं। 2018 में माशिले को अत्यंत प्रतिष्ठित टेड टॉक के लिए आमंत्रित किया गया था।

नजीब बरवर, अफ़गान

1986 में काबुल में पैदा हुए नजीब बरवर  युवा पीढ़ी के अफ़गान कवि हैं। ईरान और ताजिकिस्तान के लोगों में भी नजीब  बहुत लोकप्रिय हैं ।   तालिबानी शासन के दौरान इनकी शिक्षा अधूरी रह गई थी , लेकिन बाद में   उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू कर   मशाल यूनिवर्सिटी से पोलिटिकल साइंस से स्नातक डिग्री हासिल की और वाणिज्य मंत्रालय में   विभिन्न पदों पर काम किया । वे  अफ़ग़ानिस्तान शैक्षणिक ओर सांस्कृतिक शोध केंद्र के राष्ट्रीय  निदेशालय में भी रहे । वर्तमान में  नजीब बरवर मार्शल फहीम फाउंडेशन में सांस्कृतिक मामलों के प्रबंधन से जुड़े हैं ।"काबुल वीकली" मैगज़ीन के प्रबंधन से भी जुड़े हैं । उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हैं :दीगर काबुल(Other Name of  Kabul ),सह अक्स जुदा उफ़्तादा (Three Seprated Pictures) और हिंदुकुश बी इक़्तेदार (ineligible hindukush ) उनकी नई  किताब "मर्ज हा दीगर असासदूरी मा निस्तंद  " (Borders are no Longer the Basis of Our Distance) प्रकाशनाधीन है ।

को को थेत, बर्मा

1972 में तत्कालीन बर्मा में जन्मे को को थेत बर्मी और अंग्रेजी में कविताएँ लिखते हैं।वे एक कवि संपादक और अनुवादक हैं।इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए उन्होंने भूमिगत कवियों की रचनाओं का संकलन किया पर देश की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए जल्दी ही उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा। उसके बाद विदेशों में रहते हुए उन्होंने बर्मा की समकालीन कविता को बहुत निष्ठा के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।  उनकी अपनी कविताएँ दुनिया की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में छपती रही हैं।बर्मी कविताओं के अनुवाद के लिए इंग्लिश पेन ट्रांसलेशन अवार्ड उन्हें दिया गया - उन्हें यह अवार्ड 'बोन्स विल क्रो: 15 कंटेंपररी बर्मीज़ पोएट्स' नामक पुस्तक के लिए दिया गया।  उनकी अपनी कविता का संकलन 'द बर्डेन ऑफ बीइंग बर्मीज़' शीर्षक से अंग्रेजी में छपा है। वे 'मेकाँग रिव्यू' के संपादक हैं और 'पोएट्री इंटरनेशनल' के बर्मा के कंट्री एडिटर भी हैं। उनकी कविताओं के अनुवाद चीनी, रूसी, अरबी, पुर्तगाली और फिनिश भाषाओं में हुए हैं।

मारा लनोत, फिलीपींस

1944 में मनीला में जन्मी मारा लनोत फिलीपींस की प्रमुख कवि, निबंधकार और पत्रकार हैं जो फिलिपिनो, अंग्रेजी और स्पेनिश तीन भाषाओं में लिखती हैं।उनके पाँच कविता संकलन प्रकाशित हैं,इनके अतिरिक्त विभिन्न विषयों पर अनेक अन्य किताबें भी प्रकाशित हैं।स्त्री विमर्श उनकी रचनाओं का केन्द्रीय तत्व रहा है। साहित्य के अलावा उन्होंने टेलीविजन के लिए प्रचुर मात्रा में लेखन किया है। फिलीपींस यूनिवर्सिटी में उन्होंने लंबे समय तक साहित्य, क्रिएटिव राइटिंग और फ़िल्म के बारे में अध्ययन किया है।जिन महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर वे रहीं जिनमें प्रमुख था सिनेमा और टेलीविजन में प्रस्तुत कार्यक्रमों  का वर्गीकरण करने वाला सरकारी बोर्ड।  उनकी कृतियों करने को अनेक देशी विदेशी पुरस्कार मिले।'शीव्स ऑफ थिंग्स' 'राइडिंग द फुल मून' उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं।अनेक अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सवों में उन्होंने शिरकत की है।

ईगर सीद,रूस

1963 में क्रीमिया में जन्मे ईगर सीद  (वास्तविक नाम ईगर सिदोरेन्को) रूस के प्रमुख कवि, निबंधकार, समाजशास्त्री और जीव वैज्ञानिक है और उनकी विशेष रुचि जिओ पॉलिटिक्स में है।  प्रोफेशनल तौर पर वे एक जीव वैज्ञानिक हैं जो अनेक महासागरों की यात्रा कर चुके हैं - जैसे अंटार्कटिका,गीनिया, इंडोनेशिया, यमन, मेडागास्कर, नामीबिया, सेशल्स, दक्षिण अफ्रीका इत्यादि।   उनकी कविताओं का संकलन 'इनसाइडियस क्रीमिया' शीर्षक से प्रकाशित है ।इसके अलावा विश्व कविता के अनेक संकलनों में उनकी कविताएँ शामिल हैं ।उन्होंने आधुनिक रूसी कविता के ऑडियो संकलन तैयार करने का बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। उनके वीडियो पोएट्री के प्रयोग बड़े चर्चित हुए हैं और अनेक अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सवों में उन्हें इस काम के लिए पुरस्कृत भी किया गया है।  उनकी अपनी कविताओं के अनुवाद अंग्रेजी के अतिरिक्त आर्मेनियन,डच,मलय, रोमानियाई और यूक्रेनी भाषा हुए हैं।

रुद्रमूर्ति चेरन, श्रीलंका

श्रीलंका के उथल पुथल भरे जाफ़ना क्षेत्र में जन्मे और बड़े हुए डॉ रुद्रमूर्ति चेरन तमिल- कैनेडियन शिक्षाशास्त्री , कवि , नाटककार ,और पत्रकार हैं। वे विंडसर विश्वविद्यालय कैनेडा में समाजविज्ञान के प्रध्यापक हैं । अभी  तक उनकी मूल तमिल भाषा में कविता  की  पन्द्रह किताबें प्रकाशित हो चुकी  हैं और इनका अनुवाद मलयालम , तेलगु , कन्नड़ और बंगाली सहित बीस से अधिक भाषाओं में हो चुका है। उनके काम का एक बड़ा हिस्सा अंग्रेजी भाषा में भी अनूदित हो चुका है ।अभी हाल ही में उनकी किताब "इन ए टाइम ऑफ बर्निंग " ( आर्क पब्लिकेशन , यू के ) भी अनूदित होकर प्रकाशित हुई  है जिसमें  आम जन पर हो रहे अत्याचार , उनकी वेदना और आघात की प्रभावी अभिव्यक्ति है। चेरन रुद्रमूर्ति को वर्ष 2017 में ओएनवी कुरूप फाउंडेशन , दुबई द्वारा इंटरनेशनल पोएट्री अवॉर्ड दिया गया। यू के , सिंगापुर , इंडोनेशिया,भारत , स्वीडन , नीदरलैंड , कनाडा, रामल्ला , वेस्ट बैंक , दुबई और मेक्सिको आदि देशों में आयोजित साहित्य उत्सवों में उन्होंने अपनी कविताओं का पाठ किया है। अंग्रेजी में लिखे उनके नाटकों का प्रदर्शन टोरंटो,कनाडा ,न्यूयार्क , शिकागो और न्यू जर्सी जैसी जगहों पर हुआ है।उनकी कविताओं पर आधारित एक नाटक " द सेकेंड सनराइज "का मंचन सिंगापुर और अमेरिका में भी हुआ था।

ओबायेद आकाश, बांग्लादेश

ओबायेद आकाश बांग्लादेश की युवा पीढ़ी के प्रमुख कवि हैं जिनका जन्म 1973 में राजबाड़ी जिले में हुआ था और पढ़ाई लिखाई ढाका विश्वविद्यालय में हुई। पेशे से वह पत्रकार हैं और बांग्ला के प्रमुख अखबार 'दैनिक संबाद' के साहित्य संपादक हैं।उनके स्वयं के 19 काव्य संकलन प्रकाशित हैं । बांग्ला कविताओं के अतिरिक्त उन्होंने प्रचुर मात्रा में अनुवाद भी किए हैं - उन्होंने समकालीन फ्रेंच कविता के अनुवादों का एक संकलन बांग्ला में प्रकाशित किया है। 1990 के दशक के दोनों बंगालों की कविता का एक संकलन भी उन्होंने किया है और प्रसिद्ध लेखकों के साथ उनके साक्षात्कार भी एक संकलन के रूप में प्रकाशित हैं। वे शालुक नाम की एक साहित्य,कला और विचार को समर्पित पत्रिका का 20 वर्षों से संपादन करते आ रहे हैं । आकाश को उनके साहित्यिक अवदान के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए हैं।

सुमन पोखरेल, नेपाल

1967में  विराटनगर के एक गाँव में जन्मे सुमन पोखरेल नेपाल के जाने-माने कवि ,लेखक, अनुवादक और कलाकार हैं। कॉलेज की पढ़ाई के बाद थोड़े समय के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी की लेकिन उसके बाद से अपना पूरा समय साहित्य और कला की अपनी साधना में लगा रहे हैं। उनकी कविताओं में आम आदमी के दैनंदिन जीवन की घटनाएँ और मनुष्य के अंतर्मन की कोमल भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं। वे अपनी मातृभाषा नेपाली के अतिरिक्त हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में भी कविताएँ लिखते हैं। विश्व साहित्य के दिग्गजों की बहुत सारी कविताओं के अनुवाद उन्होंने नेपाली में किए हैं - उदाहरण के लिए शेक्सपियर, महमूद दरवेश, नाजिम हिकमत, पाब्लो नेरुदा ऑक्टोवियो पाज, माया एंजलू ,गैब्रिएला मिस्त्राल इत्यादि। भारत के फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ,साहिर लुधियानवी, गुलजार जैसे अत्यंत लोकप्रिय कवियों की कविताओं के अनुवाद के अलावा कन्नड़ के 51 महत्वपूर्ण कवियों की कविताओं के अनुवाद उन्होंने नेपाली भाषा में किए हैं जो किताब के रूप में प्रकाशित हैं। उनकी अनेक कविताएँ विश्व कविता संकलनों में शामिल की गई हैं। अरबी, फ्रेंच, जर्मन, इटालियन, फारसी जैसी विदेशी भाषाओं में और बांग्ला, हिंदी, मैथिली, उड़िया,संस्कृत और उर्दू जैसी भारतीय भाषाओं में भी सुमन पोखरेल के अनुवाद हुए हैं। उन्हें दो बार  सार्क साहित्यिक पुरस्कार प्रदान किया गया है।

खुजस्ता इलहाम, अफ़गानिस्तान

खुजस्ता इलहाम अफ़गानिस्तान की युवा कवि हैं जिनकी रूचि साहित्य के साथ साथ अफगानी समाज में स्त्रियों की स्थिति और लैंगिक भेदभाव है। वे दरी और फ़ारसी दोनों भाषाओँ में लिखती हैं। कविता के  उनके  दो संकलन प्रकाशित हैं और एक  प्रकाशनाधीन है। अफगान स्त्रियों पर किये गए  शोध की किताब  प्रकाशित है।  "आई डोंट लेंड माय हैंड्स" और "द रिबेलियन सिन" उनके कविता संकलनों के शीर्षक (अंग्रेजी अनुवाद) हैं और "महताब इन द डेज़र्ट" अफ़गान स्त्रियों की दशा पर लिखा उनका उपन्यास है। इसके अलावा खुजस्ता इलहाम ने स्त्रियों और लैंगिक असमानता पर एक किताब  अनेक लेख भी लिखे हैं।

तेंजिन त्सुंदु, तिब्बत

चीनी अधिपत्य के बाद तिब्बत से भाग कर भारत में शरण लेने वाले तेंजिन  त्सुंदु  का जन्म भले भारत में हुआ हो  और वे यहीं रहते आये हों पर उनका दिल पल पल स्वतंत्र तिब्बत का  स्वप्न देखता रहता है।अंग्रेजी साहित्य और दर्शन की पढ़ाई करने वाले तेंजिन अंग्रेजी में लिखने वाले  तिब्बती लेखक कवि और एक्टिविस्ट हैं जिनका मानना है कि कल के स्वप्न और आज के यथार्थ के बीच आवाजाही करते रहते हैं। बचपन में ही तेंजिन ने तिब्बत की आज़ादी तक संघर्ष करते रहने का संकल्प लिया था जो वे साहित्य के माध्यम से पूरा कर रहे हैं।  कविताओं और कहानियों की उनकी चार किताबें प्रकाशित हैं और पाँचवी किताब प्रकाशनाधीन है।"क्रॉसिंग द बॉर्डर",कोरा : स्टोरीज़ एंड पोयम्स " इत्यादि उनके चर्चित कविता संकलन हैं।  2002 में पिकाडोर आउटलुक नॉन फिक्शन पुरस्कार उनको प्रदान किया गया और भारत समेत अनेक विदेशी विश्वविद्यालयों में उनकी रचनाएँ विद्यार्थियों को पढ़ाई जाती हैं। अपनी किताबें वे स्वयं छापते और बेचते हैं। उनकी कविताओं के हिंदी सहित अनेक भाषाओँ में अनुवाद हुए हैं और प्रतिष्ठित साहित्य उत्सवों में अक्सर तेंजिन को आमंत्रित है।

आलोक श्रीवास्‍तव, उत्‍तर प्रदेश, भारत

1968 में जन्म। आलोक श्रीवास्तव हिंदी के अग्रणी पत्रकार, कवि, संपादक और प्रकाशक। लेखकीय जीवन की शुरुआत उन्होंने धर्मयुग और नवभारत टाइम्स से। दैनिक भास्कर की पत्रिका "अहा जिंदगी" यशस्वी संपादक रहे। के रूप में शिखर तक पहुँची। इतिहास, दर्शन, सिनेमा व कला में विशेष रूचि। कृतियॉं - वेरा उन सपनों की कथा कहो, यह धरती हमारा ही स्वप्न है, दुःख का देश और बुद्ध, वह चेहरा एक जीवनगाथा है ,यह कहाँ चले आये मेरे देश इत्यादि।

गीत चतुर्वेदी, मध्‍यप्रदेश, भारत

1977 में मुंबई में जन्म। सिनेमा, संगीत और विश्व कविता में गहरी दिलचस्पी। लोर्का, नेरूदा, यानिस रित्सोस, एडम ज़गायेव्स्की, अदूनिस, तुर्की युवा कवि आकग्यून आकोवा और इराक़ी कवयित्री दुन्या मिखाईल आदि की कविताओं के अनुवाद किए। मराठी से हिंदी में भी कई अनुवाद। मदर इंडिया' कविता के लिए वर्ष 2007 का भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार। दो कविता-संग्रह व दो कहानी-संग्रह प्रकाशित। अनुवाद व आलोचना की पुस्तकें भी प्रकाशित। दुनिया की अनेक भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। नेरूदा के संस्मरणों व लेखों का अनुवाद `चिली के जंगलों से´ और `चार्ली चैपलिन की जीवनी´चर्चित किताबें हैं।

अनामिका, दिल्‍ली, भारत

1963 में जन्म। शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय में अँग्रेजी पढ़ाने के साथ हिंदी की अग्रणी कवि, कथाकार और समालोचक। राजभाषा परिषद् पुरस्कार, साहित्य सम्मान, भारतभूषण अग्रवाल एवं केदार सम्मान से सम्मानित। कृतियाँ - गलत पते की चिट्ठी, बीजाक्षर, अनुष्टुप, समय के शहर में, खुरदुरी हथेलियाँ, दूब धान। विश्व साहित्य के अनेक महत्वपूर्ण कवियों के हिंदी में अनुवाद प्रकाशित हैं।

विजय कुमार, महाराष्ट्र, भारत

1948 में जन्म। हिंदी के प्रमुख कवि, आलोचक, निबन्धकार और अनुवादक। कवितायें, समीक्षायें, लेख ,अनुवाद हिन्दी की सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। कविताओं, लेखों आदि का अंग्रेज़ी, मराठी, बांग्ला , कन्नड़, मलयालम,पंजाबी, गुजराती उर्दू में अनुवाद। 'शमशेर सम्मान, देवीशंकर अवस्थी सम्मान, प्रियदर्शिनी अकादमी सम्मान, महाराष्ट्र हिन्दी साहित्य अकादमी का सम्मान। अदृश्य हो जायेंगी सूखी पत्तियां,चाहे जिस शक्ल से, रात पाली और मेरी प्रिय कविताएं उनके प्रमुख काव्य संकलन। अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के विश्व कविता विशेषांकों का संयोजन / संपादन भी किया।

जितेन्द्र भाटिया, दिल्‍ली, भारत

1946 में जन्म। पेशे से इंजीनियर हैं। विश्व साहित्य की चुनिंदा रचनाओं की हिंदी में प्रस्तुति को ("सोचो साथ क्या जाएगा" शीर्षक से पहले लेखमाला छपी जो बाद पुस्तकाकार छपी) बड़े सम्मान के साथ देखा जाता है। समय सीमांत, प्रत्यक्षदर्शी, रक्तजीवी, शहादतनामा, सिद्धार्थनामा इत्यादि उनकी चर्चित कृतियाँ हैं।

विजय शर्मा,

1952 में जन्‍म। कहानी, कथेतर गद्य, अनुवाद और संपादन के क्षेत्र में समान रूप से सक्रिय। विश्व साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साहित्य, स्त्री लेखन, विश्व सिनेमा पर उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित। कृतियाँ - अपनी धरती अपना आकाश : नोबेल के मंच से, वॉल्ट डिज्नी : ऐनीमेशन का बादशाह, अफ़्रो-अमेरिकन स्त्री साहित्य, स्त्री, साहित्य और नोबेल पुरस्कार, क्षितिज के उस पार से, सात समुंदर पार से,विश्व सिनेमा : कुछ अनमोल रत्न इत्यादि।

यादवेन्द्र, बिहार, भारत

1957 में जन्‍म। पेशे से इंजीनियर होने के साथ साथ हिंदी के अग्रणी विज्ञान लेखक और साहित्यिक अनुवादक हैं। विदेशी समाजों की कविता कहानियों के अंग्रेजी से किये अनुवाद नया ज्ञानोदय, पहल, हंस, कथादेश, वागर्थ, शुक्रवार, अहा जिंदगी, दोआबा जैसी पत्रिकाओं और श्रेष्ठ साहित्यिक ब्लॉगों में प्रकाशित। मार्च 2017 के स्त्री साहित्य पर केन्द्रित "कथादेश" का अतिथि संपादन। कृतियाँ - "तंग गलियों से भी दिखता है आकाश" और "स्याही की गमक" प्रकाशित।

दिनकर कुमार, बिहार, भारत

5 अक्टूबर 1967 को दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड स्थित ब्रह्मपुरा गांव में जन्‍म। तेरह वर्ष की उम्र में वह असम चले गये जहां उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। 28 वर्षों से पत्रकारिता। 14 वर्षों तक गुवाहाटी से प्रकाशित हिंदी दैनिक सेंटिनल के संपादक रह | उनके नौ कविता संग्रह- आत्म निर्वासन, लोग मेरे लोग,एक हत्यारे शहर में वसंत आता है, मैं तुम्हारी भावनाओं का अनुवाद बनना चाहता हूं, वैशाख प्रिय वैशाख, क्षुधा मेरी जननी, मेरा देश तुम्हारी घृणा की प्रयोगशाला नहीं है, ब्रह्मपुत्र को देखा है और जा सकता तो जरूर जाता। दो उपन्यास नीहारिका और काली पूजा। दो जीवनी और असमिया से 55 पुस्तकों का अनुवाद प्रकाशित है| उनको सोमदत्त सम्मान, जस्टिस शारदाचरण मित्र स्मृति भाषा सेतु सम्मान, अनुवादश्री सम्मान और अंतर्राष्ट्रीय पुश्किन सम्मान।

सुमन केशरी, बिहार, भारत

15 जुलाई को मुजफ़्फ़रपुर बिहार में जन्म। जवाहरलाल नेहरू यूनीवर्सिटी से स्नात्कोत्तर। सूरदास पर पीएचडी की। यूनीवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न आस्ट्रेलिया, पर्थ से एम.बी.ए किया। चार कविता संग्रह- “याज्ञवल्क्य से बहस, “मोनालिसा की आँखें, “शब्द और सपने” तथा “पिरामिडों की तहों में” प्रकाशित। सुमन केशरी ने अनेक कविताओं और कहानियों पर विश्लेषणात्मक लेख लिखे हैं। उनकी संपादित पुस्तक “जे एन यू में नामवरसिंह” अपने विशिष्ट रूप के चलते बहुत प्रंशसित हुई। इन दिनों वे फ़्रीलांस लेखक हैं।

अनुज लुगुन, झारखंड, भारत

10 जनवरी 1986 में झारखंड के जलडेगा पहानटोली में जन्‍म। आदिवासी संस्कृति के संवेदनशील व प्रखर अध्येता। शिक्षा - 'मुंडारी आदिवासी गीतों में जीवन राग एवम् आदिम आकांक्षाओं पर 'पी.एच. डी.। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, सावित्री त्रिपाठी, भारतीय भाषा युवा सम्मान, कोलकत्ता व साहित्य अकादमी युवा सम्मान प्राप्त। 'अघोषित उलगुलान' काव्य संग्रह तथा आदिवासी दर्शन व साहित्य पर किताबें शीघ्र प्रकाश्य।

मनोहर बाथम, मध्‍यप्रदेश, भारत

जन्म भोपाल (म.प्र) में। क्षेत्रिय शिक्षा महाविद्यालय (NCERT) से बी.ए.बी.एड। मानव अधिकार पर स्नाकोत्तर डिपलोमा। सीमा सुरक्षा बल में 39 साल नौकरी। ज्यादा समय कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व भारत में उत्कृष्ट सेवाओं एवं सराहनीय सेवाओं के लिए दो राष्ट्रपति पुलिस पदकों के साथ अनेक सेवा मेड़ल एवं सम्मान। अपर महानिदेशक पद से सेवा निवृत। हिन्दी और अंग्रेज़ी की गद्य एवं पद्य की ग्यारह पुस्तकें प्रकाशित। कविता संग्रह 'सरहद से' का 17 भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनुवाद एवं प्रकाशन। प. शिव कुमार मिश्र स्मृति कविता सम्मान, प. गोविन्द वल्लभ पन्त पुरूस्कार, इंदिरा गाँधी राजभाषा पुरूस्कार एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा सृजनात्मक लेखन पुरूस्कार। मानव अधिकार, आतंकवाद,जेल एवं सीमा प्रबन्धन में विशेष शोध एवं लेखन।

महराज कृष्ण संतोषी, कश्‍मीर, भारत

कश्मीर में 1954 को जन्‍म। शिक्षा - एमए अंग्रेजी साहित्य। विधिवत काव्यलेखन सन 1975 के आसपास । पहला काव्य संग्रह 'इस बार शायद' 1980 में प्रकाशित। पहल, साक्षात्कार, समकालीन भारतीय साहित्य, वागर्थ, हंस, आलोचना, कथादेश, विपाशा, जनसत्ता सहित देश की लगभग सभी महत्वपूर्ण पत्र -पत्रिकाओं में कविताएं और कहानियां प्रकाशित। कुछ रचनाओं के अनुवाद अंग्रेजी, पंजाबी, डोगरी, बंगाली और कश्मीरी में। प्रमुख कश्मीरी कवियों की प्रतिनिधि कविताओं के हिंदी 6 में अनुवाद। प्रकाशित कृतियाँ, काव्य: 1. इस बार शायद (1980) 2. बर्फ पर नंगे पांव (1993, पुरस्कृत) 3. यह समय कविता का नहीं (1996) 4. वितस्ता का तीसरा किनारा (2005, पुरस्कृत) कहानी संग्रह - हमारे ईश्वर को तैरना नहीं आता। (2009 संप्रति: स्वतंत्र लेखन।

वेद प्रकाश, दिल्‍ली, भारत

5 जून, 1970 को दिल्ली में जन्‍म। शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी में एम. पीएच. डी। ‘नेहरू युग और अकविता, ‘हरिशंकर परसाई : व्यंग्य की व्याप्ति और गहरा (हरिशंकर परसाई की कहानियों का विश्लेषण) पुस्तकें तथा संपादित पुस्तकें नागार्जुन : प्रतिनिधि कविताएँ (पीo पीo एचo से), श्री विजयमोहन शर्मा के साथ ‘भाषा, साहित्य और जातीयता’(‘समालोचक’ में प्रकाशित डॉo रामविलास शर्मा के लेख और समीक्षाओं का संग्रह) नागार्जुन : प्रतिनिधि कविता, श्री विजयमोहन शर्मा के साथ ‘भाषा, साहित्य और जातीयता’(‘समालोचक’ में प्रकाशित डॉo रामविलास शर्मा के लेख और समीक्षाओं का संग्रह) प्रकाशित| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कला- संकाय की शोध पत्रिका का उत्तर औपनिवेशिक साहित्य-विमर्श पर केंद्रित अंक; तथा हिंदी विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शोध-पत्रिका ‘अभिनव भारती’—का अमृतलाल नागर पर केंद्रित अंक का सम्पादन| अनेक पत्र- पत्रिकाओं में आलेख, समीक्षाओं एवं शोध-पत्रों का प्रकाशन| संप्रति : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर।

कुमार अनुपम, उत्‍तर प्रदेश, भारत

मई 1979, बलरामपुर, उ.प्र. में जन्‍म। शिक्षा - बी.एस.सी.,एम.ए (हिंदी), डी.एम.एल.टी.प्रशिक्षण। कवि, चित्रकार, कला समीक्षक के रूप में पहचान। आवरण व रेखांकन प्रकाशित। सभी प्रमुख पत्रिकाओं यथा नया ज्ञानोदय, तदभव,समकालीन साहित्य, हंस,कथादेश, साक्षात्कार, कथन, प्रगतिशील वसुधा आदि। साहित्य-'बारिश मेरा घर', चर्चित कविता किताब। प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता संपादित कविता संग्रह। सम्मान-साहित्य अकादमी युवा 7 सम्मान, भारतभूषण अग्रवाल स्मृति सम्मान, कविता समय सम्मान आदि। संप्रति - केंद्रीय साहित्य अकादमी में कार्यरत।

निदा नवाज़, जम्मू-कश्मीर, भारत

3 फरवरी 1963 पुलवामा कश्मीर में जन्‍म। मुख्य साहित्य विधा कविता। समकालीन कविता में निदा नवाज़ की शख्सियत विस्थापन की मार्मिकता के लिए अलग रूप में स्थापित है। कश्मीर और कश्मीरियत को भीतर से जानने और अभिव्यक्त करने वाले वह एक अहम युवा कवि हैं। साहित्य-अक्षर-अक्षर रक्त भरा, बर्फ और आग, अंधेरे की पाजेब-कविता संग्रह, डायरी, उर्दू कविता संग्रह तथा अनूदित पुस्तकें प्रकाशित| सम्मान-केंद्रीय हिन्दी निदेशालय का हिंदीतर भाषी हिन्दी लेखक राष्ट्रीय पुरस्कार, हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्य प्रभाकर व मैथिलीशरण गुप्त सम्मान तथा अन्य कई सम्मान ।

मदन मोहन दानिश, उत्‍तर प्रदेश, भारत

08 सितम्बर 1961 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के ग्राम रामगढ़ में जन्म। यहीं से प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल व जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से कला स्नातक। लगभग तीन दशक से रचनात्मक लेखन। पत्र-पत्रिकाओं में निरन्तर प्रकाशन। ‘अगर’ और ‘आसमाँ फुरसत में है’ नाम से दो गजल संग्रह प्रकाशित। मध्य प्रदेश उर्दू साहित्य अकादेमी के प्रतिष्ठित सुख़न अवार्ड सहित कई अन्य राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत। संयुक्त राज्य अमेरिका, पाकिस्तान, कनाडा, दुबई, शारजाह, कतर, अबू धाबी इत्यादि देशों की साहित्यिक यात्राएँ। सम्प्रति आकाशवाणी में कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कार्यरत।

वसीम बरेलवी, उत्‍तर प्रदेश, भारत

मूल नाम ज़ाहिद हसन। वसीम बरेलवी एक प्रसिद्ध उर्दू शायर हैं जो बरेली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। इनका जन्म 8 फरवरी 1940 को हुआ। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से उर्दू में परास्नातक किया। बरेली कॉलेज, बरेली (रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय) में उर्दू विभाग में प्रोफेसर रहे। कुछ प्रमुख कृतियाँ – आँखों आँखों रहे, मौसम अन्दर-बाहर के, तबस्सुमे-ग़म, आँसू मेरे दामन तेरा, मिजाज़, मेरा क्या।

शकील आज़मी, उत्‍तर प्रदेश, भारत

शकील आज़मी का जन्म 20 अप्रैल 1971 को उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में हुआ। उर्दू में कविता संग्रह – धूप दरिया (1996), एश ट्रे (2000), रास्ता बुलाता है (2005), खिजाँ का मौसम रुका हुआ है (2010), मिट्टी में आसमान (2012), पोखर में सिंघाड़े (2014) आदि। हिन्दी में कविता संग्रह – चाँद की दस्तक (2015), परों को खोल (2017) आदि। टेलीविज़न धारावाहिकों से सम्बन्धित कार्य। जी टीवी के शो ‘जीना इसी का नाम है’ के टाइटिल सॉन्ग का लेखन। डी.डी. नेशनल के धारावाहिक ‘पिया का आँगन’ का टाइटिल सॉन्ग इन्होंने ही लिखा है। गीतकार शकील आज़मी ने हिन्दी की अनेक फिल्मों के लिए चर्चित गीत लिखे हैं तथा ‘माया’, ‘ट्विस्टेड’, ‘अनटचेबिल्स’ और ‘ज़ख्मी’ जैसी अनेक वेब सीरीज़ से गहराई से सम्बद्ध रहे हैं। पुरस्कार व सम्मान – कैफी आज़मी अवार्ड (2007, लखनऊ), गुजरात गौरव अवार्ड (गुजरात उर्दू साहित्य अकादमी, 2012), गुजरात उर्दू साहित्य अकादमी अवार्ड (1996), उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी अवार्ड (1996), बिहार उर्दू अकादमी अवार्ड (2005), महाराष्ट्र उर्दू साहित्य अकादमी अवार्ड (2010), फिल्म ‘मदहोशी’ के गीत ‘ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यों है’ का स्टारडस्ट अवार्ड के लिए नामांकन।

परवीन कैफ, मध्‍यप्रदेश, भारत

परवीन कैफ का जन्म 23 दिसम्बर 1956 को हुआ। इन्होंने उर्दू में परास्नातक और पीएच.डी. की उपाधि हासिल की है। ये पिछले चार दशकों से उर्दू शायरी और हिन्दी कविता रचने में संलग्न हैं। सन् 2013 में प्रकाशित आपकी पुस्तक ‘सफर एक उम्र का’ बेहद चर्चित रही है। डेढ़ सौ से अधिक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुशायरों में शिरकत। अनेक लोकप्रिय पत्रिकाओं में इनके अनेक लेख प्रकाशित हैं। पुरस्कार और सम्मान – समता प्रतिभा सम्मान (1995), राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सहस्राब्दी सम्मान (2000), नर्मदा आँचल सम्मान (2010), इस्लामिक स्टडीज़ एसोसिएशन अवार्ड (2011), कहकशाने-अदब सम्मान (2013), शिफा ग्वालियरी सूबाई अवार्ड (2012-13), अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल का नेशनल अवार्ड (2016), हामिद हसन शाद अवार्ड (2018) समेत अनेक सम्मान। ये मध्य प्रदेश की उर्दू अकादमी (भोपाल) और मध्य प्रदेश जनवादी लेखक संघ की सदस्य हैं।

नुसरत मेहदी, मध्‍यप्रदेश, भारत

शायरी, कहानी लेखन, आलेख, ड्रामा और स्क्रिप्ट लेखन में गहन रुचि रखने वाली शायरा। गद्य और पद्य दोनों में विपुल और सार्थक लेखन। हिन्दी और अंग्रेजी में स्नातकोत्तर। लन्दन से मानद उपाधि। मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति विभाग के सचिव और अल्लामा इक़बाल अदबी मरकज़ के उपनिदेशक समेत अनेक महत्वूपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ। अन्तरराष्ट्रीय सेमिनारों, उर्दू सम्मेलनों, कार्यशालाओं, मुशायरों में सक्रिय व निरन्तर सहभागिता। अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, सऊदी अरब, पाकिस्तान, बहरीन, क़तर, कुवैत, मस्कट आदि देशों की साहित्यिक यात्राएँ। काव्य कृतियाँ - साया साया धूप, बला पा, मैं भी तो हूँ (देवनागरी), घर आने को है, 11 हिसारे ज़ात से परे, फ़रहाद नहीं होने के (देवनागरी)। गद्य कृतियाँ - 1857 की जंगे आज़ादी, इंतेख़ाब ए सुख़न, इस्लाम में नैतिक मूल्य अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान व पुरस्कार - हुस्न ए कारकरदिगी उर्दू इण्टरनेशनल अवॉर्ड, उर्दू मरकज़ इण्टरनेशनल, मोस्ट प्रोमिज़िंग उर्दू पोएटेस एण्ड राइटर इन इण्डिया अवार्ड, ग्लोबल लिटरेरी अवॉर्ड। राष्ट्रीय सम्मान व पुरस्कार - आनन्दा सम्मान, सुमिरन गीत सम्मान, अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान, सृजन कला प्रेरक सम्मान, मदर टेरेसा गोल्ड मेडल, नुशूर अवार्ड, ख़ातून ए अवध अवार्ड। सम्प्रति - डिप्टी डायरेक्टर, अध्यात्म विभाग, मध्य प्रदेश।

राजेश रेड्डी, महाराष्ट्र, भारत

22 जुलाई 1952 को जन्‍म। शिक्षा - स्नातक (हिंदी)। समकालीन उर्दू ग़ज़ल लेखन में अदबी प्रतिष्ठा हासिल। ग़ज़लों में परंपरा की ज़मीन और आधुनिकता की सच्चाई हेतु भरोसेमंद पहचान। साहित्य -उड़ान, आसमान से आगे, समंदर बंद मिलता है - कविता किताबें जुदा कहन,कथ्य,भाषा के लिये प्रशंसित। रेड्डी की ग़ज़लें हिन्दी औऱ उर्दू की मैगजीन में समान आदर के साथ शाया होती हैं। आई.सी.सी.आर. की तरफ से भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय कविता महोत्सव में।इसके साथ ही कई देशों में मुशायरों में शिरकत। ग़ज़लों का शुमार कई आडियो,वीडियो अल्बम में, जिन्हें गाने वालों में जगजीत सिंह, पंकज उदास, तलत अज़ीज़, राजकुमार रिज़वी, छाया गांगुली के नाम प्रमुख हैं। संगीत कम्पोज करने का शौक़। ग़ालिब, कबीर, जयदेव पर काम। आकाशवाणी से सेवा निवृत ।

शीनकाफ़ निज़ाम, राजस्‍थान, भारत

26 नवम्बर 1946 को जोधपुर, राजस्थान में जन्‍म। शायरी के साथ-साथ शोध,संपादन और आलोचना मेंलीक से हटकर काम। देवनागरी व उर्दू में सृजन।'लम्हों की सलीब' 'दश्त में दरिया', 'साया कोई लंबा न था', 'सायों के साये 'औऱ साहित्य अकादमी पुरस्कृत 'ग़ुमशुदा दैर की गूंजती घंटियाँ'-सभी देवनागरी में। किताबें उर्दू में भी प्रकाशित। मुख्य हैं -बयाज़ें खो गई हैं',' नाद' और 'गुमशुदा देर की गूंजती घंटियाँ' । संकलित उर्दू शाईरी की बहुचर्चित किताबें 'शीराज़ा' और 'मेयार' । 'लफ़्ज़ दर लफ़्ज़ ' और ' मा'नी दर मा'नी' मंटो की कहानियों पर ख़ास लेखन।'साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ राष्ट्रीय इक़बाल सम्मान, भाषा भारती सम्मान, महमूद शीरानी सम्मान आदि। साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन । अंतर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय आयोजनों में शिरकत ।

अज़ीज़ नबील, (कतर)

पूरा नाम : अज़ीज़ुर्रहमान मुहम्मद सिद्दीक अंसारी। 26 जून, 1976 को मुम्बई में जन्म। मुंबई, आजम गढ़ा और दिल्ली में जामिया मिलिया से पढ़ाई की। 1999 से अरब खाड़ी के देश कतर, 13 बहरीन और कुवैत में भारतीय साहित्य, सभ्यता और भाषा के प्रचार के लिए काम। प्रकाशन: खाब समुद्र (शायरी 2011), आवाज़ के पर खुलते हैं (शायरी – 2019), पहली बारिश (शायरी – 2019), फिराक गोरखपुरी (शख्सियत, शायरी और शनाख्त – 2014), इरफान सिद्दीकी (हयात, ख़िदमात और शे’री कायनात – 2015), पंडित आनंद नारायण मुल्ला (शख्सियत और फन–2016); पंडित बृज नारायण चकबस्त (2018), किताबी सिलसिला दस्तावेज़ (सम्पादन – 2010 से अब तक)। साहिर लुधियानवी अवार्ड, ‘फ़िराक गोरखपुरी अवार्ड’, ‘अब्दुल गफूर शहबाज़ अवार्ड, आदि।

अज़्म साकरी, बदायुनी, भारत

23 फरवरी 1972 को जन्‍म, शिक्षा- एम. ए. (उर्दू), बचपन से उर्दू कविता से लगाव। ज़िन्दगी के युवा दौर के विषय शाईरी में शामिल 14 होते गये। और नशिस्त व महफिलों में जगह बनती गयी। ग़ज़लों का प्रकाशन पत्रिकाओं व संकलनों में। रेडियो व टेलीविजन में पाठ । सम्मान -फानी बदायुनी,अमीर खुसरो सहित कई अवार्ड। देश के आला शायरों के साथ मुशायरों में शिरकत। अंतरराष्ट्रीय मुशायरों में दावत।

अभिषेक शुक्ला (उर्दू), लखनऊ, भारत

अभिषेक शुक्ला हिंदुस्तान के नौजवान शो'अरा में एक अहम् और मुन्फ़रिद शाइर का नाम है। सन 2008 के आख़िर से अपना शे'री सफ़र शुरू करने वाले अभिषेक ने नए शे'री मंज़रनामे में बहुत तेज़ी से अपनी एक अलग शिनाख़्त क़ायम की है। ग़ज़लें हिंदुस्तान, पाकिस्तान और दूसरे मुल्कों के अहम् अदबी रिसालों में छपती रही। अभिषेक फिलहाल लखनऊ में रहते हैं और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में बतौर उप-प्रबंधक कार्यरत हैं।

डॉ. बलराम शुक्ल (संस्कृत), उत्‍तर प्रदेश, भारत

19 जनवरी सन् 1982 ईस्वी में गोरखपुर में के सोहरौना राजा नामक गाँव में जन्‍म। दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में प्राध्यापक। संस्कृत के अतिरिक्त इन्होंने फ़ारसी में भी स्नातकोत्तर की उपाधि ली। डॉ॰ शुक्ल संस्कृत तथा फारसी दोनों भाषाओं के कवि हैं। 'परीवाहः', 'लघुसन्देशम्' तथा 'कवितापुत्रिकाजातिः' शीर्षकों से इनके 3 संस्कृत कविता संग्रह साहित्य अकादमी तथा राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान आदि प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रकाशित। भाषा विज्ञान तथा संस्कृत साहित्य संबन्धी अन्य विषयों पर 4 और पुस्तकें प्रकाशित। ‘बादरायण व्यास सम्मान’, ‘कालिदास सम्मान’ तथा ‘विद्यासागर’ की उपाधि से भी सम्मानित। डा̆॰ शुक्ल विश्वविद्यालयीय अध्यापन के अतिरिक्त 'भारतीय ज्ञान परम्परा की वर्तमान में प्रासंगिकता' तथा “भारत–ईरानी सजातीय शब्दावली” विषय पर एक बृहत शोध परियोजना पर कार्य कर रहे हैं ।

तूलिका चेतिया येन (असमिया) अरुणाचल प्रदेश, भारत

1974 में अरुणाचल प्रदेश में जन्‍म। अब तक आठ और पुस्तकें प्रकाशित। जिनमें कुछ के नाम आकाश नथ का रातिः (काब्य संकलन), स्वप्न प्रेमोर प्रार्थनाः (काब्य संकलन), छाँ पोहरत शिवसागरः (इतिहास) हैं| शार्क साहित्योत्सव थाइलैंड में वे एक भारतीय कवि के रुप में आमंत्रित। अंतर्राष्ट्रीय सृजम एवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं। साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित ऱाष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में असम का प्रतिनिधित्व। दिल्ली में आयोजित शार्क सम्मेलन में थाइलैंड सरकार के आमंत्रण वे नार्थ ईस्ट पिपुल्स आफ टाइ पर वक्तव्य! पटना साहित्य मंच द्वारा शताब्दी विदुषी २०१९ पुरस्कार से सम्मानित।

अन्वेषा सिंगबाल (कोंकणी), भारत

अन्वेषा 2016 में साहित्य अकादमी का युवा साहित्य पुरस्कृत कवि। इसके पूर्व उन्हें 2014 में कोंकणी अकादमी का युवा चैतन्य पुरस्कार प्राप्त। दो कविता संग्रह Sulus और Pdsad के अतिरिक्त उनकी बच्चों के लिए एक किताब Daani प्रकाशित। एक रचनात्मक उद्यमी के रूप में इन्होंने Abhinav Crationz की स्थापना की जो बच्चों के लिए पुस्तक प्रदर्शनियाँ, और vacation camp आयोजित करती है| Abhinav Crationz के माध्यम से ही अन्वेषा ने ‘Majja school of Joy’ की स्थापना की यह केंद्र समाज में परिवर्तनात्मक कार्यों से संबन्धित गतिविधियों में क्रियाशील है |

गगनदीप शर्मा (पंजाबी), पंजाब, भारत

रामपुर (जिला लुधियाना) पंजाब में जन्‍म। दो कविता संग्रह कविता दी इबारत, अकेला नहीं हुँदा बंदा प्रकाशित। साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा 'अकेला नहीं हुँदा बंदा' को 2014 का साहित्य युवा पुरस्कार।| पंजाबी साहित्य अकादमी लुधियाना द्वारा कविता दी इबारत के लिए प्रो कुलवंत जगराओ पुरस्कार यादगारी युवा पुरस्कार तथा साहित्यिक संस्था हुण द्वारा 2014 युवा पुरस्कार भी प्राप्त है| वर्तमान समय में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं |

रवि कोरडे, महाराष्ट्र, भारत

जन्म 1979 में महाराष्ट्र के जलगाँव (जिला, औरंगाबाद), में हुआ| ’Dhoosar Zale Naste Gav’ उनका पहला संग्रह है जिसे 2013 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार। इसके साथ ही उन्हें विशाखा काव्य पुरस्कार, तिथि काव्य पुरस्कार और ना ची केलकर साहित्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनके काव्य संग्रह ग्रामीण भारत के किसानों की परेशानियों और शारीरिक पीड़ाओं को दर्शाते है| रवि कोरडे विभिन्न राष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं- जैसे यंग राइटर्स फेस्टिवल 2015 शिलांग, फेस्टिवल ऑफ लेटर्स, नई दिल्ली 2015, 2017। साहित्य अकादमी, मुंबई से यात्रा फैलोशिप भी प्राप्त की है। इनकी कविताओं का अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली भाषा में अनुवाद किया गया है।

श्रीजित पेरुथमचन (मलयालम), भारत

श्रीजित मलयाली पाठकों के प्रिय लेखक हैं| इनकी कविताएं निरंतर मलयाली पत्र-पत्रिकाओं में छपती हैं| इनकी कविताओं में व्यंग्य और मानवीय संवेदना के प्रति विशेष झुकाव दिखाई देता है| श्रीजित की अब तक दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और अपनी विशेष लेखन शैली और विशिष्ट विषय -वस्तु के कारण जानी जाती हैं| ये पिछले 6 वर्षों से भारत की प्राचीनतम साहित्यिक पत्रिका ‘भाषापोशिनी’ में लिख रहे हैं| पिछले पन्द्रह वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत रहे | वर्तमान समय में केरला के दैनिक पत्र मलयाला मनोरमा के उप संपादक हैं |

पीयूष ठक्कर (गुजराती), गुजरात, भारत

पीयूष ठक्कर का जन्म गुजरात में हुआ | इनकी कविताएं गुजराती कवि संकलनों में संकलित हैं| साहित्य अकादमी दिल्ली से इनका प्रथम काव्य संग्रह Lakhun chuun प्रकाशित है| देश के विभिन्न भागों में ये कविता पाठ के लिए आमंत्रित किए जाते हैं| अभी एमएस वडोदरा विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं|

वसंत आबाजी डहाके, महाराष्ट्र, भारत

30 मार्च, 1942 में अमरावती महाराष्ट्र में जन्‍म। मराठी प्रसिद्ध कवि, नाटककार, लघु कथाकार, कलाकार, आलोचक। पुरस्कार - साहित्य अकादमी पुरस्कार, विंदा करंदीकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, जनस्थान से पुरस्कृत। लेखन में अस्तित्ववादी-मार्क्सवादी लेखकों का प्रभाव। साठ के दशक के मध्य में मराठी में लघु पत्रिका आंदोलन से जुड़े। योगभ्रष्ट मंगेश कुलकर्णी।), शुभ-वर्तमन, शुनाह-शापा, चित्रलिपि, रूपांतर, वचनभंग, साहा देवगर्भाविता। फिक्शन अधोलोक और प्रतिभा अनी मार्टिया साहित्यिक आलोचना: कविताविषयी, मराठी साहित्य: इतिहस एनी संस्कृति, मराठी समीची सादिस्तिथि, मराथिटेल कथानारोप, काव्या एनी साहित्य आदि प्रसिद्ध रचनाऍं।

प्रो के. सच्चिदानंदन, केरल, भारत

मलयालम कवि, नाटककार, यात्रा लेखक, निबंधकार और द्विभाषी आलोचक और अनुवादक। साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव। मलयालम में 24 कविता संग्रह और अरबी, चीनी, अंग्रेजी, जर्मन सहित 22 भाषाओं में 33 कविता संग्रह प्रकाशित। , सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के अलावा, आयरिश और इतालवी में भी । उन्होंने अब तक अपने साहित्यिक योगदान के लिए 52 क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं| जिनमें केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार, कुसुमाग्रज पुरस्कार, गंगाधर मेहर पुरस्कार, कविसुंदर उपेंद्र भांजा पुरस्कार, कुवेम्पु पुरस्कार और एज़ुथचन पुरस्कार शामिल हैं। केरल में सर्वश्रेष्ठ लेखक को दिया जाने वाला पुरस्कार प्राप्त करने के अतिरिक्त, यूएई से पोएट्री फॉर पीस इंटरनेशनल अवार्ड ,इटली की सरकार से नाइटहुड और पोलैंड की सरकार से इंडो-पोलैंड फ्रेंडशिप मेडल भी उन्हें मिला है। वह 2011 में दस संभावित नोबेल पुरस्कार विजेताओं की लाडब्रोक सूची में थे। उन्हें एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और दक्षिण और उत्तरी अमेरिका में व्यापक रूप से कविता पाठ और भारतीय साहित्य पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता रहा है|

मंदाक्रांता सेन, कोलकाता, भारत

15 सितम्बर 1972 को कोलकाता में जन्म। मंदाक्रांता सेन ने अपने जीवन को केवल साहित्य के लिए समर्पित करने के लिए मेडिकल की अंतिम परीक्षाओं को बीच में ही छोड़ दिया था। उसके बाद निरंतर साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न रहीं| अब तक उनके उन्नीस कविता संग्रह, आठ उपन्यास, उपन्यासों का एक संकलन, दो लघु उपन्यास और एक निबंध संग्रह प्रकाशित। ह्ररदयेर अबाध्य मेये, उत्सारित आलो, छद्म पुराण कुछ कविता संग्रह के और झपताल, डालछूट, सहअवस्थान, ऋतुचक्र चर्चित उपन्यास। एक उपन्यास का हिंदी में अनुवाद और कविताओं का अंग्रेजी और जर्मन में अनुवाद हो चुका है| मंदाक्रांता बच्चों के लिए भी लेखन। बंगाल का प्रतिष्ठित आनंद पुरस्कार, बंगला वर्षा सम्मान, साहित्य अकादमी का युवा रचनाकार पुरस्कार तथा कृतिवास पुरस्कार प्राप्त। बंगाली कविता का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत और विदेश में कई स्थानों की यात्रा की।

विजय कुमार, महाराष्ट्र, भारत

11 नवम्बर 1948 को जन्‍म। शिक्षा - एम.ए.,पी.एच.डी। साहित्य का सफ़र बतौर कवि 1981 में। 'अदृश्य हो जाएंगी सूखी पत्तियों' से। अब तक 4 संग्रह प्रकाशित। 'रात पाली' संग्रह की यथेष्ठ चर्चा हुई। आलोचना में 'कविता की संगत' के साथ परिदृश्य में ख़ास पहचान बनी। तदुपरान्त आलोचना की लगभग आधा दर्जन किताबें प्रकाशित।जिनमें यूरोपीय विचारकों और विश्व कवियों पर निबंध हैं।इन दिनों मुंबई के अंधेरे -अदृश्य समाज पर कथेतर गद्य का लेखन। जो नवभारत टाइम्स, मुंबई में प्रकाशित होकर चर्चा में। रचनाओं का प्रकाशन अंग्रेजी, फ्रेंच, मराठी, बांग्ला,असमिया, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, उर्दू में। कई पत्रिकाओं के अतिथि संपादक रहे। अब तक शमशेर, देवीशंकर अवस्थी, डा. शिव कुमार मिश्र सम्मान प्राप्त।

सुरजीत पातर, पंजाब, भारत

1945, पंजाब के एक छोटे से गांव pathsr klan में जन्‍म। शिक्षा - पंजाबी में स्नातक व पी.एच.डी.। भारत की प्रमुख भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित।अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित, जिनमें से कुछ की विश्व व्यापी चर्चा हुई। गद्य की एक किताब। साथ ही छह नाट्य रूपांतरित कृतियां।सभी प्रमुख साहित्यिक पत्रिकाओं में कविताओं के अनुवाद प्रकाशित।रेडियो व टेलीविजन में रचनाओं का प्रसारण। केंद्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार के अलावा, सरस्वती सम्मान तथा प्रतिष्ठित पंचनद पुरस्कार। भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से विभूषित। सम्प्रति - संगीत कला अकादमी, चंडीगढ़ के अध्यक्ष।

जयंत परमार, अहमदाबाद, भारत

11 अक्टूबर 1954 अहमदाबाद में जन्‍म। शिक्षा - स्नातक,कामर्स। दलित लेखन में विशिष्ट व वरिष्ठ हस्ताक्षर। गुजराती व उर्दू में लेखन। चित्रकला में महत्वपूर्ण पहचान। दलित वैचारिकी एक अदेखे जीवन अनुभव को मूर्त करती है कविताएं। उनकी रचनाओं के अनुवाद अंग्रेजी, हिन्दी, पंजाबी, कन्नड़,मराठी, बंगला व तेलुगू में हुए हैं। साहित्य- और 99, पेंसिल और दूसरी नज़्में,मानिंद, अंतराल, नज़्म यानी, इंकपाट एंड अदर पोयम्स,पेंसिल एंड अदर पोयम्स (अग्रेजी),पेंसिल ते बाक़ी नज़्म (कश्मीरी) आदि। सम्मान- साहित्य अकादमी (उर्दू 2008),भाषा भारती, गुजराती उर्दू अकादमी, कुमार पाशी औऱ भारतीय दलित कला अकादमी म.प्र.आदि सम्मान प्राप्त। जयंत परमार गुजरात में दलित विचारधारा के साहित्य के विश्वसनीय नाम हैं।

प्रवासिनी महाकुड, ओडिसा, भारत

24 नवम्‍बर 1957, कालाहांडी, ओडिसा में जन्‍म। शिक्षा -एम.ए. उड़िया भाषा व साहित्य। 12 कविता संग्रह,16 किताबों के अनुवाद। 21 बाल साहित्य की पुस्तकें। हिंदी के कई महत्वपूर्ण समकालीन कवियों के उड़िया में अनुवाद प्रस्तुत करने का श्रेय। सम्मान-ओडिसा साहित्य अकादमी पुरस्कार के अलावा कविता के लिए क्रमशः झंकार, सुचरिता, महिमा सम्मान व अनुवाद के लिए कादम्बनी पुरस्कार। भारत सरकार के संस्कृति संकाय से जूनियर व सीनियर फेलोशिप प्राप्त। साथ ही रज़ा फेलोशिप भी ।भारत सरकार की ओर से अतिथि कवि के रुप में क्रमश: लीपजिग, फ्रेंकफुर्त, हम्बर्ग,म्युनिख, बर्लिन आदि में कविता पाठ। साहित्य अकादमी व राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सम्मेलनों में भागीदारी।

शफी शौक, कश्‍मीर, भारत

शफी शौक, जन्म 1950, राज्य-जम्मू और कश्मीर। प्रशंसित कवि, कथा लेखक, भाषाविद और आलोचक। कश्मीर विश्वविद्यालय में तैंतीस वर्षों तक सेवा देने के बाद, प्रो शफी 2010 में कला के डीन संकाय के रूप में सेवानिवृत्त। कश्मीरी, अंग्रेजी, उर्दू और हिंदी में सैंतालीस से अधिक पुस्तकों का लेखन, संपादन और अनुवाद। सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पुरस्कार, रचनात्मक लेखन में साहित्य अकादमी पुरस्कार, भारती भाषा सम्मान पुरस्कार, साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार जैसे कई राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कारों से सम्मानित| साहित्य अकादमी द्वारा भारतीय लेखकों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में 2002 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के बीजिंग, शंघाई और अन्य प्रांतों में तथा भारतीय लेखकों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में जर्मनी का दौरा। BTI के तत्वावधान में फ्रैंकफर्ट बुक फेयर 2006 में गेस्ट ऑफ ऑनर। ब्रिटिश काउंसिल के निमंत्रण पर लंदन बुक फेस्टिवल -2009 में भारतीय लेखकों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व। प्रो. शौक कई राष्ट्रीय अकादमिक परियोजनाओं से संबद्ध जैसे कि भारतीय साहित्य का विश्वकोश, मध्यकालीन भारतीय 22 साहित्य और ऑक्सफोर्ड कम्पैनियन टू| इंडियन थिएटर का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत और विदेश में कई स्थानों की यात्रा।

उपत्पल बैनर्जी, मध्‍यप्रदेश, भारत

भोपाल मध्यप्रदेश में जन्‍म। कवि तथा अनुवादक। कविता संग्रह लोहा बहुत उदास है प्रकाशित। बँगला से हिन्दी में अनूदित 13 पुस्तकें प्रकाशित। नॉर्थ केरौलाइना स्थित अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट के सलाहकार मंडल के मानद सदस्य तथा रिसर्च फैलो। संप्रति: इंदौर में निवास।

ओम थानवी, जयपुर, भारत

जनसत्ता के पूर्व सम्पादक। वर्तमान में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति। हिन्दी पत्रकारिता में साहित्य-संस्कृति और बौद्धिक विमर्श की जगह बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता से पहले साप्ताहिक इतवारी पत्रिका का सम्पादन किया। पत्रकारिता में आने से पहले रंगकर्म में सक्रिय रहे। भाषा, कला, सिनेमा, वास्तुकला, पुरातत्त्व और पर्यावरण में गहन रुचि। सिंधु सभ्यता के मुख्य ठिकाने को लेकर यात्रावृतांत 'मुअनजोदड़ो' लिखा, जिसकी व्यापक चर्चा हुई है। अज्ञेय जन्मशती पर 'अपने अपने अज्ञेय' ग्रंथ का सम्पादन किया। कला-सिनेमा पर 'रूप-अरूप' और यात्रा-संस्मरण 'बर्फ़ में रेत' प्रकाश्य। पत्रकारिता के लिए राष्ट्रपति से गणेशशंकर विद्यार्थी पुरस्कार मिला। 'मुअनजोदड़ो' के लिए शमशेर सम्मान, सार्क सम्मान और बिहारी पुरस्कार से सम्मानित।

मधुसूदन आनंद, दिल्‍ली, भारत

जाने-माने कथाकार, कवि और पत्रकार। नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण और नई दुनिया के संपादक रहे। चार वर्षों तक कोलोन जर्मनी मे रेडियो डाएचे वैले की हिन्दी-सेवा मे सम्पादन और प्रसारण। पहला कहानी संग्रह ‘करोंदे का पेड़’ से पहचान बनी। ‘साधारण जीवन’, ‘बचपन’और ‘थोड़ा सा उजाला’(अन्य कथा-संग्रह) ‘पृथ्वी से करें फरमाईश’(कविता-संकलन) और ‘जो सामने है (निबंध संग्रह)। ‘बचपन’ के लिए हिन्दी अकादमी दिल्ली का कृति सम्मान और मुंबई का प्रियदर्शनी पुरस्कार। पत्रकारिता के लिए उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का पत्रकारिता भूषण और हिन्दी अकादमी दिल्ली का मीडिया (प्रिंट) पुरस्कार। अमेरिका, रूस, चीन, जर्मनी, इंग्लैंड सहित अनेक देशों की यात्राएं। आजकल भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक और ‘नया ज्ञानोदय’ के संपादक।

उमेश त्रिवेदी, मध्‍यप्रदेश, भारत

7 जून 1950 को इंदौर में जन्‍म। चार दशकों तक प्रतिष्ठित पत्र ‘नईदुनिया’ से जुड़े रहे| इसके बाद वे भोपाल से प्रकाशित सांध्य दैनिक ‘प्रदेश टुडे’ के चीफ एडिटोरियल डायरेक्टर बने। 2015 में दैनिक अख़बार ‘सुबह सवेरे’ स्‍थापना प्रकाशन। स्तम्भ ‘राजधानी में आजकल’, ‘दरबारे खास’, ‘बेताल कथा’ और ‘देशकाल’अत्यंत लोकप्रिय। श्री अरविंद सोसायटी भोपाल की आध्यात्मिक पत्रिका ‘ऑरो टाइम्स’ के प्रधान संपादक भी हैं। श्री अरविंद के विचारों पर केन्द्रित पुस्तक ‘श्री अरविंद का भारत’ का संपादन। संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार, माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, भारद्वाज सम्मान, सत्यनारायण तिवारी स्मृति सम्मान तथा स्व. विचित्र कुमार सिन्हा स्मृति उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित।

प्रियदर्शन, झारखंड, भारत

24 जून, 1968, रांची, में जन्‍म। अंग्रेज़ी में एमए। पत्रकारिता में स्नातक। 2003 से अब तक एनडीटीवी में कार्यरत। प्रकाशित किताबें, उपन्यास- ज़िंदगी लाइव, कहानी संग्रह-बारिश धुआं और दोस्त, उसके हिस्से का जादू, कविता संग्रह- नष्ट कुछ भी नहीं होता, आलेख संग्रह-इतिहास गढ़ता समय, ख़बर बेख़बर, आलोचना- ग्लोबल समय में कविता, ग्लोबल समय में गद्य, नए दौर का नया सिनेमा, अनुवाद -आधी रात की 24 संतानें (उपन्यास, मिडनाइट्स चिल्ड्रेन, सलमान रुश्दी, ), क़त्लगाह (उपन्यास, टॉर्चर्ड ऐंड डैम्ड, रॉबर्ट पेन), बहुजन हिताय (नर्मदा पर केंद्रित किताब, द ग्रेटर कॉमन गुड, अरुंधती रॉय), पर्यावरणवादी पीटर स्कॉट की जीवनी (ओरिएंट लांगमैन) तथा और कुछ् किताबें प्रकाशित। सम्‍मान - स्पंदन पुरस्कार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पत्रकारिता का सम्मान। फिलहाल कार्यकारी संपादक।

उर्मिलेश, उत्‍तर प्रदेश, भारत

20 जुलाई,1957, गाजीपुर, उत्‍तर प्रदेश में जन्‍म| शिक्षाः एम.ए, एम.फिल। पत्रकार के साथ लेखन में सुपरिचित -प्रतिष्ठित। राज्य सभा टेलीविजन के संस्थापक कार्यकारी संपादक रहे। इसके अलावा नवभारत टाईम्स, हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य। गत् कुछ सालों से 'द वायर' और 'न्यूजक्लिक' पर महत्त्वपूर्ण सामयिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति। 'सत्य बेबसाइट' पर ' सियासत' शीर्षक से साप्ताहिक स्तंभ लेखन। प्रकाशित कृतियाँ- बिहार का सच, योद्धा महापंडित, राहुल सांकृत्यायनः सृजन और संघर्ष, झारखंडः जादुई जमीन का अंधेरा, झेलम किनारे दहकते चिनार और कश्मीरः विरासत और सियासत, भारत में आर्थिक सुधार के दो दशक(सं)- और क्रिस्टेनिया मेरी जान(विदेश यात्राओं पर आधारित यात्रावृत्तांत) अब तक कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित।सम्मान- टाईम्स के अलावा पनास (Panos) साउथ एशिया मीडिया (अंतर्राष्ट्रीय) व राजेंद्र माथुर फेलोशिप सहित अनेक पत्रकारिता सम्मान।

प्रेमचंद गाँधी, जयपुर, भारत

कहुत सी विधाओं में समान रूप से लिखने वाले एक बहुआयामी लेखक। कृतियां - इस सिम्‍फनी में ‘चांद के आईने में’ एवं ‘हे मेरी तमहारिणी’ प्रकाशित। कविताओं और कहानियों के उनके अनुवाद बहुत प्रशंसित हुए हैं और इसी शृंखला में वाग्देवी प्रकाशन से प्रकाशित उनकी पुस्‍तक ‘विश्व की प्रेम कहानियां’ के दो संस्करण छप चुके हैं। रामकथा के स्‍त्री-पाठ पर आधारित उनका नाटक ‘सीता लीला’ बहु मंचित और बहु-प्रशंसित रहा है। समाज में महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और उसके प्रतिकार को लेकर लिखा गया नाटक ‘गाथा बंदिनी भी पर्याप्त प्रशंसा अर्जित कर चुका है। राजस्‍थान पत्रिका, दैनिक नवज्‍योति, महका भारत आदि पत्र-पत्रिकाओं के अलावा लाहौर से प्रकाशित पत्रिका ‘हमशहरी’ में वे नियमित स्‍तंभकार रहे। राजस्‍थानी भाषा में वे पिछले पांच वर्षों से वे नवभारत टाइम्‍स, मंबई में ‘मारवाड़ी पाती’ स्‍तंभ लिख रहे हैं। लक्ष्‍मण प्रसाद मंडलोई सम्‍मान, राजेन्‍द्र बोहरा पुरस्‍कार से पुरस्‍कृत।

ईश मधु तलवार, राजस्‍थान, भारत

हिंदी साहित्य और पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम। "रिनाला खुर्द", "लाल बजरी की सड़क" प्रकाशित कृतियां। देश के पहली पंक्ति के हिंदी अखबारों और टीवी चैनल्स में काम किया है। ईशमधु तलवार की बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार दान सिंह के जीवन संघर्ष पर लिखी पुस्तक ‘वो तेरे प्यार का गम’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चा में रही है। एक व्यंग्य संग्रह भी प्रकाशित हो चुका है - "इशारों - इशारों में।" वे राजस्थान साहित्य अकादमी की ओर से साहित्यिक एवं रचनात्मक पत्रकारिता के लिए 2013 में पुरस्कृत हो चुके हैं। राजस्थान सरकार के भाषा विभाग की ओर से इनके कहानी संग्रह "लाल बजरी की सड़क" को "हिंदी सेवा" पुरस्कार से इन्हें सम्मानित किया गया है। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर कहानियों, वार्ताओं का प्रसारण और समसामयिक विषयों पर धारावाहिकों का निर्माण। जयपुर दूरदर्शन के लिए सांभर झील पर बनाए गए वृत्त चित्र ‘चांदी का समंदर’ को पर्यावरण श्रेणी में प्रसार भारती का राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार मिला। वर्तमान में राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव हैं और इन्होंने प्रगतिशील आंदोलन को एक नई गति दी है।

सी. राधाकृष्णन, केरल, भारत

जन्म -15 फरवरी 1939,त्रिरुर मलाबार ज़िले के एक छोटे से गांव में ।सुप्रसिद्ध मलयालम लेखक और विख्यात फिल्म निर्देशक (मलयालम सिनेमा )। साहित्य - Tunjathu Ramanujan Exhuthachan के जीवन पर बहुचर्चित जीवनी 'Theekkadal Kadanhu Thirumadhuram ,21 वर्ष की आयु में पहला उपन्यास Nizhalppadukal, विज्ञान लेखन की किताब The secret behind the universe 2016 प्रकाशित, इसके साथ कई अन्य पुस्तकें। राधाकृष्णन ने मलयालम पत्रिका Piravi का संपादन भी किया। सम्मान -भारतीय ज्ञानपीठ का मूर्तिदेवी पुरस्कार 2014 ,मातृभूमि साहित्यिक सम्मान 2015, Exhuthachan Puraskaram 2016 सहित प्रदेश के अन्य प्रतिष्ठित सम्मान ।

डॉ. इंद्रजीत सिंह, देहरादून, भारत

डॉ. इंद्रजीत सिंह, देहरादून संस्थापक -शैलेन्द्र सम्मान प्रकाशन - "जनकवि शैलेन्द्र","तू प्यार का सागर है" सभी साहित्यिक पत्रिकाओं -"वसुधा"",कादंबिनी", "नया ज्ञानोदय","समहुत",आदि में अनेक साहित्यिक लेख प्रकाशित। तीन वर्ष तक मास्को में अध्यापन कार्य। एम ए (अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, हिंदी) गोल्डमेडलिस्ट,पी एच.डी (आई आई टी रुड़की) केंद्रीय विद्यालय से प्राचार्य के रूप में 30 जून 2019 को सेवा निवृत्त। गीतकार शैलेन्द्र के जीवन और गीतों पर आधारित पुस्तक -"फिर भी दिल है हिंदुस्तानी" का शीघ्र प्रकाशन।

अनन्त विजय, बिहार, भारत

19 नवम्बर 1969 को बिहार के जमालपुर में जन्‍म। स्कूली शिक्षा बिहार के जमालपुर से ही हासिल की। भागलपुर विश्वविद्यालय से बी.ए. ऑनर्स (इतिहास), दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, बिजनेस मैनेजमेण्ट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, पत्रकारिता में परास्नातक। इनके आलेख हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में निरन्तर प्रकाशित होते रहे हैं। आलोचना, यात्रा वृत्तान्त और फिल्म लेखन जैसी विधाओं में इन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है। जाने-माने स्तम्भकार। कृतियाँ – प्रसंगवश, विधाओं का विन्यास (आलोचना पुस्तकें), कोलाहल कलह में (लेख), बॉलीवुड वाया सेल्फी (फिल्म)। सम्पादन – समयमान, मेरे पात्र, कहानी (अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता में पुरस्कृत कहानियाँ)

सत्यकाम,

शिक्षा-परास्नातक (हिंदी), पी.एच.डी.। 'समीक्षा' पत्रिका की संस्थापना संपादन। पहचान एक गंभीर आलोचक, संस्मरण लेखक, अनुवादक, शिक्षाविद और संपादक के रूप में समादृत। वर्तमान में इगनू के Pro.VC की महती भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं। अब तक इनकी आठ आलोचना की पुस्तकें, चार अनूदित पुस्तकें तथा विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में इनके लेख, पुस्तक समीक्षाएं तथा शोध -पत्र प्रकाशित हो चुके हैं| उपन्यास पहचान और प्रगति, आलोचनात्मक यथार्थवाद और प्रेमचंद, नई कहानी : नए सवाल, भारतीय उपन्यास की दिशाएँ, वितुशा की छांव में, चलकर राह बनाते हम आदि उनकी कुछ कृतियों के नाम हैं| विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों (न्यूयार्क, बुडापेस्ट तथा जोहन्स्बर्ग, आदि कई देशों) म शिरकत कर चुके हैं|

विजया सिंह, राजस्थान, भारत

कवि, आलोचक और फ़िल्मकार । राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से अंग्रेज़ी साहित्य में पीएच.डी.; न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के सिनेमा स्टडीज़ विभाग में Fulbright Fellow, और भारतीय उच्च अध्यन संस्थान, शिमला में फैलो रह चुकी हैं। चंडीगढ़ के राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय, सेक्टर ११ में अंग्रेज़ी पढाती हैं, और पुणे के फ़िल्म और टेलिविज़न संस्थान की भूतपूर्व छात्रा हैं । First Instinct (साहित्य अकादमी दिल्ली, 2014) उनकी अंग्रेज़ी की कविताओं की पहली किताब है ; Level Crossing: Railway Journeys in Hindi Cinema (Orient BlackSwan, 2017) उनकी फ़िल्म आलोचना की किताब है। उन्होंने दो लघु फ़िल्मों का निर्देशन किया है , जिसमें Unscheduled Arrivals (2015) एक डॉक्युमेंटरी है, और अंधेरे में (2016) निर्मल वर्मा की लम्बी कहानी “अंधेरे में” पर आधारित है। Unscheduled Arrivals को 2016 का प्रतिष्ठित CILECT (CAPA) सम्मान, और अंधेरे में को SIGNS कोची से Best Short Fiction, 2017 और Imagine India International, Madrid 2016 में Special Mention से सम्मानित किया गया है । उनकी हिन्दी की कविताएँ समालोचन, जानकीपुल, वागर्थ, सदानीरा , परिकथा आदि में प्रकाशित हुई हैं, फ़िलहाल वे अपनी हिन्दी कविताओं की पहली किताब पर काम कर रही हैं।

पुरुषोत्तम अग्रवाल, मध्‍यप्रदेश, भारत

25 अगस्त 1955 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में जन्‍म। शिक्षा - एम.ए., पीएच.डी.। प्रोफेसर, सदस्य संघ लोक सेवा आयोग, आलोचक, कवि, चिन्तक, कथाकार। नाटक और स्क्रिप्ट लेखन, वृत्तचित्र निर्माण और फिल्म समीक्षा में भी गहरी दिलचस्पी। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम के फैकल्टी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में ब्रिटिश अकैडमी तथा अन्य कई विदेशी विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर तथा भाषण व संगोष्ठी संचालन। कृतियां - अकथ कहानी प्रेम की, कबीर की कविता और उनका समय'। उपन्‍यास - नाकोहस उपन्यास भी काफी चर्चित रहा। सम्‍मान - देवी शंकर अवस्थी सम्मान, मुकुटधर पाण्डेय सम्मान, प्रथम राजकमल कृति सम्मान प्राप्त।

प्रेमशंकर शुक्ल, मध्‍यप्रदेश, भारत

16 मार्च 1967, रीवा, मध्यप्रदेश के गाँव-गौरी (सुकुलान) में जन्म। ‘कुछ आकाश’, ‘झील एक नाव है, ‘पृथ्वी पानी का देश है, ‘भीम बैठका एकान्त की कविता है, ‘जन्म से ही जीवित है पृथ्वी’ नाम से पाँच कविता संग्रह प्रकाशित। प्रेम कविताओं का संचयन ‘शहद लिपि’ नाम से शीघ्र प्रकाश्‍य। बहुकला केन्द्र भारत भवन की आलोचना पत्रिका ‘पूर्वग्रह’ का सम्पादन तथा भारत भवन के अन्य प्रकाषनों का भी सम्पादन-प्रकाशन। रजा पुरस्कार, दुष्यन्त कुमार कृति सम्मान, नवीन सागर स्मृति सम्मान, अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान, स्पन्दन कृति सम्मान, रंग कृति सम्मान आदि प्राप्त। भारत सरकार संस्कृति विभाग की जूनियर फैलोशिप भी प्राप्त। अनेक प्रतिष्ठित साहित्य समारोहों और आकाशवाणी तथा दूरदर्शन में कविता-पाठ। वर्तमान में भारत भवन, भोपाल में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत।

अदनान कफ़ील 'दरवेश', दिल्ली, भारत

अदनान कफ़ील 'दरवेश', दिल्ली, भारत उत्तर प्रदेश के ज़िला बलिया के एक छोटे से गाँव में सन् 1994 ई. में जन्म, दिल्ली विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस (ऑनर्स) में ग्रेजुएट तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए, हिंदी की लगभग सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ प्रमुखता से प्रकाशित और प्रशंसित, कविताओं का अंग्रेज़ी और मराठी आदि भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित । कविता के लिए प्रतिष्ठित भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार (2018) तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित । पहला काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य । अभी हिंदी साहित्य में पीएचडी के साथ-साथ अनुवाद कार्य और स्वतंत्र लेखन में संलग्न।

अरुण कमल, बिहार, भारत

15 फरवरी, 1954, नासरीगंज,रोहतास (बिहार) में जन्म। छह कविता पुस्तकें एवं तीन कविता -चयन प्रकाशित। दो आलोचना पुस्तकें तथा साक्षात्कारों की एक पुस्तक प्रकाशित। समकालीन भारतीय कविता के अँग्रेजी अनुवाद की पुस्तक वॉयसेज़ एवं वियतनामी कवि  तो हू  की कविताओं-टिप्पणियों के अनुवाद की एक पुस्तिका। मायकोव्स्की की आत्मकथा का अनुवाद भी प्रकाशित। अनेक देशी विदेशी कवियों-विचारकों के हिन्दी में अनुवाद किये। नागार्जुन, त्रिलोचन, शमशेर, मुक्तिबोध, केदारनाथ सिंह की कविताओं के अँग्रेजी अनुवाद भी छपे। बच्चों के लिए एक उपन्यास ‘एक चोर की चौदह रातें’ तथा एक  लेख संग्रह मुद्रणाधीन। नवभारत टाइम्स (पटना),प्रभात खबर (राँची), मराठी सकाळ (पुणे) में सामयिक विषयों पर एवं लिटरेट वर्ल्ड में साहित्य विषयक स्तम्भ लेखन। आलोचना पत्रिका के तीस अंकों का संपादन(प्रधान संपादक नामवर सिंह)।खुदाबख्स लाइब्रेरी जर्नल के संपादक मंडल में भी रहे। अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में कविताएँ अनूदित। रूस,कांगो, इंग्लैंड चीन, पाकिस्तान, म्यांमार, दक्षिण अफ़्रीका, पेरू, क्यूबा आदि में कविता एवं निबंध पाठ। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार, सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार, शमशेर सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, साहित्य अकादेमी पुरस्कार, नागार्जुन पुरस्कार ,भारतीय भाषा परिषद् का समग्र कृतित्व सम्मान तथा तक्षशिला बालसाहित्य सृजनपीठ वृत्ति। पटना विश्वविद्यालय में अँग्रेजी के शिक्षक रहे। अभी पटना में रहना हो रहा है।

सय्य्द सरोश आसिफ (आबू धाबी)

सय्य्द सरोश आसिफ (Syed Sarosh Asif ) जन्म 11 जून 1980 रामपुर, उत्तर प्रदेश| 2004 में MBA करने के बाद और 2005 से संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के एक बैंक में उच्च पद पर कार्यरत | आम बोलचाल की भाषा को शायरी की शैली बनाने वाले सय्यद सरोश आसिफ़ युवा पीढ़ी के श्रोताओं में काफी प्रसिद्ध हैं तथा प्रवासी भारतीयों की पीड़ा को अपनी कविता के माध्यम व्यक्त करने लिए भी जाने जाते हैं| जश्ने रेख़्ता, जश्ने अदब, जश्ने बहारां जैसा साहित्यिक उत्सवों और NCPUL, MP Urdu academy ,Delhi Urdu academy के कार्यक्रमों में काव्यपाठ कर चुके सय्यद सरोश आसिफ़ अरब देशों के मुशायरों और कवि सम्मेलनों में भी शिरकत करते रहते हैं| सरोश आसिफ़ अरब देशों में उर्दू भाषा के प्रसार के लिए भी वर्षो से प्रयासरत हैं|

आलिया एस.के., पश्चिम बंगाल, भारत

शिक्षा - एम.एस.सी. (पुनर्वास मनोविज्ञान), सृजनात्मक विधाओं में गहरी रुचि । ओडिसी नृत्यांगना। रेखांकन, हस्तशिल्प, मूर्तिशिल्प में दिलचस्पी। कविता मन की अभिव्यक्ति की प्रिय विधा। इसके माध्यम से विचार का अंतरंग रुपांकन। अस्मिता के सवालों को सभी विधाओं में व्यक्त करने का ईमानदार यत्न। इस बहाने अस्मितामूलक प्रश्नों से जद्दोजहद।

देबज्योति भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल, भारत

वर्तमान में हरिमोहन घोष कालेज में मनोविज्ञान विषय की शिक्षक, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में शोध कार्य । कविता और कहानी -लेखन की प्रमुख विधाएं। समाज के आधुनिक विषय लेखन में गहन रूप से समाविष्ट । संगीत व यात्रा में गहरी अभिरुचि।

डॉ. मानबी बंद्योपाध्याय, पश्चिम बंगाल, भारत

देश की प्रथम टांसजेंडर टांसवूमन कालेज की प्राचार्य। साथ में देश की पहली पी.एच. डी.टांसजेंडर महिला। अंग्रेज़ी के प्रतिष्ठा प्राप्त प्रकाशक पेंगुइन से आत्मकथा का प्रकाशित। इसका कई भारतीय भाषाओं में प्रकाशन। साहित्य अकादमी की सम्मानित सदस्य। टांसजेंडर पत्रिका 'अबामानब' के प्रकाशन /संपादन में अग्रणी। 'मानोबी' फाउंडेशन की स्थापना टांसवूमन व अनाथों के विकास हेतु। कौशिक गंगोपाध्याय के निर्देशन में फिल्म मेंअभिनय। फिल्म को 4 राष्ट्रीय पुरस्कार।

रिंटू दास, पश्चिम बंगाल, भारत

रबींद्रभारती विश्वविद्यालय, कोलकाता से लोक व शास्त्रीय नृत्य में परास्नातक। प्रसिद्ध मणिपुरी व ओडिसी नर्तकी।कविता के साथ ही गीत बैले का लेखन। प्रकृति व मानवीय प्रकृति के अध्ययन में गहरा राग।

बिप्लब घोष, पश्चिम बंगाल, भारत

रबींद्रनाथ विश्वविद्यालय ,कोलकत्ता से नृत्य में एम.ए., कविता मेरे बच्चे की तरह है। मणिपुरी नृत्य में निष्णात। कविता के साथ काव्य नाटक लेखन में रुचि। मिथकीय महाकाव्यात्मक चरित्र टांसजेंडर पर नृत्य नाटक का लेखन।

धनंजय सिंह चौहान, पंजाब, भारत

इतिहास में बी.ए. (आनर्स) व सामाजिक कार्य में एम.ए., रसियन,फ्रेंच व कम्प्यूटर विज्ञान में डिप्लोमा, पंजाब विश्वविद्यालय में टांसजेंडर शौचालय के निर्माण में अहम भूमिका व टांसजेंडर के विकास के लिए प्रतिबद्ध | मानवाधिकार हेतु भारत सरकार, कनाडियन कांसुलेट व ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ सम्बध्द । होप फाउंडेशन द्वारा श्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता पुरस्कार तथा पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित। हालेण्ड, जर्मनी, फ्रांस, इटली, एथेंस ग्रीस व थाईलैंड में वार्ता व व्याख्यान तथा देश का प्रतिनिधित्व।

बद्री नारायण, बिहार, भारत

5 अक्तूबर, 1965 भोजपुर, बिहार में जन्म। समाज-वैज्ञानिक दृष्टि, कवि के भाव व संवेदना की आवाजाही उनके समाज-विज्ञान के शोधों व कविता को एक सशक्त व पैना भाव देती दृष्टि सम्पन्न कवि। कविता संग्रह – ‘खुदाई में हिंसा’, ‘शब्दपदीयम’, ‘सच सुने कई दिन हुए’ प्रकाशित हो चुके हैं। पुरस्कार एवं सम्मान - भारत भूषण पुरस्कार, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, केदार सम्मान, स्पन्दन कृति पुरस्कार, राष्ट्रकवि दिनकर पुरस्कार, शमशेर सम्मान, मीरा स्मृति सम्मान से सम्मानित। इनकी कविताएँ अंग्रेजी, बांग्ला, उड़िया, मलयालम, उर्दू तथा अन्य कई भारतीय भाषाओं में अनूदित। इनके वैचारिक निबन्धों की कई पुस्तकें भी प्रकाशित।

अब्दुल बिस्मिल्लाह, उत्तरप्रदेश, भारत

5 जुलाई 1949 को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्म। पिछले लगभग चार दशकों से साहित्य सृजन में सक्रिय। ग्रामीण जीवन व मुस्लिम समाज के संघर्ष, संवेदनाएँ, यातनाएँ और अन्तर्द्वन्द्व उनकी रचनाओं के केन्द्र बिन्दु हैं। ये जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे। उपन्यास – झीनी-झीनी बीनी चदरिया, मुखड़ा क्या देखे, समर शेष है, अपवित्र आख्यान, जहरबाद, दन्तकथा, रावी लिखता है। कहानी संग्रह – अतिथि देवो भव, रैन-बसेरा, रफ-रफ मेल, टूटा हुआ पंख, कितने कितने सवाल। पुरस्कार व सम्मान – सोवियत 2 लैण्ड नेहरू पुरस्कार; हिन्दी अकादमी (दिल्ली), उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान और मध्य प्रदेश साहित्य परिषद (देव पुरस्कार) के पुरस्कार।

नर्मदा प्रसाद उपाध्याय, मध्यप्रदेश, भारत

30 जनवरी 1952 को हरदा, मध्यप्रदेश में जन्म। कृतियाँ : ‘समान्तर लघुकथाएँ’, नरेंद्र कोहली : व्यक्‍त‌ित्व एवं कृतित्व’, ‘सुर : ए रेटीसेण्ट होमेज’ (सम्पादन), ‘एक भोर जुगनू की’, ‘अँधेरे के आलोक पुत्र’, ‘नदी तुम बोलती क्यों हो?’, ‘फिर फूले पलाश तुम’, ‘सुनो देवता’, ‘बैठे हैं आस लिये’, ‘प्रभास की सीपियाँ’, ‘परदेस के पेड़’, ‘अस्ताचल के सूर्य’ (ललित निबंध-संग्रह), ‘राधा माधव रंग रँगी’, ‘रामायण का काव्यमर्म’, पं. विद्यानिवास मिश्र के साथ ‘गीत-गोविंद’ और ‘रामायण के कलात्मक पक्ष’ पर कार्य। ‘भारतीय चित्रांकन परंपरा’, ‘पार रूप के’, ‘द कांसेप्ट ऑफ पोर्ट्रेट’, ‘कन्हेरी गीत-गोविन्द’ (भारतीय कला)। पुरस्कार व सम्मान : ‘मुकुटधर पाण्डेय पुरस्कार’, ‘वागीश्‍वरी पुरस्कार’, ‘कलाभूषण सम्मान’, ‘शमशेर सम्मान’, ‘संत सिंगाजी सम्मान’ तथा ‘अक्षर आदित्य’ से सम्मानित। फेलोशिप : वर्ष 2003 में चॉर्ल्स इंडिया वॉलेस ट्रस्ट, लंदन (ब्रिटिश काउंसिल); वर्ष 2008 में शिमेंगर लेडर फेलोशिप, जर्मनी।

महेन्द्र कुमार मिश्र, उड़ीसा, भारत

01 अप्रैल 1952 को उड़ीसा के नुआपाड़ा जिले के लितिगुड़ा गाँव में जन्म। 1987 में सम्बलपुर विश्वविद्यालय से पीएच.डी.। उड़ीसा सरकार में आदिवासी शिक्षा के लिए राज्य संयोजक के रूप में 34 वर्ष तक अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। चीन, दक्षिण कोरिया, थाईलैण्ड, नेपाल और बांग्लादेश की साहित्यिक यात्राएँ। कृतियाँ – ओरल एपिक्स ऑफ कालाहांडी, ओरल पोएट्री ऑफ कालाहांडी, फोकटेल्स ऑफ ओडिशा, विजनिंग फोकलोर, साओरा टेल्स एण्ड सॉन्ग्स आदि। पुरस्कार व सम्मान – कलेवला अवार्ड (फिनलैण्ड, 2002); ओडिशा के कलिंगा लिटरेरी एसोसिएशन द्वारा कलिंगा लिटरेरी अवार्ड, 2018; मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वीर शंकर शाह रघुनाथ शाह 2009 नेशनल अवार्ड; कालाहांडी की लोकसंस्कृति पर लिखी गयी आलोचना पुस्तक के लिए ओडिशा का साहित्य अकादेमी पुरस्कार; साहित्य पुरस्कार (1992); क्षेत्रबासी साहित्य विद्या अवार्ड (1991)

शम्भुनाथ, झारखण्ड, भारत

21 मई 1948 को झारखण्ड के देवघर में जन्म। प्रतिष्ठित हिन्दी आलोचक। कलकत्ता विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। आलोचना : साहित्य और जनसंघर्ष, मिथक और आधुनिक कविता, प्रेमचंद का पुनर्मूल्यांकन, बौद्धिक उपनिवेशवाद की चुनौती और रामचंद्र शुक्ल, दूसरे नवजागरण की ओर, धर्म का दुखांत, संस्कृति की उत्तरकथा, दुस्समय में साहित्य, हिंदी नवजागरण और संस्कृति, सभ्यता से संवाद, रामविलास शर्मा, भारतीय अस्मिता और हिन्दी, कवि की नई दुनिया। सम्पादन : भारतेंदु और भारतीय नवजागरण, राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन और प्रसाद, जातिवाद और रंगभेद, गणेश शंकर विद्यार्थी और हिन्दी पत्रकारिता, राहुल सांस्कृत्यायन, हिन्दी नवजागरण : बंगीय विरासत (दो खण्ड), रामचन्द्र शुक्ल के लेखों के बांग्ला अनुवाद का संकलन-संचयन, आधुनिकता की पुनर्व्याख्या, सामाजिक क्रान्ति के दस्तावेज (दो खण्ड), 1857, नवजागरण और भारतीय भाषाएँ, संस्कृति के प्रश्न : एशियाई परिदृश्य आदि। सम्मान व पुरस्कार : देवीशंकर अवस्थी पुरस्कार, रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार (उ.प्र. हिंदी संस्थान)।

देवेन्द्र चौबे, बिहार, भारत

1965, अहिरौली, बक्सर, बिहार में जन्म। हिन्दी के प्रतिष्ठित लेखक, विचारक और आलोचक। ये जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा केन्द्र में प्रोफेसर। कहानी संग्रह – कुछ समय बाद। आलोचना – आधुनिक भारत के इतिहास लेखन के कुछ साहित्यिक स्रोत, आलोचना का जनतन्त्र, आधुनिक साहित्य में दलित विमर्श, समकालीन कहानी का समाजशास्त्र, कथाकार अमृतलाल नागर : शहर की संस्कृति और इतिहास के कुछ सवाल। सम्पादन – हमारे समय का साहित्य, हाशिये का वृत्तान्त (स्त्री, दलित और आदिवासी समाज का वैकल्पिक इतिहास), 1857 : भारत का पहला मुक्ति संघर्ष, विश्व साहित्य : चुनिन्दा रचनाएँ, साहित्य का नया सौन्दर्यशास्त्र, चिन्तन की परम्परा और दलित साहित्य, समकालीन चीनी कहानियाँ, दस्तक, ‘पल प्रतिपल’ का समकालीन फ्रांसीसी साहित्य विशेषांक। लक्ष्मण गायकवाड़, महाराष्ट्र, भारत जन्म – 23 जुलाई 1956 में जन्म। मराठी भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यकार और समाज सेवक। आत्मकथात्मक उपन्यास ‘उचल्या’ के लिए महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार (मराठी) से सम्मानित किया गया। यह उपन्यास अंग्रेजी में ‘द ब्राण्डेड’ शीर्षक से अनूदित। ‘दुभंग’, ‘चिनी मथाची दिवस’, ‘समाज, साहित्य अनि स्वतन्त्रता’ और ‘वकिला परधी’ आदि कृतियाँ। सन् 1986 से ये जनकल्याण विकास संस्था के अध्यक्ष रहे और सन् 1990 से ऑल इण्डिया डी-नोटिफाइड नोमैडिक ट्राइब्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। मराठी भाषा के लिए साहित्य अकादमी में सलाहकार बोर्ड के संयोजक। साहित्य रत्न अन्ना भाऊ साठे पुरस्कार (2000), सार्क लिटरेरी अवार्ड (2001) और गुन्थेर सोन्थीमर मेमोरियल अवार्ड (2005) जैसे अनेक सम्मानों और पुरस्कारों से अलंकृत हैं।

शरणकुमार लिम्बाले, महाराष्ट्र, भारत/h3>

01 जून 1956 को जन्म। लिम्बाले का साहित्य दलित सोच के विकास को रूपायित करता है। वे केवल आत्मकथा लेखक ही नहीं, एक इतिहासज्ञ एवं एक चिन्तक भी हैं। आपने चालीस से अधिक पुस्तकें लिखीं। ‘अक्करमाशी’ (1984) आपकी आत्मकथात्मक कृति है, जिसके कारण ये विशेष रूप से जाने जाते हैं। ‘देवता आदमी’ आपका चर्चित कहानी संग्रह और ‘नरवानर’ आपका प्रसिद्ध उपन्यास रहा है। इनकी अन्य प्रमुख कृतियों में ‘दलित ब्राह्मण’ (कहानी) और ‘हिन्दू’ (उपन्यास) शामिल हैं। ये नासिक (महाराष्ट्र) के यशवन्त चव्हान महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण विभाग में निदेशक रहे। आप अनेक सम्मानों और पुरस्कारों से विभूषित हैं।

जयप्रकाश कर्दम, उत्तर प्रदेश, भारत

जयप्रकाश कर्दम का जन्म 05 जुलाई 1958 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इन्दरगढ़ी नामक गाँव में जन्म। दलित साहित्य से जुड़े एक प्रख्यात हिन्दी लेखक। कविता, कहानी और उपन्यास लिखने के अतिरिक्त दलित समाज की वस्तुगत सच्चाइयों को सामने लाने वाले अनेक निबन्ध व शोध पुस्तकों की रचना व सम्पादन भी इन्होंने किया है। कृतियाँ - संग्रह ‘गूँगा नहीं था मैं’, ‘तिनका-तिनका आग’, ‘छप्पर’ और ‘करुणा’ उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं। इनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान है इनके सम्पादन में प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली ‘दलित साहित्य वार्षिकी’। इन्होंने चालीस से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है। पुरस्कार व सम्मान – केन्द्रीय हिन्दी संस्थान का महापण्डित राहुल सांकृत्यायन सम्मान, हिन्दी अकादमी दिल्ली का विशेष सेवा सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का लोहिया साहित्य सम्मान, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी का सन्त रविदास सम्मान आदि।

अज़ीज़ हाजिनी, कश्मीर, भारत

07 मार्च 1957 को कश्मीर के सोनावारी में स्थित हाजिन में जन्म। ये कश्मीरी भाषा में परास्नातक और पीच.डी. कश्मीरी, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओं का ज्ञान है। इन्होंने ‘जम्मू एण्ड कश्मीर एकेडमी ऑफ आर्ट, कल्चर एण्ड लैंग्वेजेज़’ के सचिव के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। इनकी प्रकाशित कृतियों में शामिल हैं – आन-ए-खाने (2014), मीर गुलाम रसूल नाज़्की (2017), वितस्ता की सैर (2009), पैर ज़ान (2010), मौलवी सिदीक उल्लाह (2015), काशिर-ए- नात (2007) और नूर-ए-नूराँ (2009) आदि। अज़ीज़ हाजिनी पिछले चार दशकों से एक अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में थियेटर से भी सम्बद्ध रहे हैं तथा इन्होंने दूरदर्शन और ऑल इण्डिया रेडियो के लिए अनेक कार्यक्रमों का लेखन एवं निर्देशन भी किया है। डॉ. हाजिनी एक प्रख्यात संस्कृतिकर्मी हैं तथा जम्मू-कश्मीर की सबसे पुरानी व बड़ी साहित्यिक संस्था ‘अदबी मरकज़ कामराज़’ के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए थे। कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अनेक देशों के साहित्यिक कार्यक्रमों में इन्होंने भागीदारी की है। ये साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी के अनुवाद पुरस्कार तथा जम्मू एवं कश्मीर सरकार के खिलत-ए-शेख-उल-अलाम पुरस्कार से सम्मानित हैं। वर्तमान में अज़ीज़ हाजिनी साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के कश्मीरी सलाहकार मण्डल के संयोजक हैं।

हेमलता महिश्वर, मध्यप्रदेश, भारत

05 नवम्बर 1966 को मध्य प्रदेश के बालाघाट में जन्म। जामिया मिलिया इस्लामिया में हिन्दी विभाग में प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष। अखिल भारतीय दलित लेखिका मंच की संस्थापक सदस्य। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं जैसे- आलोचना, कथादेश, हंस, वर्तमान साहित्य, अनभै साँचा, युद्धरत आम आदमी, दलित अस्मिता, स्त्रीकाल आदि में आलोचनात्मक लेख, कविताएँ, कहानियाँ आदि प्रकाशित। कुछ कहानियों, कविताओं और लेखों का मराठी, पंजाबी, अंग्रेज़ी भाषाओं में अनुवाद। कहानियाँ जैन विश्वविद्यालय, बैंगलोर और इटली के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। प्रकाशित कृतियाँ – ‘स्त्री लेखन और समय के सरोकार’, ‘नील, नीले रंग के’, ‘धम्मपरित्तं’ सम्पादित कृतियाँ – ‘समय की शिला पर’ (मुकुटधर पाण्डेय पर केन्द्रित), ‘उनकी जिजीविषा, उनका संघर्ष’ तथा ‘रजनी तिलक : एक अधूरा सफ़र’ आदि। ‘युद्धरत आम आदमी’ पत्रिका के विशेषांक ‘हाशिये उलाँघती स्त्री’ का सम्पादन।

महेश दर्पण, हिमाचल प्रदेश, भारत

01 जुलाई, 1956 को धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में जन्म। बी.ए. ऑनर्स हिन्दी तथा एम.ए. हिन्दी के उपरान्त लम्बे समय तक सारिका, दिनमान तथा नवभारत टाइम्स के सम्पादन विभाग से सम्बद्ध रहने के बाद सम्प्रति स्वतन्त्र लेखन। अब तक आठ कहानी संग्रह, दो आलोचना पुस्तकें, दो लघु कथा संग्रह, एक यात्रा वृत्तांत, पाँच जीवनियाँ, पंचतन्त्र पर आधारित दस नाटक, तीन साक्षात्कार संग्रह, बीसवीं शताब्दी की हिन्दी कहानियाँ व स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कहानी कोश सहित तीस पुस्तकों का सम्पादन। दो पुस्तकों का अंग्रेजी से अनुवाद। ’सर्वनाम’ का रजत कृष्ण द्वारा सम्पादित महेश दर्पण अंक। पुरस्कार व सम्मान - गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार, साहित्यकार सम्मान, पुश्किन सम्मान, स्पन्दन पुरस्कार, कृति सम्मान सहित कुछ और। कहानी ’छल’ पर फिल्म तथा कतिपय रचनाएँ विविध पाठ्यक्रमों में शामिल।

वैभव सिंह, दिल्‍ली, भारत

4 सितंबर 1974 को जन्‍म। जेएनयू नई दिल्ली से पीएच.डी.। पुस्तकें- इतिहास और राष्ट्रवाद, भारतीय उपन्यास और आधुनिकता, शताब्दी का प्रतिपक्ष, भारतः एक आत्मसंघर्ष, कहानीः विचारधारा और यथार्थ (शीघ्र प्रकाश्य)। अनुवाद- मार्क्सवाद और साहित्यालोचन (टेरी ईगलटन), भारतीयता की ओर (पवन वर्मा)। संपादन- दिव्या- एक पुनर्मुल्यांकन, अरुण कमल- सृजनात्मकता के आयाम। सम्मान- देवीशंकर अवस्थी आलोचना सम्मान, शिवकुमार मिश्र स्मृति आलोचना सम्मान, स्पंदन आलोचना सम्मान। संप्रति- अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में अध्यापन।

विनोद पदरज, राजस्‍थान, भारत

13 फ़रवरी 1960 को राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के गाँव मलारना चौड़  में जन्म। राजस्थान विश्वविद्यालय से इतिहास में एम॰ए॰। कविताओं के कुल तीन संग्रह ‘कोई तो रंग है’ ‘अगन जल’ और ‘देस’ प्रकाशित राजस्थान पत्रिका का सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार। पिछले 35 वर्षों से ग्रामीण बैंक में सेवारत। प्रौढ़ शिक्षा के लिए भी साहित्य सृजन।

बलराम गुमास्ता, म.प्र., भारत

16 अप्रैल 1954 मझौली, जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश) में जन्‍म। बी.टेक. एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, जे.एन.के.विश्‍वविद्यालय, जबलपुर। एम.ए. (आर.एस.डी.), रेडिंग विश्वविद्यालय यू.के., अंतर्राष्ट्रीय टी.सी.टी. एवार्ड मिला। ब्रिटेन, फ्रांस और चेक रिपब्लिक की यात्राएं। सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का अध्ययन। चार महत्वपूर्ण कविता संग्रह - नीम से पुते मलयागर, विष्नू नाट्य कंपनी और अन्य कविताएं, नामवर, कवि-कपूत। 10 बाल संग्रह (कविताएं, कहानी, और विज्ञान नाटक) । रेडियो, दूरदर्शन, प्रादेशिक और राष्ट्रीय रचना - पाठ एवं विचार गोष्ठियों में भागीदारी। महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादक मंडलों में मानद सदस्य। पूर्व मुख्य कृषि अभियंता।

अनिल त्रिपाठी, उत्‍तर प्रदेश, भारत

1 मार्च 1971 उ.प्र. के सुल्तानपुर जिले के एक गांव में। शिक्षा- बी.ए. इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद से। एम.ए., एम.फिल., पीएच.डी. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली से। 'एक स्त्री का रोजनामचा' और 'अचानक कुछ नहीं होता' कविता संग्रह प्रकाशित। एक आलोचनात्मक पुस्तक - नई कविता और विजयदेव नारायण साही। संपादन - मिट्टी की रोशनी और प्रतिनिधि कविताएं:केदारनाथ सिंह।

अरुण देव, उत्तर प्रदेश, भारत

16 फरवरी 1972, कुशीनगर में जन्‍म। उच्च शिक्षा जे.एन.यू. नई दिल्ली से। ‘क्या तो समय’ और ‘कोई तो जगह हो’, कविता संग्रह प्रकाशित। ‘कोई तो जगह हो’ के लिए राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रीय सम्मान। नेपाली, मराठी, बांग्ला, असमिया, कन्नड़, अंग्रेजी आदि भाषाओँ में कविताओं के अनुवाद और कुछ लेख प्रकाशित। 9 वर्षों से हिंदी की चर्चित वेब पत्रिका ‘समालोचन’ का संपादन।

अरुणाभ सौरभ, बिहार, भारत

9 फरवरी, 1985, चैनपुर, सहरसा बिहार में जन्‍म। शिक्षा - एम.ए, बी.एड, पीएच.डी, नेट (जेआरएफ), एन.ई. स्लेट। प्रकाशित कृतियाँ : एतबे टा नहि, तेँ किछु आर (मैथिली कविता संग्रह), दिन बनने के क्रम में (हिन्दी कविता संग्रह) लम्बी का वितान (आलोचना पुस्तक), आद्य नायिका (लंबी कविता)। कन्नड़, मैथिली और असमिया से अनुवाद। पुरस्कार एवं सम्मान : भारतीय ज्ञानपीठ नई दिल्ली का नवलेखन पुरस्कार, साहित्य अकादेमी नई दिली का युवा पुरस्कार, माहेश्वरी सिंह महेश स्मृति ग्रंथ पुरस्कार पटना, देसिल बयना सम्मान, हैदराबाद। कई कविताओं के अनुवाद अंग्रेज़ी, मराठी, नेपाली, तेलगु, पोलिश, असमिया आदि भाषाओं में प्रकाशित।  सम्प्रति: एनसीईआरटी के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल में असिस्टेंट प्रोफेसर।

अशोक कुमार पाण्डेय, उत्तर प्रदेश, भारत

24 जनवरी 1975 को पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के मउ-जिले के सुग्‍गी चौरी गॉंव में जन्‍म। देवरिया और गोरखपुर से पढाई। अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी और प्रथम स्थान के साथ परास्नातक। दो कविता संकलन 'लगभग अनामंत्रित' और प्रलय में लय जितना, एक कहानी संकलन 'इस देश में मिलिट्री शासन लगा देना चाहिए', 'कार्ल मार्क्‍स: जीवन और विचार' मार्क्‍सवाद के मूल सिद्धांत के अलावा 'शोषण के अभ्‍यारण्‍य : भूमंडलीकरण और दुष्‍प्रभाव', 'आईना दर आईना' (काव्‍यालोचना) और 'कश्‍मीरनामा : इतिहास और समकाल' में प्रकाशित। ''कश्‍मीर और कश्‍मीरी पंडित' शीघ्र प्रकाश्‍य'। शान्तिमोय रे की किताब फ्रीडम मूमेंट एंड इंडियन मुस्लिम्‍स तथा शम्‍सुल इस्‍लाम की किताब 'वी ऑर अवर नेशन डिफाइंड : अ क्रिटिक' के अनुवाद प्रकाशित। सीरियाई कवयित्री मराम अल-ससरी की कविताओं की अनुवाद पुस्तिका 'मांस, प्रेम और स्‍वप्‍न' का सम्‍पादन तथा विश्‍व कविता से नियमित अनुवाद। कविताऍं और कहानियॉं कई भारतीय भाषाओं में अनूदित। कविता के लिए सब्‍यसाची स्‍मृति सम्‍मान औरपंकज सिंह स्‍मृति सम्‍मान। सम्‍प्रति- दिल्‍ली में ठिकाना और कश्‍मीरी कविताओं पर शोध जारी।

आशुतोष, उत्तर प्रदेश, भारत

कुशीनगर (उ.प्र.) के एक गाँव भीमल छपरा में 1978 में जन्म। एम.ए. (हिन्दी, अहिंसा एवं शांति अध्ययन) पीएच- डी. (हिन्दी)। शिक्षा गोरखपुर एवं वर्धा विश्वविद्यालय से। 2011 में ‘तद्भव’ में पहली कहानी “रामबहोरन की अनात्मकथा” प्रकाशित हुई। कहानियों के दो संग्रह ‘मरें तो उम्र भर के लिए’, और ‘उम्र पैंतालीस बतलाई गयी थी’ प्रकाशित। भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन अनुशंसा पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता द्वारा युवा पुरस्कार, श्यामलम, सागर द्वारा रमेश दत्त दुबे साहित्य सम्मान एवं आर्ष परिषद, सागर द्वारा स्वामी विवेकानंद सारस्वत सम्मान से सम्मानित। सम्‍प्रति : डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यापन।

प्रांजल धर, उत्तर प्रदेश, भारत

मई 1982 ई. में,उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के ज्ञानीपुर गाँव में जन्‍म। शिक्षा– जनसंचार एवं पत्रकारिता में परास्नातक। भारतीय जनसंचार संस्थान, जे.एन.यू. कैम्पस से पत्रकारिता में डिप्लोमा। कवि, अनुवादक, मीडिया विश्लेषक,आलोचक और स्तम्भकार। अवधी व अंग्रेजी भाषा में भी लेखन। राजस्थान पत्रिका पुरस्कार, अवध भारती सम्मान, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार, भारत भूषण अग्रवाल कविता पुरस्कार, बिहार में ‘बज़्म-ए-कलमकार’ की तरफ से विशेष लेखक सम्मान। इन्दौर में सम्पन्न सार्क के अन्तरराष्ट्रीय भाषायी पत्रकारिता महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के दर्ज़े से सम्मानित। हरिकृष्ण त्रिवेदी स्मृति युवा पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार, मीरा मिश्रा स्मृति पुरस्कार। पुस्तकें –पहला कविता संग्रह ‘अन्तिम विदाई से तुरन्त पहले’, ‘न्यू मीडिया और बदलता भारत’, ‘मीडिया और हमारा समय’, ‘समकालीन वैश्विक पत्रकारिता में अख़बार’, 'महत्व - रामधारी सिंह दिनकर:समर शेष है' (आलोचना एवं संस्मरण) पुस्तक का संपादन। ‘अनभै’ पत्रिका के चर्चित पुस्तक संस्कृति विशेषांक का सम्पादन।

राजू शर्मा दिल्‍ली, भारत

सन 1959 में जन्‍म। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के सेंट स्‍टीफंस कॉलेज से भौतिक विज्ञान में स्‍नातकोत्‍तर। लोक प्रशासन में पीएच.डी.। 1982 से 2010 तक आईएएस सेवा में रहे। उसके बाद से स्‍वतंत्र लेखन। प्रकाशित कृतियां- हलफनामें विसर्जन, पीर नवाज (उपन्‍यास), शब्‍दों का खाकरोब, समय के शरणा‍र्थी, नहर में कहती लाशें (कहानी संग्रह), भुवनपति, मध्‍यमवर्ग का आत्‍मनिवेदन या गुब्‍बारों की रूहानी उडान, जंगलवश (नाटक) राज, नेकरासोव, पिता (नाटक अनुवाद व रूपांतर) सम्‍मान-साहित्‍य कृति सम्‍मान, विजय वर्मा सम्‍मान, मुक्तिबोध साहित्‍य सम्‍मान।

राकेश मिश्रा, बिहार, भारत

14 जुलाई 1976 को मुंगेर (बिहार) में जन्म। अब तक चार कहानी संग्रह प्रकाशित - बाकी धुआँ रहने दिया, लाल बहादुर का इंजन, नागरी सभ्‍यता तथा मैं और मेरी कहानियाँ। प्रबोध मजुमदार स्‍मृति कथा सम्‍मान, कृष्‍ण प्रताप स्‍मृति कथा पुरस्‍कार तथा रवीन्‍द्र कालिया स्‍मृति कथा पुरस्‍कार से सम्‍मानित। इतिहास, संचार तथा शांति अध्‍ययन के विद्यार्थी रहे हैं तथा फिलहाल महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी विश्‍वविद्यालय के स्‍कूल ऑफ कल्‍चर में असिस्‍टेंट प्रोफेसर हैं। कुछ कहानियों का अन्‍य भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है और कुछ एक का मंचन भी।

दीपक पगारे 'मोहना' मध्‍यप्रदेश, भारत

27 अक्टूबर 1972 को ग्राम- गलगांव, पश्चिम निमाड में जन्‍म। शिक्षा - एम. काम., आयुर्वेद रत्न। हिंदी और निमाड़ी में लेखन। गीत, गजल, कविताएं आकाशवाणी, दूरदर्शन, भास्कर चैनल पर प्रसारित। सम्मान : वयम सम्मान, रामपूजन मलिक स्मृति गीतकार सम्मान, नार्मदीय युवा गौरव सम्मान, पिरानपीर-शीतलामाता सम्मान, गोपालदास नीरज गीतकार सम्मान, महात्मा फुले सम्‍मान। निमाड़ लोक संस्कृति न्यास खण्डवा।

दिविक रमेश, दिल्‍ली, भारत

वास्तविक नाम रमेश चंद शर्मा। 1946 में गांव किराड़ी, दिल्ली में जन्‍म। संपूर्ण शिक्षा दिल्ली में ही। अबतक विविध विधाओं में लगभग 80 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें 10 कविता-संग्रह, काव्य-नाटक ‘खण्ड-खण्ड अग्नि’, बालसाहित्य (कविता, कहानी, नाटक, संस्मरण) की लगभग 45 पुस्तकें और आलोचना-शोध की 8 पुस्तकें और अनेक संपादित और अनूदित पुस्तकें सम्मिलित। रचनाएं विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के पाठयक्रमों में सम्मिलित। साहित्य अकादेमी का बाल-साहित्य पुरस्कार, सोवियत लेंड नेहरू पुरस्कार, गिरिजा कुमार स्मृति राष्ट्रीय पुरस्कार, हिंदी अकादमी, दिल्ली का साहित्यकार सम्मान, कोरियाई दूतावास का प्रशंसा-पत्र, एन.सी.ई.आर.टी का राष्ट्रीय बाल-साहित्य पुरस्कार, उ.प्र. हिंदी संस्थान का बाल भारती पुरस्कार आदि। आई.सी.सी.आर.(भारत सरकार) की ओर से दक्षिण कोरिया के हांगुक विश्विद्यालय में अतिथि आचार्य के पद पर काम। दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू माहाविद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत। अनेक भाषाओं में रचनाएं अनूदित।

ममता कालिया, उत्‍तर प्रदेश भारत

दो नवम्बर सन 1940 को वृन्दावन में जन्म। दिल्ली, मुंबई, पुणे, इंदौर की विभिन्न शिक्षा संस्थाओं से गुज़रते हुए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एम्.ए. इंग्लिश किया तथा वहीँ प्राध्यापन भी। तत्‍पश्‍चात मुंबई के एस.एन.डी.टी. विश्वविद्यालय में परास्नातक विभाग में व्याख्याता। सन 1973 से वे इलाहाबाद के एक डिग्री कॉलेज में प्राचार्य नियुक्त हुईं और वहीँ से सन 2001 में अवकाश ग्रहण किया। प्रमुख उपन्यास— बेघर, नरक दर नरक, तीन लघु उपन्यास, दौड़, दुक्खम-सुक्खम, सपनों की होम डेलिवरी, कल्चर–वल्चर। प्रमुख कहानी संग्रह— छुटकारा, सीट नंबर छह, उसका यौवन,एक अदद औरत, जांच अभी जारी है, निर्मोही, मुखौटा, बोलने वाली औरत, थोडा सा प्रगतिशील, खुशकिस्मत। कविता संग्रह- ए ट्रिब्यूट टू पापा, पोयम 78 खांटी घरेलू औरत, पचास कवितायेँ, कितने प्रश्न करूं। संस्मरण— कल परसों के बरसों., कितने शहरों में कितनी बार। निबंध संग्रह— भविष्य का स्त्री विमर्श, स्त्री विमर्श का यथार्थ, ममता कालिया ने अनेक कहानी संकलनों का संपादन किया है तथा पांच वर्ष महात्मा गाँधी हिंदी अंतर राष्ट्रिय विश्वविद्यालय वर्धा की इंग्लिश पत्रिका हिन्दी की संपादक। पुरस्कार और सम्मान - सर्वश्रेष्ठ कहानी सम्मान, यशपाल कथा सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान, मनोहर लोहिया सम्मान, वनमाली सम्मान, वाग्देवि सम्मान, सीता स्मृति सम्मान, कमलेश्वर स्मृति सम्मान, के.के. बिरला फाउंडेशन का व्यास सम्मान, शिखर स्पंदन सम्मान, बिहार साहित्य सम्मलेन का शताब्दी सम्मान, रासबिहारी न्यास का शरतचंद्र सम्मान।

मणि मोहन, मध्यप्रदेश, भारत

02 मई 1967, सिरोंज (विदिशा) म. प्र. में जन्म। अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर तथा शोध उपाधि। एक शासकीय महाविद्यालय में प्रध्यापक । देश की महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्र - पत्रिकाओं में कवितायेँ तथा अनुवाद प्रकाशित। अब तक तीन कविता संकलन तथा दो अनुवाद पुस्तक प्रकाशित। सम्‍मान - वागीश्वरी पुरस्कार, प्रतिनिधि कविताओं का उर्दू, मराठी और पंजाबी में अनुवाद। पंजाबी में 'एक अनगढ़-सा सपना' और मराठी में 'कदाचित' शीर्षक से प्रतिनिधि कविताओं की अनुवाद पुस्तक प्रकाशित। अनुवाद के क्षेत्र में पिछले एक दशक से लगातार 9 सक्रिय। रोमानियन कवि मारिन सोरेस्क्यू तथा तुर्की कवयित्री मुइसेर एनिया की कविताओं की अनुवाद। सम्प्रति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (म.प्र.) में अध्‍यापन।

मनोज कुमार पांडेय, उत्‍तर प्रदेश, भारत

7 अक्‍टूबर 1977 को इलाहाबाद के एक गांव सिसवां में जन्‍म। इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय से हिन्‍दी साहित्‍य में परास्‍नातक। कहानियों की तीन किताबें, शहतूत, पानी और खजाना प्रकाशित। कहानियों की चौथी किताब 'बदलता हुआ देश' शीघ्र प्रकाश्‍य। कहानियों के अलावा कविता, आलोचना और संपादन में भी सक्रिय। देश की अनेक नाट्य संस्‍थाओं द्वारा कई कहानियों का मंचन। कई कहानियों पर फिल्‍में भी। अनेक क‍हानियों का उर्दू, पंजाबी, गुजराती, मराठी, मलयालम, अंग्रेजी, उडिया, आदि भाषाओं में अनुवाद। राम आडवाणी पुरस्‍कार, रवीन्‍द्र कालिया स्‍मृति कथा सम्‍मान, स्‍पंदन कृति सम्‍मान, भारतीय भाषा परिषद का युवा पुरस्‍कार, मीरा स्‍मृति पुरस्‍कार, विजय वर्मा स्‍मृति कथा सम्‍मान, प्रबोध मजुमदार स्‍मृति सम्‍मान।

दिव्या विजय, राजस्‍थान, भारत

20 नवम्‍बर 1984 को अलवर, राजस्‍थान में जन्‍म। बायोटेक्‍नॉलॉजी से स्‍नातक, सेल्‍स एंड मार्केटिंग में एमबीए, डामेटिक्‍स में स्‍नातकोत्‍तर। प्रकाशित पुस्‍तक-अलगोजे की धुन पर, हिन्‍दी साहित्‍य की मूर्धन्‍य पत्रिकाओं कथादेश, हंस नया ज्ञानोदय, इंद्रप्रस्‍थ भारती आदि में कहानी लेखन, इंटरनेट पर हिन्‍दी की अग्रणी वेबसाइट्स पर अद्यतन विषयों पर लेख। अंधा युग, नटी बिनोदिनी, किंग लियर, सारी रात, वीकेंड आदि नाटकों में अभिनय। रेडियो नाटकों में स्‍वर अभिनय। सम्‍मान - मैन्यूस्क्रिप्ट कॉन्टेस्ट विनर।  सम्प्रति - स्वंतत्र लेखन, वॉयस ओवर आर्टिस्ट।

कावेरी रायचौधरी, कोलकाता, भारत

23 फरवरी 1972 को जन्‍मा। शिक्षा - कोलकाता विश्‍वविद्यालय से स्‍नातक (इतिहास ऑनर्स) । अब तक 26 उपन्‍यास, 4 कहानी संग्रह, 2 काव्‍य संग्रह प्रकाशित। पुरस्कार-लीला मजुमदार स्‍मृति पुरस्‍कार, शैलजानन्‍द शत वर्ष स्‍मृति पुरस्‍कार, मोस्‍ट प्रामिसिंग राइटर अवार्ड एवं महादेवी वर्मा स्‍मृति पुरस्‍कार।

लिपिका साहा, पश्चिम बंगाल, भारत

30 दिसम्बर ,1965 को जन्‍म। शिक्षा : स्नातक (गोरखपुर विश्वविद्यालय,1983)। लेखन कृतियां : बांग्ला से हिन्दी एवं हिन्दी से बांग्ला में कहानियों ,उपन्यासों ,कविताओं एवं लेखों का अनुवाद। पहली अनूदित रचना ’पाथेर पांचाली अन्य विशेष अनुदित रचनायें - प्रथम आलोक (सुनील गंगोपाध्याय), शरणागत (समरेश मजुमदार), एकतारा, जर्म की पलकें (तिलोत्तमा मजुमदार), आमादेर कथा (विजया राय) एवं मैत्रेय जातक (वाणी बसु, भारतीय ज्ञानपीठ) जैसे प्रसिद्ध बांग्ला ग्रन्थों का हिन्दी में अनुवाद।

पूनम अरोड़ा, हरियाणा, भारत

इतिहास, मास कम्युनिकेशन और हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधियाँ। इनकी दो कहानियों 'आदि संगीत' और 'एक नूर से सब जग उपजे' को हरियाणा साहित्य अकादमी का युवा लेखन पुरस्कार। एक अन्य कहानी 'नवम्बर की नीली रातें' भी पुरस्कृत है। पूनम ने कहानी, कविता को संगीत के साथ मिलाकर अपनी आवाज़ में कई रेडियो शो भी किये हैं। फरीदाबाद, हरियाणा में निवास।

गीताश्री उत्‍तरप्रदेश, भारत

2 अप्रैल 1976 मुजफ्फरपुर बिहार में जन्‍म। प्रार्थना के बाहर और अन्य कहानियां, भूतलेखा, स्वप्न, साजिश और स्त्री, डाउनलोड होते सपने, लेडीज सर्कल, कहानी संग्रह प्रकाशित। हसीनाबाद (उपन्यास), औरत की बोली (स्त्री विमर्श), आकांक्षा के मानचित्र विमर्श स्त्री, सपनों की मंडी (शोध) प्रकाशित। संपादित कृतियाँ— नागपाश में स्त्री, कल के कलमकार, स्त्री को पुकारते हैं स्वप्न, हिन्दी सिनेमा, कथा रंगपूर्वी कहा, तेई लेखिकाएँ और राजेन्द्र यादव, रेखाएँ बोलती हैं आदि का संपादन। पुरस्कार एवं सम्मान—रामनाथ गोयनका : बेस्ट हिन्दी जर्नलिस्ट आफ द ईयर, इला त्रिवेणी सम्मान, सृजनगाथा अंतराष्ट्रीय सम्मान, भारतेंदु हरिश्चंद सम्मान, बिहार गौरव सम्मान, कुलदेवी परंपरा पर सीनियर फेलोशिप, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, रमणिक गुप्‍ता फाउंडेशन सम्‍मान, सृजन कुंज कथा सम्‍मान, शिवना कथा सम्‍मान, स्‍वतंत्र पत्रकारिता और साहित्‍य सम्‍मान आदि प्राप्त हैं।

सच्चिदानंद जोशी, सदस्य सचिव इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली

9 नवंबर 1963 को इंदौर म.प्र. में जन्म। बी.एससी., एम.ए. तथा पीएच.डी उपाधि। शिक्षा एवं पत्रिकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य सेवाएँ। देश भर की पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। एक काव्य संग्रह 'मध्यांतर' प्रकाशित, एक कथा संग्रह , दो लघु कथा संग्रह , पत्रकारिता पर दो पुस्तके , प्रधानमंत्री के भाषणों के पांच खंडों का संपादन। हिन्दी एवं मराठी रंगमंच के लिए कार्य। देश भर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दस वर्ष तक कुलपति.। सम्प्रति सदस्य सचिव, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली।

रामकुमार तिवारी, छत्‍तीसगढ, भारत

जन्म - 1 फरवरी 1961, तेइया, महोबा (उ.प्र.) में जन्‍म। शिक्षा - सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा। प्रकाशन - हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविता और कहानियों का प्रकाशन, कुछ कविताओं और कहानियों का देशी- विदेशी भाषाओं में अनुवाद, चयनित कविताओं का संग्रह ‘आसमान को सूरज की याद नहीं’ का गुरुमुखी में अनुवाद। कविता संग्रह 'जाने से पहले जाऊंगा' एवं 'कोई मेरं फोटो ले रहा है' प्रकाशित एवं 'अपनी परछाई में लौटता हूँ चुपचाप’ शीघ्र प्रकाश्‍य। कहानी संग्रह 'कुतुब एक्सप्रेस' प्रकाशित एवं 'बेवजह सी वजह’ शीघ्र प्रकाश्‍य। सम्मान- 'कादंबिनी’ का सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार। क्रियेटिव फिक्‍शन के लिए वर्ष 2000 का 'कथा’ पुरस्कार। सम्प्रति- जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ में कार्यरत।

डॉ. पिलकेन्द्र अरोरा, मध्‍यप्रदेश, भारत

1957 में मध्यप्रदेश उज्जैन में जन्म। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से एम.काम. और अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि। 20 वर्षों तक विभिन्न महाविद्यालयों में वाणिज्य का अध्यापन। लिफाफे का अर्थशास्त्र, साहित्य के प्रिंस, पाठक देवो भव और साहित्य के अब्दुल्ला संग्रहों का प्रकाशन। ‘व्यंग्य प्रदेश’ का संपादन। मप्र लेखक संघ भोपाल का माणिक वर्मा व्यंग्य सम्मान प्राप्त। सिख इतिहास एवं साहित्य पर केन्द्रित दो पुस्तकों युगस्रष्टा गुरू नानक और युगद्रष्टा एवं गुरू गोबिंद सिंह का लेखन। सम्प्रति- व्यंग्यकार, स्वतंत्र टिप्पणीकार एवं व्यवसाय।

प्रभाकर सिंह, उत्‍तर प्रदेश, भारत

इलाहाबाद जिले के मानपुर गाँव में सन् 1979 में जन्म। इण्टरमीडिएट तक की शिक्षा गाँव से बी.ए., एम.ए. और डी. फिल. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद से। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश से प्रवक्ता के रूप में चयनित होकर वर्ष 2004 से 2005 तक स्नाकोत्तर महाविद्यालय, पट्टी, प्रतापगढ़ में अध्यापन। वर्ष 2005 से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यापन। लगभग 50 आलेख और समीक्षाएं विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित। पुस्तकों में 20 से अधिक अध्यायों का प्रकाशन। ‘ई-पाठशाला’, ‘हिन्दी साहित्य ज्ञान कोश’ और उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्य सामग्रियों का प्रकाशन। कुछ कविताएँ भी प्रकाशित। ‘उपन्यासः मूल्यांकन के नये आयाम’ और ‘रीतिकाव्यः मूल्यांकन के नयो आयाम’ पुस्तकों का संपादन। ‘आधुनिक साहित्य : विकास और विमर्श’ पुस्तक प्रकाशित। ‘साहित्य का इतिहास लेखन : परम्परा और इतिहास- दृष्टि’ पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य। इन दिनों ‘अवधी और भोजपुरी लोक-संस्कृति में पर्यावरण-चेतना’ विषय पर शोधकार्य।

रवि रतलामी, मध्‍यप्रदेश, भारत

पूर्व टेक्नोक्रेट सॉफ्टवेयर स्थानीयकरण विशेषज्ञ, संपादक लेखक। दो दशकों से प्रशासकीय, प्रबंधन का कार्य अनुभव। हिन्दी में तकनीकी साहित्य लेखन व संपादन। कम्प्यूटरों, आईटी के हिन्दी व छत्तीसगढ़ी भाषा में स्थानीयकरण हिन्दी लिनक्स आपरेटिंग सिस्टम के प्रारंभिक रिलीज में प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका। आनलाइन सम्मेलनों, कार्यशालाओं में हिन्दी कम्प्यूटिंग, ब्लॉग, हिन्दी इंटरनेट संबंधी प्रस्तुतिकरण। विगत 15 वर्षों से नियमित रूप से हिन्दी में तकनीकी व्यंग्य ब्लॉग। आनलाईन पत्रिका 'रचनाकार' का संपादन। 4 पुस्तकें प्रकाशित। कम्प्यूटर तंत्रों के स्थानीकरण तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत। कई सम्मान और फैलोशिप प्राप्त।

बाबूलाल दाहिया, मध्यप्रदेश, भारत

10 फरवरी 1944 को पिथौराबाद जनपद उचेंहरा जिला सतना (मध्‍यप्रदेश) में जन्‍म। प्रकाशित कृतियां : बिन्ध्य केर माटी सयानन केर थाती, जनपदीय संस्कार गीत, जनपदीय आख्यान, जनपदीय पहेलियां, जनपदीय खेल गीत (बघेलखण्ड मे खेलते समय बच्चों द्वारा गाये जाने वाले गीत)। प्रकाशनाधीन- बघेली शब्दकोष, बघेली मुहावरें और लोकोक्तियां, बघेलखण्ड का अदभुत प्रेमगीत टप्पा, बघेलखण्ड के पर्व गीत, जनपदीय लोककथायें, नवीन बघेली काव्य संकलन, पसीना हमारे बद है।

राजेश जोशी, मध्यप्रदेश, भारत

18 जुलाई 1946 नरसिंहगढ़, मध्यप्रदेश में जन्म। शिक्षा-एम.एस-सी. (प्राणी शास्त्र) एम.ए. (समाजशास्त्र )। प्रकाशित कृतियाँ – समरगाथा (लम्बी कविता) । कविता संग्रह - एक दिन बोलेंगे पेड़, मिट्टी का चेहरा, नेपथ्य में हँसी, दो पंक्तियों के बीच, चाँद की वर्तनी, धूप घड़ी, जि़द | बच्चों के लिए कविताएँ - गेंद निराली मीठू की । कहानी संग्रह - सोमवार और अन्य कहानियाँ, कपिल का पेड़, मेरी चुनिन्दा कहानियाँ। औपन्यासिक आख्यान - किस्सा-कोताह। नाटक - जादू जंगल, अच्छे आदमी, पाँसे तथा सपना मेरा यही सखी, ब्रम्हराक्षस का नाई हमें जवाब चाहिये। अनुवाद - पतलून पहिना बादल, भूमि का यह कल्पतरू। आलोचना - एक कवि की नोटबुक, एक कवि की दूसरी नोटबुक, कविता का शहर। कविताएँ अनेक भारतीय तथा विदेशी भाषाओं में अनूदित। संपादन - इसलिए, नया पथ, वर्तमान साहित्य, ताप के ताए हुए दिन, नागार्जुन संचयन, मुक्तिबोध संचयन। पुरस्कार तथा सम्मान - साहित्य अकादेमी पुरस्कार, (तीन महत्वपूर्ण लेखकों की बर्बर हत्या, सरकार की चुप्पी और समाज में हिन्दुत्ववादी शक्तियों की असहिष्णुता के विरोध में पुरस्कार वापस किया)। श्रीकांत वर्मा स्मृति सम्मान, शमशेर सम्मान, माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, शिखर सम्मान, मुकुट बिहारी सरोज स्मृति सम्मान तथा निराला स्मृति सम्मान, कैफ़ी आज़मी अवार्ड, शशिभूषण स्मृति नाट्य सम्मान, प्रो। आफ़ाक़ अहमद स्मृति अवार्ड, जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान।

नीलेष रघुवंषी, मध्‍यप्रदेश, भारत

04 अगस्त 1969 गंजबासौदा मध्यप्रदेश में जन्म। शिक्षा - एम.ए. हिन्दी साहित्य, एम.फिल भाषा विज्ञान। कविता संग्रह-घर निकासी, पानी का स्वाद, अंतिम पंक्ति में, कवि ने कहा, खिड़की खुलने के बाद। उपन्यास - एक कस्बे के नोटस। बच्चों के नाटक-एलिस इन वंडरलैण्ड, डॉन क्विगजोट, झाँसी की रानी। छूटी हुई जगह स्त्री कविता पर नाट्य आलेख। ‘अभी ना होगा मेरा अन्त’ निराला पर नाट्य आलेख, ए क्रिएटिव लीजेण्ड, सैयद हैदर रजा एवं ब.व. कारंत पर नाटय आलेख और भी कई नाटक एवं टेलीफिल्म में पटकथा लेखन। पुरस्कार - भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, आर्य स्मृति साहित्य सम्मान, दुष्यंत कुमार स्मृति सम्मान, केदार सम्मान, शीला स्मृति पुरस्कार। युवा लेखन पुरस्कार - स्पंदन कृति पुरस्कार प्रेमचंद स्मृति सम्मान, 2014 का शैलप्रिया स्मृति सम्मान। संप्रति- दूरदर्शन केन्द्र, भोपाल में कार्यरत।

प्रो.जितेन्द्र श्रीवास्तव, नई दिल्‍ली, भारत

उ.प्र. के देवरिया जिले की रुद्रपुर तहसील के एक गॉंव सिलहटा में जन्म। शिक्षा-जे.एन.यू., नई दिल्ली से हिन्दी साहित्य में एम.ए., एम.फिल और पीएच.डी । कृतियॉं- इन दिनों हालचाल, अनभै कथा, असुन्दर सुन्दर, बिल्कुल तुम्हारी तरह, कायान्तरण कवि ने कहा कविता संग्रह, भारतीय समाज, राष्ट्रवाद और प्रेमचंद, शब्दों में समय, आलोचना का मानुष-मर्म, सर्जक का स्वप्न, विचारधारा, नए विमर्श और समकालीन कविता, उपन्यास की परिधि, रचना का जीवद्रव्य (आलोचना), शोर के विरूद्ध सृजन (ममता कालिया का रचना संसार), प्रेमचंदः स्त्री जीवन की कहानियॉं, प्रेमचंदः दलित जीवन की कहानियॉं, प्रेमचंदः स्त्री और दलित विषयक विचार, प्रेमचंदः हिन्दू-मुस्लिम एकता संबंधी कहानियॉं और विचार, प्रेमचंदः किसान जीवन की कहानियॉं, प्रेमचंदः स्वाधीनता आन्दोलन की कहानियॉं, कहानियॉं रिश्तों कीः (परिवार), प्रेमचंद कहानी समग्र (संपादन)। कविताओं का अंग्रेजी, मराठी, उर्दू, उडि़या और पंजाबी में अनुवाद हुआ है। साहित्यिक पत्रिका ‘उम्मीद’ का संपादन। भारत भूषण अग्रवाल सम्मान, देवीशंकर अवस्थी सम्मान, ‘कृति सम्मान’, ‘रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार’, ‘विजयदेव नारायण साही पुरस्कार’, युवा पुरस्कार, डॉ. रामविलास शर्मा आलोचना सम्मान और परम्परा ऋतुराज सम्मान प्राप्‍त। सम्‍प्रति : इग्नू के पर्यटन एवं आतिथ्य सेवा प्रबंध विद्यापीठ के निदेशक ।

शैलेन्द्र कुमार शुक्ल, उत्‍तर प्रदेश, भारत

जन्म 1986। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ग्रामीण परिवेश से। उच्च शिक्षा लखनऊ, बनारस, हैदराबाद और वर्धा विश्वविद्यालयों से। 'बलभद्र प्रसाद दीक्षित 'पढीस' की अवधी कविता में लोक' (एम.फिल.) तथा 'अवधी कविता: स्वभाव और प्रवृत्तियां' 1850-2010 (पी-एच. डी.) विषयों पर शोध कार्य। अवधी और हिंदी में विविध पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित एवं पत्र-पत्रिकाओं में गद्य लेखन। जीविकोपार्जन के लिए झारखंड में शिक्षण कार्य। हिंदी कविता के लिए वर्ष 2019 'डॉ. रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कार'।

कुँअर उदयसिंह अनुज, मध्‍यप्रदेश, भारत

15 जुलाई 1950 को ग्राम धरगॉंव, तहसील महेश्‍वर, जिला खरगोन, मध्‍यप्रदेश में जन्‍म। शिक्षा-एम.ए. हिंदी साहित्य,विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन। प्रकाशित पुस्तकें- 'लुच्चो छे यो जमानो दाजी!', लोकभाषा निमाड़ी में प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह, 'अभिजित का सपना', हिंदी में बाल कविताएँ, 'यह मुक़ाम कुछ और'। सम्मान- प्रथम सौमित्र सम्मान, वयम सम्मान, कस्तूरी देवी चतुर्वेदी स्मृति लोक भाषा सम्मान, गणगौर सम्मान, लोक सृजन सम्मान, लोक साहित्य सम्मान।

विनोद शाही

1 जनवरी 1955 चरखी दादरी में जन्‍म। शिक्षा -  एम.ए. हिंदी एवं अंग्रेज़ी, पीएच-डी। सम्मान- रामविलास शर्मा आलोचना सम्मान, समय माजरा आलोचना सम्मान, अवितोको प्रेरणा पुरस्कार, आकाशवाणी पुरस्कार तथा अन्य पुरस्‍कार।  अकादमिक - हिंदी ज्ञानकोष तथा जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के ई-पाठशाला प्रोजेक्ट से संबद्ध। एसोसिएट प्रोफेसर। प्रकाशित पुस्तकें- प्राच्यवाद और प्राच्य भारत, रामकथा : एक पुनर्पाठ, आलोचना की ज़मीन जयशंकर प्रसाद: एक पुनर्मूल्यांकन, बुल्लेशाह : समय और पाठ, समय के बीज आख्यान,  वारिसशाह : समय और पाठ, पतंजलि योग दर्शन : एक उत्तर-आधुनिक विमर्श, हिंदी साहित्य का इतिहास : एक उत्तर-औपनिवेशिक विमर्श, हिंदी आलोचना की सैद्धांतिकी, संस्कृति और राजनीति, साहित्य का द्वंद्वात्मक जीवित।  जनयोग- ज्ञान : क्या, क्यों, कैसे। शीघ्र  प्रकाश्य- कथा की सैद्धांतिकी, हिंदी उपन्यास के सौ साल, मार्क्ससवाद, भारत और तीसरी दुनियां।  संपादन - जगदीश चंद्र रचनावली (चार खंड), तमस : एक पुनर्पाठ, गांधी : अहिंसक इन्कलाब और हिंद स्वराज, भगत सिंह : इन्कलाबी चिंतन के दस्तावेज, तथा अन्य।  कहानी संग्रह- इतिहास चोर, अचानक अजनबी, ब्लैक आउट, श्रवणकुमार की खोपड़ी। नाटक- पंचम वेद, झूठ पुराण, जंगलघर, काली की बेटी, एक हत्या की हत्या तथा अन्य। काव्य-शिविर सं.,  नये आदमी का जन्म, शाश्वत विस्थापन, प्रबंध काव्य (प्रकाश्य)।

मदन कश्‍यप, बिहार, उत्‍तर प्रदेश, भारत/h3>

29 मई 1954 को बिहार के वैशाली जनपद में जन्‍म। शिक्षा- बिहार विश्‍वविद्यालय से हिन्‍दी भाषा-साहित्‍य में एम.ए. किया। कविता संग्रह- लेकिन उदास है पृथ्‍वी, नीम रोशनी में, कुरूज, दूर-दूर तक चुप्‍पी, अपना ही देश, पनसोखा है इंद्रधनुष। सम्‍मान- शमशेर सम्‍मान, केदार सममान और नागार्जुन पुरस्‍कार। कुछ कविताओं के अंग्रेजी सहित कई देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित। आलेखों के तीन संग्रह- 'मतभेद', 'लहुलुहान लोकतंत्र' और 'राष्ट्रवाद का संकट प्रकाशित और चर्चित।'

सुजाता, दिल्‍ली, भारत

9 फरवरी 1978 को दिल्ली में जन्‍म। शिक्षा - दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी और प्रथम स्थान से स्नातकोत्तर करने के बाद ‘हिंदी कहानी में सीमांतीय अस्मिताओं का प्रश्न (1970 से2000 तक)’ विषय पर शोध- कार्यकार्य। हिंदी के पहले सामुदायिक स्त्रीवादी ब्लॉग ‘चोखेरेबाली’ की शुरुआत से लेकर भारतीय ज्ञानपीठ से आए कविता संकलन ‘अनंतिम मौन के बीच’ तक  स्त्रीवाद की अपनी गहरी समझ, सरोकारों और भाषा के अनूठे प्रयोगों से पहचान बनाने वाली सुजाता पिछले एक दशक से दिल्ली विश्विद्यालय में अध्यापन कर रही हैं। स्त्रीवाद पर एक किताब ‘स्त्री निर्मिति’ और उपन्यास 'एक बटा दो' प्रकाशित हैं। पुरस्कार- नवोदित लेखक पुरस्कार, लक्ष्मण प्रसाद मण्डलोई स्मृति सम्मान, पाण्डुलिपि अनुशंसा पुरस्कार, वेणुगोपाल स्मृति सम्मान। सम्प्रति: श्यामलाल कॉलेज , दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध।

उर्मिला शिरीष, मध्‍यप्रदेश, भारत

19 अप्रैल, 1959 को जन्म। शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पी.एचडी., डी.लिट्.। उर्दू, अंग्रेज़ी, पंजाबी, सिन्धी, ओडि़या तथा तेलगू में कुछ कहानियों का अनुवाद। कहानी संग्रह - उर्मिला शिरीष की लोकप्रिय कहानियाँ, बिवाईयाँ तथा अन्य कहानियाँ, उर्मिला शिरीष की श्रेष्ठ कहानियाँ, दीवार के पीछे, मेरी प्रिय कथाएँ, ग्यारह लम्बी कहानियाँ, कुर्की और अन्य कहानियाँ, लकीर तथा अन्य कहानियाँ, पुनरागमन, निर्वासन, रंगमंच, शहर में अकेली लड़की, सहमा हुआ कल, केंचुली, मुआवजा, वे कौन थे। जीवनी : बयावाँ में बहार (गोविन्द मिश्र की जीवनी)। साक्षात्कार -शब्दों की यात्रा के साथ (साहित्यकारों से साक्षात्कार), संपादित पुस्तकें : खुशबू, धूप की स्याही, प्रभाकर श्रोत्रिय : आलोचना की तीसरी परम्परा, सृजनयात्रा : गोविन्द मिश्र। सम्मान/पुरस्कार - अखिल भारतीय मुक्तिबोध पुरस्कार, कमलेश्‍वर कथा सम्मान, रामदास तिवारी सम्मान, कृष्णप्रताप कथा सम्मान, शैलेष मटियानी चित्राकुमार कथा सम्मान, कहानी संग्रह ‘पुनरागमन’ को विजय वर्मा कथा पुरस्कार, डॉ. बलदेव मिश्र पुरस्कार, वागीष्वरी पुरस्कार, समर स्मृति साहित्य पुरस्कार। सम्प्रति : प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (हिन्दी), शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल।

डॉ रेखा कस्‍तवार, मध्‍यप्रदेश, भारत

17 मार्च 1957 को नागपुर में जन्‍म। भोपाल विश्‍वविद्यालय से प्रावीण्‍य सूची में प्रथम स्‍थान के साथ हिन्‍दी साहित्‍य में एम.ए.। बरकतुल्‍ला विश्‍वविद्यालय से स्‍त्री विमर्श पर पीएच.डी की उपाधि। 35 वर्ष का हिन्‍दी भाषा एवं साहित्‍य अध्‍यापन अनुभव। स्त्री चिंतन की चुनौतियॉं, किरदार जिंदा है, अपने होने का अर्थ महत्‍वपूर्ण पुस्‍तकें। कहानी संग्रह 'मुर्गीखाना' शीघ्र प्रकाश्‍य। देश की महत्‍वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन। दृश्‍य-श्रव्‍य माध्‍यम में सतत् भागीदारी। वागीश्‍वरी पुरस्‍कार सहित अन्‍य सम्‍मान प्राप्‍त। सम्‍पति- सरोजिनी नायडू शासकीय कन्‍या महाविद्यालय में प्राध्‍यापक।

महेन्द्र गगन, मध्‍यप्रदेश, भारत

जन्म : 1953 उज्जैन। गत चालीस वर्षों से पत्रकारिता, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय। मध्य प्रदेश के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों एवं आंचलिक इलाकों का सघन दौरा कर जनजातीय समस्याओं की तथ्य परक एवं विश्लेषणात्मक रिर्पोटिंग ज़ारी की। इसी संबंध में म.प्र. विधान सभा की पत्रकार दीर्धा सलाहकार समिति में मनोनीत किया गया तथा म.प्र. शासन के जन सम्पर्क विभाग में अनेक कमेटियों में सदस्य रहे। पहले-पहल पाक्षिक का सेंतीस वर्षों से निरन्तर प्रकाशन एवं सम्पादन। कविता संग्रह - ‘मिट्टी जो कम पड़ गयी’ और ‘तुमने छुआ’। सम्‍मान : पहले-पहल के लिए राजबहादुर पाठक स्मृति सम्मान, रामेश्वर गुरु पुरस्कार, वागेश्वरी पुरस्कार, शब्द शिल्पी सम्मान, असद भोपाली सम्मान, विनय दुबे स्मृति सम्मान, अखिल भारतीय तुलसी नेमा साहित्य सम्मान। राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी रूपाम्बरा की म.प्र. इकाई के उपाध्यक्ष साहित्यक आयोजनों में देश के प्रमुख नगरों में हिस्सेदारी एवं दो बार साहित्यिक आमंत्रण पर विदेश यात्राएँ। सम्प्रति : पहले-पहल पाक्षिक का संपादन |

संदीप कुमार, मध्‍यप्रदेश, भारत

जन्म मध्य प्रदेश के एक छोटे से जिले कटनी में। शिक्षा दीक्षा मध्य प्रदेश के ही एक अन्य शहर रीवा में भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर उपाधि लेने के बाद पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस, दैनिक भास्कर और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में कार्यानुभव। फिलहाल कारोबारी दैनिक बिजनेस स्टैंडर्ड में मध्य प्रदेश प्रतिनिधि के रूप् में कार्यरत। प्रगतिशील वसुधा, हंस, कथादेश, दैनिक भास्कर रसरंग, नवभारत टाइम्स, नई दुनिया समेत देश के तमाम प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताएं एवं सम-सामयिक लेख प्रकाशित। साहित्य, खासकर कविताओं में गहरी अभिरुचि। पाब्लो नेरुदा, माया एंजेलो, व्लादीमीर मायकोवस्की के अतिरिक्त समकालीन विश्व कविताओं का अनुवाद। कविता पुस्तक- विचारधाराओं का टकराव का ई संस्करण प्रकाशित।